Special Coincidence Of Bhai Dooj Is Being Made After Solar Eclipse – Bhai Dooj 2022: 50 साल बाद सूर्य ग्रहण के बाद बन रहा भैया दूज का खास संयोग, भाई-बहन में बढ़ेगा प्रेम

0
19

Bhai Dooj 2022

Bhai Dooj 2022
– फोटो : iStock

ख़बर सुनें

भैया दूज का पर्व 26 अक्तूबर को है। सूर्य ग्रहण के बाद पहले दिन पड़ने वाला यह भैयादूज का संयोग 50 वर्षों के बाद आ रहा है। ऐसे संयोग के कारण भाई-बहन में प्रेम बढ़ेगा। यह कहना है चंडीगढ़ के सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख और कर्मकांडी पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र का। 

उन्होंने कहा कि भैयादूज कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया के दिन यमुना ने अपने भाई यमराज को घर में अपराह्न काल में भोजन कराया था इसलिए यह तिथि भ्रातृ द्वितीया या यम द्वितीया के रूप में मनाई जाती है। इस दिन अपराह्न में भाई दूज मनाने की परंपरा है। इस वर्ष 26 और 27 अक्तूबर को दो दिन द्वितीया विद्यमान है। 26 अक्तूबर को अपराह्न काल एक बजे से दोपहर बाद तीन बजकर 24 मिनट तक रहेगा इसलिए 26 अक्तूबर को ही भैयादूज का त्योहार मनाया जाएगा। 

ये है मुहूर्त
श्री देवालय पूजक परिषद के प्रधान और सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि 26 अक्तूबर को 12 बजकर 45 मिनट पर द्वितीया समाप्त होती है इसलिए यह पर्व 26 अक्तूबर को ही मनाया जाएगा। पंजाब में सूर्योदय काल से ही इस पर्व को मनाने की परंपरा है इसलिए 10 बजकर 21 मिनट से लेकर 12 बजकर एक मिनट तक शुभ की चौघड़िया है इसलिए इसमें भी बहन अपने भाई को टीका कर भोजन करवा सकती है। 

विस्तार

भैया दूज का पर्व 26 अक्तूबर को है। सूर्य ग्रहण के बाद पहले दिन पड़ने वाला यह भैयादूज का संयोग 50 वर्षों के बाद आ रहा है। ऐसे संयोग के कारण भाई-बहन में प्रेम बढ़ेगा। यह कहना है चंडीगढ़ के सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख और कर्मकांडी पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र का। 

उन्होंने कहा कि भैयादूज कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया के दिन यमुना ने अपने भाई यमराज को घर में अपराह्न काल में भोजन कराया था इसलिए यह तिथि भ्रातृ द्वितीया या यम द्वितीया के रूप में मनाई जाती है। इस दिन अपराह्न में भाई दूज मनाने की परंपरा है। इस वर्ष 26 और 27 अक्तूबर को दो दिन द्वितीया विद्यमान है। 26 अक्तूबर को अपराह्न काल एक बजे से दोपहर बाद तीन बजकर 24 मिनट तक रहेगा इसलिए 26 अक्तूबर को ही भैयादूज का त्योहार मनाया जाएगा। 

ये है मुहूर्त

श्री देवालय पूजक परिषद के प्रधान और सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि 26 अक्तूबर को 12 बजकर 45 मिनट पर द्वितीया समाप्त होती है इसलिए यह पर्व 26 अक्तूबर को ही मनाया जाएगा। पंजाब में सूर्योदय काल से ही इस पर्व को मनाने की परंपरा है इसलिए 10 बजकर 21 मिनट से लेकर 12 बजकर एक मिनट तक शुभ की चौघड़िया है इसलिए इसमें भी बहन अपने भाई को टीका कर भोजन करवा सकती है। 

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here