Shimla News: Scam In Municipal Corporation Shimla On Petrol Bill – शिमला: नगर निगम में पेट्रोल के नाम पर लाखों रुपये का घपला, चार्जशीट करने की तैयारी

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सांकेतिक तस्वीर

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– फोटो : सोशल मीडिया

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नगर निगम शिमला में पेट्रोल के नाम पर हर महीने लाखों रुपये का घपला चल रहा था। शहर से कूड़ा ढोने वाली कई गाड़ियों के चालक हर महीने गोलमाल कर नगर निगम को तीन से चार लाख रुपये की चपत लगा रहे थे। घपले का खुलासा होने के बाद निगम प्रशासन ने इस मामले में जांच बैठा दी है। एक चालक को चार्जशीट करने की तैयारी भी कर ली है और कुछ अन्य चालक  भी जांच के दायरे में है। शहर में कूड़ा ढोने के लिए 70 गाड़ियां लगाई गई हैं।

इनमें करीब आधा दर्जन बड़ी गाड़ियां हैं। हर महीने इन वाहनों में औसतन साढ़े सात लाख रुपये से ज्यादा का पेट्रोल डलता था। कूड़ा ढोने वाली गाड़ियों में निगम ने जीपीएस लगाए थे लेकिन इसे खराब कर दिया गया। कुछ चालक लॉगबुक भी सही तरीके से नहीं भर रहे थे। निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चेतन चौहान को पेट्रोल की खपत पर संदेह हुआ। खुद ही शुरुआती जांच शुरू कर दी। अगस्त से ढली के उस पेट्रोल पंप पर कर्मचारी तैनात कर दिया जहां निगम की इन गाड़ियों में तेल भरवाया जाता है। 

निगम स्वास्थ्य अधिकारी ने एक चालक को पेट्रोल बिल में गड़बड़ी कर एक ही दिन में हजारों रुपये का घपला करते पकड़ा। इस चालक के खिलाफ कार्रवाई की गई। साथ ही जांच भी जारी रखी। अब नगर निगम के पास बीते तीन महीने की तेल खपत की रिपोर्ट आ गई। इसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ। इसमें जिन 70 गाड़ियों में पहले साढ़े सात लाख रुपये से ज्यादा का तेल भरवाया जा रहा था, वही अब साढ़े तीन लाख रुपये के तेल में पूरा महीने चलने लगी हैं। 

चालक बदले तो नेता से की शिकायत
नगर निगम ने शुरुआती जांच में घपला सामने आने पर चालकों को एक दूसरे वार्डों के वाहनों में शिफ्ट कर दिया। इस पर चालकों ने आपत्ति जताई। कई चालकों ने अफसरों की नेताओं से शिकायत तक कर दी। इन्हें बदलने पर अड़ गए लेकिन बाद में निगम की सख्ती पर ड्यूटी ज्वाइन करनी पड़ी।

यहां जानिए किस महीने कितनी खपत
माह               तेल खपत रुपये में 
मई               7.99 लाख रुपये
जून              7.48 लाख रुपये
जुलाई            6.50 लाख रुपये
अगस्त            3.50 लाख रुपये
सितंबर            3.49 लाख रुपये

60 लीटर तेल, दो दिन में ही खत्म
रिज से कूड़ा उठाकर भरयाल संयंत्र ले जाने वाली एक गाड़ी में भी घपला पकड़ा गया। चालक इस गाड़ी के रोज सुबह रिज से भरयाल के लिए दो चक्कर लगाता था और हर दो दिन बाद इस गाड़ी में 60 लीटर पेट्रोल डलवाता था। निगम ने चेकिंग के लिए यहां दूसरी गाड़ी तैनात की। इस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। इस 60 लीटर पेट्रोल में गाड़ी दस दिन तक चलती रही।

जांच में सामने आई गड़बड़ी : आयुक्त
राजधानी में कूड़ा ढोने वाली गाड़ियों की पेट्रोल खपत चेक करने के बाद इसमें गड़बड़ी पाई गई है। इस पर जांच बिठा दी है। निगम स्वास्थ्य अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं। सभी वाहनों में जीपीएस लगाने का भी फैसला लिया है। – आशीष कोहली, आयुक्त नगर निगम शिमला

