WHO ऐसे वायरस की पहचान में लगा, जो कोरोना जैसी महामारी को दे सकता है जन्म; Disease X पर सबकी नजर

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जिनेवा. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि वह प्राथमिक स्तर पर रोग फैलाने वाले ऐसे जीवाणु, वायरस या अन्य सूक्ष्मजीवों की एक लिस्ट को अपडेट कर रहा है जो भविष्य में प्रकोप या महामारी का कारण बन सकते हैं. इन वायरसों को किसी भी महामारी के उत्पन्न होने की स्थिति में एक उपाय के तौर पर कड़ी निगरानी में रखा गया है.

डब्ल्यूएचओ द्वारा ऐसे जीवाणुओं की पहली सूची 2017 में प्रकाशित की गई थी और लिस्ट तैयार करने के लिए आखिरी अभ्यास 2018 में किया गया था. वर्तमान सूची में कोविड -19, क्रीमियन-कॉन्ग रक्तस्रावी बुखार, इबोला वायरस रोग और मारबर्ग वायरस रोग, लस्सा बुखार, मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (MERS) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (SARS), निपाह और हेनिपाविरल रोग, रिफ्ट वैली फीवर, जीका और रोग एक्स शामिल हैं.

रोग एक्स (Disease X) को एक अज्ञात जीवाणु या विषाणु को दिखाने के लिए सूची में शामिल किया गया है जो एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय महामारी हो सकती है. डब्ल्यूएचओ 300 से अधिक वैज्ञानिकों को बुला रहा है जो रोग एक्स सहित 25 वायरस परिवारों और जीवाणुओं पर अध्ययन और आगे शोध करेंगे.

डब्ल्यूएचओ के स्वास्थ्य आपात कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक डॉ माइकल रयान ने कहा कि प्राथमिक रोगजनकों और वायरस परिवारों पर ध्यान केंद्रित करने से टीके विकसित करने में मदद मिल सकती है. डॉ रयान ने कहा, ‘महामारी के खिलाफ तेजी से और प्रभावी उपाय के लिए अनुसंधान और विकास के मकसद से प्राथमिक रोगजनकों और वायरस परिवारों को लक्षित करना जरूरी है. कोविड-19 महामारी से पहले महत्वपूर्ण अनुसंधान एवं विकास के बिना, सुरक्षित और प्रभावी टीके विकसित करना रिकॉर्ड समय में संभव नहीं होता.’

विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने इस सूची को रिसर्च कम्युनिटी के लिए एक संदर्भ बिंदु कहा है ताकि वे अगले खतरे से निपटने की तैयारी के लिए अपनी ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित कर सकें. डॉ स्वामीनाथन ने कहा, ‘यह क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ मिलकर विकसित किया गया है और जहां हम एक वैश्विक शोध समुदाय के रूप में परीक्षण, उपचार और टीके विकसित करने के लिए ऊर्जा और धन निवेश करने की जरूरत की दिशा में हैं. हम अमेरिकी सरकार, हमारे पार्टनर्स और उन वैज्ञानिकों का धन्यवाद देते हैं जो इसे संभव बनाने के लिए डब्ल्यूएचओ के साथ काम करते हैं.’

Tags: Coronavirus, WHO

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