UN में भारत ने आतंकी संगठनों का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान को लगाई लताड़

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हाइलाइट्स

UN भारत ने आतंकी संगठनों का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान को लगाई लताड़
आतंकियों के नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल पर भी उठाए सवाल.
आतंकी संगठनों के खिलाफ बिना किसी देरी के कार्रवाई करने की मांग की.

न्यूयॉर्क. भारत ने संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations) में बुधवार को (स्थानीय समयानुसार) वैश्विक समुदायों से अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से संचालित होने वाले आतंकी संगठनों का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान को बुलाने का आग्रह किया. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अररिया-सूत्र की बैठक में “अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी खतरों” पर बोलते हुए भारतीय राजनयिक राजेश परिहार ने कहा, “यह हाई टाइम है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ऐसे राज्यों से पाकिस्तान को बुलाए. साथ ही प्रभावी, विश्वसनीय, सत्यापन योग्य और अपरिवर्तनीय सबूतों की तलाश करें. पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों से संचालित होने वाले आतंकी संगठनों के खिलाफ बिना किसी देरी के कार्रवाई करनी चाहिए.”

पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और हिज्ब-उल मुजाहिदीन (एचयूएम) जैसे आतंकवादी समूहों पर कड़ा प्रहार करते हुए राजेश परिहार ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी समूह जैसे लश्कर, लश्कर, HUM, JeM ने भारत में नागरिकों, सुरक्षा बलों, पूजा स्थलों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को लक्षित करते हुए सीमा पार से काम करना जारी रखा है. इन समूहों से भारत के लिए पेश किए गए खतरों को हाल ही में 1988 की समिति को विश्लेषणात्मक समर्थन और प्रतिबंध निगरानी टीम की 13वीं रिपोर्ट में भी उजागर किया गया है.”

उन्होंने आतंकवादी समूह द्वारा अपने दुराग्रही लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के विस्तार पर भी प्रकाश डाला. परिहार ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रयासों के बावजूद आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है, जिसमें पिछले दो दशकों में यूएनएससी के नेतृत्व में इसके खतरे का मुकाबला करने और इसे रोकने के लिए प्रयास शामिल हैं. आतंकवाद का खतरा न केवल बढ़ रहा है, बल्कि ये एक दर से विस्तार कर रहा है. विशेष रूप से एशिया और अफ्रीका में नए क्षेत्रों में तेजी से ये बढ़ रहा है. वहीं, आतंकवादी समूह द्वारा अपने दुराचारी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों का विस्तार भी हो रहा है.’
हाल के दिनों में आतंकवादियों ने संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब पर नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को लक्षित करते हुए सीमा पार ड्रोन हमले शुरू किए. जिसके परिणामस्वरूप भारतीय नागरिकों की जान चली गई और कई घायल हो गए. भारतीय राजनयिक ने कहा, “भारत ने संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में इन सीमा पार ड्रोन हमलों की निंदा की है. हमने दो सप्ताह पहले एक होटल पर अल-शबाब द्वारा किए गए आतंकवादी हमले की भी निंदा की, जिसमें 20 से अधिक लोगों की जान चली गई.” सोमालिया की राजधानी मोगादिशु के हयात होटल में अल-शबाब के आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में 40 लोगों की मौत हो गई और 70 से अधिक घायल हो गए.

परिहार ने परिषद से आतंकवादी समूहों द्वारा नई प्रौद्योगिकियों के उपयोग, इस खतरे का आकलन करने के लिए एक नई और उभरती प्रवृत्ति पर ध्यान देने की अपील की. साथ ही इस खतरे से निपटने के लिए एक प्रभावी और समय पर प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने का आग्रह किया.

Tags: United nations, United Nations General Assembly

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