Sukhbir Singh Badal Sought Time From Sit In Kotkapura Firing Case – कोटकपूरा गोलीकांड: सुखबीर बादल ने Sit से मांगा समय, आप ने साधा निशाना, कहा- कब तक बचते रहेंगे?

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कोटकपूरा गोली कांड मामले में सुखबीर सिंह बादल ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) से समय मांगा है। इसके बाद आम आदमी पार्टी ने उन पर निशाना साधा। आप प्रवक्ता मलविंदर सिंह कांग ने सुखबीर सिंह बादल के एसआईटी के सामने न पेश होने पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल जांच से भाग रहे हैं।

आप प्रवक्ता ने कहा कि सुखबीर ने पहले कहा समन नहीं मिला फिर समय कम होने की बात कही और अगली तारीख मांगी। इसका मतलब है कि दाल में कुछ काला है। सुखबीर सिंह बादल जांच से मुंह छिपा रहे हैं। लोगों को सालो से इंसाफ नहीं मिला और सुखबीर को अभी भी समय चाहिए? क्या यही पंजाब के लोगों के लिए सुखबीर के मन में सम्मान है? कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं। कब तक बहाने बना बना कर खुद को बचा लेंगे? जांच से भागकर सुखबीर बादल ने साबित कर दिया की वो डरपोक हैं, केवल निहत्थे और मासूम लोगों पर गोलियां चलवा सकता हैं।

आज होना था पेश
दरअसल, सुखबीर बादल को मंगलवार (30 अगस्त) यानी आज ही एसआईटी के सामने पेश होना था। मगर पेश होने से पहले उन्होंने मोहलत मांग ली है। नई एसआईटी का नेतृत्व एडीजीपी लालकृष्ण यादव कर रहे हैं। 2015 में गोलीकांड की घटना के दौरान शिअद प्रधान सुखबीर बादल सरकार में उपमुख्यमंत्री थे। उनके पास गृह विभाग भी था। एसआईटी इससे पहले राज्य के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी से पूछताछ कर चुकी है।

समन के मुताबिक शिअद प्रधान को सुबह 10:30 बजे सेक्टर 32 स्थित पंजाब पुलिस अधिकारी संस्थान में पेश होना था। साल 2015 के अक्तूबर महीने में फरीदकोट में श्री गुरुग्रंथ साहिब जी के अंग बिखरे मिले थे। इस पर सिखों ने विरोध प्रदर्शन किया। उग्र प्रदर्शन होने पर कोटकपूरा पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चला दी थी। इसमें दो की मौत हो गई थी और कई गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। अब एसआईटी यह जानने की कोशिशों में जुटी है कि क्या पुलिसकर्मियों ने सेल्फ डिफेंस में गोली चलाई थी या राजनीतिक दबाव की वजह से उन्हें गोली चलाने पर मजबूर होना पड़ा।

विस्तार

कोटकपूरा गोली कांड मामले में सुखबीर सिंह बादल ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) से समय मांगा है। इसके बाद आम आदमी पार्टी ने उन पर निशाना साधा। आप प्रवक्ता मलविंदर सिंह कांग ने सुखबीर सिंह बादल के एसआईटी के सामने न पेश होने पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल जांच से भाग रहे हैं।

आप प्रवक्ता ने कहा कि सुखबीर ने पहले कहा समन नहीं मिला फिर समय कम होने की बात कही और अगली तारीख मांगी। इसका मतलब है कि दाल में कुछ काला है। सुखबीर सिंह बादल जांच से मुंह छिपा रहे हैं। लोगों को सालो से इंसाफ नहीं मिला और सुखबीर को अभी भी समय चाहिए? क्या यही पंजाब के लोगों के लिए सुखबीर के मन में सम्मान है? कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं। कब तक बहाने बना बना कर खुद को बचा लेंगे? जांच से भागकर सुखबीर बादल ने साबित कर दिया की वो डरपोक हैं, केवल निहत्थे और मासूम लोगों पर गोलियां चलवा सकता हैं।

आज होना था पेश

दरअसल, सुखबीर बादल को मंगलवार (30 अगस्त) यानी आज ही एसआईटी के सामने पेश होना था। मगर पेश होने से पहले उन्होंने मोहलत मांग ली है। नई एसआईटी का नेतृत्व एडीजीपी लालकृष्ण यादव कर रहे हैं। 2015 में गोलीकांड की घटना के दौरान शिअद प्रधान सुखबीर बादल सरकार में उपमुख्यमंत्री थे। उनके पास गृह विभाग भी था। एसआईटी इससे पहले राज्य के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी से पूछताछ कर चुकी है।

समन के मुताबिक शिअद प्रधान को सुबह 10:30 बजे सेक्टर 32 स्थित पंजाब पुलिस अधिकारी संस्थान में पेश होना था। साल 2015 के अक्तूबर महीने में फरीदकोट में श्री गुरुग्रंथ साहिब जी के अंग बिखरे मिले थे। इस पर सिखों ने विरोध प्रदर्शन किया। उग्र प्रदर्शन होने पर कोटकपूरा पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चला दी थी। इसमें दो की मौत हो गई थी और कई गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। अब एसआईटी यह जानने की कोशिशों में जुटी है कि क्या पुलिसकर्मियों ने सेल्फ डिफेंस में गोली चलाई थी या राजनीतिक दबाव की वजह से उन्हें गोली चलाने पर मजबूर होना पड़ा।

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