Uttarakhand Subordinate Service Selection Commission: Assistant Teacher Accused Of Cheating In The Examination Was Arrested – उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग: परीक्षा में नकल कराने का आरोपी सहायक अध्यापक गिरफ्तार, तीन साल से था फरार

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संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रपुर
Published by: रेनू सकलानी
Updated Tue, 01 Mar 2022 09:01 PM IST

सार

वर्ष 2019 में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सहायक अध्यापक एलटी और कनिष्क सहायक डाटा एंट्री आपरेटर की लिखित परीक्षा कराई थी।

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सॉल्वर गैंग चला रहे नकल माफिया शिक्षक को गिरफ्तार करने में एसटीएफ को सफलता मिल गई है। वह तीन साल से फरार था। उसे अमरोहा जिले के गजरौला थाना क्षेत्र से धर दबोचा गया। कोर्ट में पेश कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है।

वर्ष 2019 में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सहायक अध्यापक एलटी और कनिष्क सहायक डाटा एंट्री आपरेटर की लिखित परीक्षा कराई थी। इसमें 22 लोगों को फर्जी अभ्यर्थियों के माध्यम से परीक्षा दिलवाने का मामला सामने आया था। मामले में रुद्रपुर थाने में केस दर्ज किया गया था। फर्जी अभ्यर्थियों का गैंग चलाने वाला मुख्य आरोपी जलालपुर अमरोहा निवासी विजयवीर पुत्र खचेड़ू पिछले दो वर्षों से फरार था।

22 आवेदन पत्रों में एक ही ई-मेल आईडी
पुलिस ने आरोपी पर पांच हजार का इनाम भी घोषित किया था। एसटीएफ ने सोमवार को इंद्रा चौक गजरौला से विजयवीर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी विजयवीर अमरोहा जिले के सरकारी जूनियर हाईस्कूल अफजलपुरलूट रजबपुर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत था। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में विजयवीर और उसके एक साथी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें विजयवीर को पकड़ लिया गया है। 

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अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में फर्जीवाड़े का सिलसिला फार्म भरने के साथ ही शुरू हो गया था। 22 लोगों का आवेदन पत्र लगभग एक साथ भरा गया, जिसमें सभी में एक ही ई मेल आईडी का प्रयोग किया गया। मामला पकड़ में आने के बाद आयोग ने सभी 22 लोगों का रिजल्ट रोक दिया था। 

इनामी शिक्षक को गजरौला से गिरफ्तार कर लिया है। इनामी बदमाशों पर एसटीएफ लगातार शिकंजा कर रही है। अब तक पांच इनामी अपराधियों को पकड़ा जा चुका है।
-अजय सिंह, एसएसपी, एसटीएफ

विस्तार

सॉल्वर गैंग चला रहे नकल माफिया शिक्षक को गिरफ्तार करने में एसटीएफ को सफलता मिल गई है। वह तीन साल से फरार था। उसे अमरोहा जिले के गजरौला थाना क्षेत्र से धर दबोचा गया। कोर्ट में पेश कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है।


वर्ष 2019 में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सहायक अध्यापक एलटी और कनिष्क सहायक डाटा एंट्री आपरेटर की लिखित परीक्षा कराई थी। इसमें 22 लोगों को फर्जी अभ्यर्थियों के माध्यम से परीक्षा दिलवाने का मामला सामने आया था। मामले में रुद्रपुर थाने में केस दर्ज किया गया था। फर्जी अभ्यर्थियों का गैंग चलाने वाला मुख्य आरोपी जलालपुर अमरोहा निवासी विजयवीर पुत्र खचेड़ू पिछले दो वर्षों से फरार था।

22 आवेदन पत्रों में एक ही ई-मेल आईडी

पुलिस ने आरोपी पर पांच हजार का इनाम भी घोषित किया था। एसटीएफ ने सोमवार को इंद्रा चौक गजरौला से विजयवीर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी विजयवीर अमरोहा जिले के सरकारी जूनियर हाईस्कूल अफजलपुरलूट रजबपुर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत था। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में विजयवीर और उसके एक साथी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें विजयवीर को पकड़ लिया गया है। 

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अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में फर्जीवाड़े का सिलसिला फार्म भरने के साथ ही शुरू हो गया था। 22 लोगों का आवेदन पत्र लगभग एक साथ भरा गया, जिसमें सभी में एक ही ई मेल आईडी का प्रयोग किया गया। मामला पकड़ में आने के बाद आयोग ने सभी 22 लोगों का रिजल्ट रोक दिया था। 

इनामी शिक्षक को गजरौला से गिरफ्तार कर लिया है। इनामी बदमाशों पर एसटीएफ लगातार शिकंजा कर रही है। अब तक पांच इनामी अपराधियों को पकड़ा जा चुका है।

-अजय सिंह, एसएसपी, एसटीएफ

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