विस्तार

नगर निगम शिमला में पेट्रोल के नाम पर हर महीने लाखों रुपये का घपला चल रहा था। शहर से कूड़ा ढोने वाली कई गाड़ियों के चालक हर महीने गोलमाल कर नगर निगम को तीन से चार लाख रुपये की चपत लगा रहे थे। घपले का खुलासा होने के बाद निगम प्रशासन ने इस मामले में जांच बैठा दी है। एक चालक को चार्जशीट करने की तैयारी भी कर ली है और कुछ अन्य चालक  भी जांच के दायरे में है। शहर में कूड़ा ढोने के लिए 70 गाड़ियां लगाई गई हैं।

इनमें करीब आधा दर्जन बड़ी गाड़ियां हैं। हर महीने इन वाहनों में औसतन साढ़े सात लाख रुपये से ज्यादा का पेट्रोल डलता था। कूड़ा ढोने वाली गाड़ियों में निगम ने जीपीएस लगाए थे लेकिन इसे खराब कर दिया गया। कुछ चालक लॉगबुक भी सही तरीके से नहीं भर रहे थे। निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चेतन चौहान को पेट्रोल की खपत पर संदेह हुआ। खुद ही शुरुआती जांच शुरू कर दी। अगस्त से ढली के उस पेट्रोल पंप पर कर्मचारी तैनात कर दिया जहां निगम की इन गाड़ियों में तेल भरवाया जाता है। 

निगम स्वास्थ्य अधिकारी ने एक चालक को पेट्रोल बिल में गड़बड़ी कर एक ही दिन में हजारों रुपये का घपला करते पकड़ा। इस चालक के खिलाफ कार्रवाई की गई। साथ ही जांच भी जारी रखी। अब नगर निगम के पास बीते तीन महीने की तेल खपत की रिपोर्ट आ गई। इसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ। इसमें जिन 70 गाड़ियों में पहले साढ़े सात लाख रुपये से ज्यादा का तेल भरवाया जा रहा था, वही अब साढ़े तीन लाख रुपये के तेल में पूरा महीने चलने लगी हैं। 

चालक बदले तो नेता से की शिकायत

नगर निगम ने शुरुआती जांच में घपला सामने आने पर चालकों को एक दूसरे वार्डों के वाहनों में शिफ्ट कर दिया। इस पर चालकों ने आपत्ति जताई। कई चालकों ने अफसरों की नेताओं से शिकायत तक कर दी। इन्हें बदलने पर अड़ गए लेकिन बाद में निगम की सख्ती पर ड्यूटी ज्वाइन करनी पड़ी।

यहां जानिए किस महीने कितनी खपत

माह               तेल खपत रुपये में 

मई               7.99 लाख रुपये

जून              7.48 लाख रुपये

जुलाई            6.50 लाख रुपये

अगस्त            3.50 लाख रुपये

सितंबर            3.49 लाख रुपये

60 लीटर तेल, दो दिन में ही खत्म

रिज से कूड़ा उठाकर भरयाल संयंत्र ले जाने वाली एक गाड़ी में भी घपला पकड़ा गया। चालक इस गाड़ी के रोज सुबह रिज से भरयाल के लिए दो चक्कर लगाता था और हर दो दिन बाद इस गाड़ी में 60 लीटर पेट्रोल डलवाता था। निगम ने चेकिंग के लिए यहां दूसरी गाड़ी तैनात की। इस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। इस 60 लीटर पेट्रोल में गाड़ी दस दिन तक चलती रही।

जांच में सामने आई गड़बड़ी : आयुक्त

राजधानी में कूड़ा ढोने वाली गाड़ियों की पेट्रोल खपत चेक करने के बाद इसमें गड़बड़ी पाई गई है। इस पर जांच बिठा दी है। निगम स्वास्थ्य अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं। सभी वाहनों में जीपीएस लगाने का भी फैसला लिया है। – आशीष कोहली, आयुक्त नगर निगम शिमला

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