Vastu Tips : दक्षिण-पश्चिम में हो द्वार तो क्या करें और क्या ना करें | Vastu Tips for south-west facing main door: Do and Donts

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Astrology

lekhaka-Gajendra sharma

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Vastu
Tips
for
south-west
Door:

वास्तु
शास्त्र
के
सिद्धांत
आज
भी
सटीक
बैठते
हैं।
उनका
पालन
करके
बनाए
गए
घरों
में
कोई
दोष
नहीं
होता
और
उनमें
निवास
करने
वाले
सदा
प्रसन्न
और
सुखी
रहते
हैं।
किंतु
यदि
घर
में
कोई
वास्तुदोष
रह
गया
है
तो
उसमें
रहने
वालों
का
जीवन
नर्क
के
समान
हो
जाता
है।
वास्तु
शास्त्र
में
दक्षिण-पश्चिम
मुखी
अर्थात्
नैऋत्य
कोण
में
स्थित
मुख्य
द्वार
ठीक
नहीं
माना
गया
है।
ऐसे
घरों
निवास
करने
वालों
को
कोई

कोई
शारीरिक
परेशानी
बनी
रहती
है।
विशेषकर
ऐसे
घरों
की
स्ति्रयां
रोगी
रहती
हैं।
साथ
ही
घर
में
धन
की
आवक
भी
बाधित
होती
है।
आइए
जानते
हैं
विस्तार
से-

 Vastu Tips


दक्षिण-पश्चिम
मुखी
घर
से
हानि

  • नैऋत्य
    कोण
    का
    स्वामी
    राहु
    होता
    है।
    नैऋत्य
    में
    यदि
    घर
    का
    मुख्य
    द्वार
    है
    तो
    वहां
    सकारात्मक
    ऊर्जा
    में
    हमेशा
    कमी
    बनी
    रहती
    है।
  • चूंकिऐसे
    घरों
    में
    सूर्यास्त
    के
    समय
    की
    सूर्य
    किरणें
    प्रवेश
    करती
    है
    जो
    हानिकारक
    होती
    हैं।
    उनसे
    अनेक
    प्रकार
    के
    रोग
    उत्पन्न
    होने
    का
    अंदेशा
    रहता
    है।
  • दक्षिण-पश्चिम
    दिशा
    में
    मुख्य
    द्वार
    होने
    पर
    घर
    की
    स्ति्रयां
    हमेशा
    रोगी
    रहती
    हैं।
    उन्हें
    मस्तिष्क
    और
    नेत्र
    संबंधी
    बड़े
    विकार
    उत्पन्न
    होते
    हैं।
  • नैऋत्य
    दिशा
    के
    घरों
    में
    धन
    की
    आवक
    कम
    रहती
    है।
    परिवार
    का
    मुखिया
    हमेशा
    धन
    को
    लेकर
    चिंतित
    रहता
    है।
  • नैऋत्य
    दिशा
    में
    घर
    का
    मुख्य
    द्वार
    होने
    से
    उसमें
    निवास
    करने
    वालों
    के
    मन
    में
    हमेशा
    एक
    अनजाना
    भय
    बना
    रहता
    है।


क्या
निवारण
करें

  • यदि
    आपने
    दक्षिण-पश्चिम
    मुखी
    घर
    ले
    ही
    लिया
    है
    तो
    उसमें
    कुछ
    बदलाव
    करके,
    कुछ
    बातों
    का
    ध्यान
    रखकर
    दोष
    दूर
    किया
    जा
    सकता
    है।
  • दक्षिण-पश्चिम
    दिशा
    में
    अधिक
    ऊंचे
    और
    बड़े
    पेड़
    लगाने
    चाहिए
    ताकिशाम
    के
    समय
    की
    धूप
    घर
    में
    प्रवेश

    कर
    सके।
  • दक्षिण-पश्चिम
    दिशा
    में
    घर
    का
    विस्तार

    करें।
    अर्थात्
    इस
    दिशा
    में
    कोई
    नया
    निर्माण

    करें।
  • दक्षिण-पश्चिम
    दिशा
    में
    कोई
    जल
    तत्व
    जरूर
    रखें।
    जैसे
    फव्वारा
    या
    पानी
    का
    कोई
    कुंड
    आदि
    बनाया
    जा
    सकता
    है।
  • ऐसे
    घर
    का
    इशान
    कोण
    अर्थात्
    उत्तर-पूर्वी
    भाग
    खुला
    रखें।
    ताकिअधिक
    से
    अधिक
    सकारात्मक
    ऊर्जा
    भीतर

    सके।
  • मुख्य
    द्वारा
    पर
    घर
    के
    सदस्यों
    की
    संख्या
    के
    बराबर
    पीतल
    की
    छोटी-छोटी
    पट्टियां
    लगाएं।
  • घर
    के
    मुख्य
    द्वार
    पर
    चंदन
    की
    लकड़ी
    का
    टुकड़ा
    लगा
    दें।
  • घर
    के
    अंदर
    चंदन
    की
    धूप-बत्ती
    नियमित
    रूप
    से
    लगाएं।
  • ऐसे
    घर
    में
    शराब
    का
    सेवन
    बिलकुल

    करें।


Atithi
Devo
Bhava:
पढ़ें
कपोत
युगल
का
अतिथि
सत्कार,
मजेदार
है
ये
किस्सा

English summary

According tp Vastu Shastra, the south-west facing main door is not good. so here is some tips and Do and Donts.

Story first published: Thursday, November 17, 2022, 7:00 [IST]

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