SC का गाजियाबाद कोर्ट से अनुरोध- समन पर 27 जनवरी को सुनवाई न करें | SC requests Ghaziabad court – do not hear the summons on January 27

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गाजियाबाद2 घंटे पहले

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पत्रकार राणा अय्यूब के खिलाफ गाजियाबाद की अदालत में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज चल रहा है। - Dainik Bhaskar

पत्रकार राणा अय्यूब के खिलाफ गाजियाबाद की अदालत में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज चल रहा है।

PMLA मामले में पत्रकार राणा अय्यूब को गाजियाबाद कोर्ट जारी समन पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इनकार कर दिया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अय्यूब को फिलहाल राहत दे दी है। SC ने गाजियाबाद कोर्ट को आदेश देने की बजाय अनुरोध किया है कि 27 जनवरी को समन पर सुनवाई न की जाए।

पत्रकार राणा अय्यूब पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज है। पिछले दिनों प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ गाजियाबाद की PMLA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए राणा अय्यूब को समन जारी किया और 27 जनवरी को पेश होने का आदेश दिया। राणा अय्यूब की अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने सुप्रीम कोर्ट में इस समन को चुनौती दी थी, जिस पर बुधवार को सुनवाई हुई।

जस्टिस कृष्ण मुरारी की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि इस मामले पर 31 जनवरी को सुनवाई करेंगे। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि इस मामले में आर्टिकल-32 के तहत यहां मामला कैसे सुना जा सकता है? अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने कहा कि गाजियाबाद की अदालत द्वारा जारी समन PMLA के फैसले के खिलाफ है।

कोर्ट ने याची से पूछा क्या हाईकोर्ट को ऐसा करने के लिए शक्ति नहीं है? इस पर तो हाईकोर्ट भी विचार कर सकता है। इस पर ग्रोवर ने कहा कि यह रिकॉर्ड का हिस्सा है कि इस मामले में गाजियाबाद का नहीं बल्कि बॉम्बे की अदालत का ज्यूरीडिक्शन है। अधिवक्ता ने कहा कि अगर समन को हम हाईकोर्ट में चुनौती देते हैं तो उसकी सुनवाई में वक्त लगेगा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी नहीं करते हुए गाजियाबाद कोर्ट से 27 जनवरी को मामले पर सुनवाई ना करने का आग्रह किया है।

इंदिरापुरम थाने में दर्ज हुई थी FIR

‘हिंदू IT सेल’ के फाउंडर विकास सांकृत्यायन ने राणा अयूब के खिलाफ पिछले साल गाजियाबाद के थाना इंदिरापुरम में मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा दर्ज कराया था। ईडी ने इस केस की जांच की और पिछले दिनों आरोप पत्र गाजियाबाद कोर्ट में दायर कर दिया।

आरोप- 2.69 करोड़ फंड आया, खर्च किए सिर्फ 29 लाख रुपए

ED ने चार्जशीट में कहा है कि राणा अय्यूब ने ऑनलाइन क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म केट्‌टो पर तीन कैंपेन शुरू किए थे। इनके जरिए अप्रैल-मई 2020 के बीच स्लम में रहने वाले लोगों और किसानों के लिए, जून-सितंबर 2020 के बीच असम, बिहार और महाराष्ट्र में राहत कार्य के लिए और मई-जून 2021 में कोरोना प्रभावित लोगों के लिए फंड जुटाया गया।

राणा अय्यूब को 2.69 करोड़ रुपए का डोनेशन मिला, जिसमें से 80.49 लाख रुपए फॉरेन करेंसी में आए। इसके बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशंस एक्ट (FCRA) का उल्लंघन करने के आरोप में राणा अय्यूब के खिलाफ जांच शुरू की, जिसके बाद अय्यूब ने फॉरेन डोनेशन लौटा दिया।

ED के मुताबिक, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जो फंड जुटाया गया वह पहले अय्यूब के पिता और बहन के अकाउंट में आया और यहां से अय्यूब के पर्सनल अकाउंट में ट्रांसफर किया गया। इसमें से 50 लाख रुपए लेकर अय्यूब ने अपने लिए फिक्स्ड अकाउंट खोला, जबकि 50 लाख रुपए दूसरे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। सिर्फ 29 लाख रुपए राहत कार्यों में इस्तेमाल किए गए।

ईडी के आरोप पत्र पर सुनवाई के लिए गाजियाबाद की अदालत ने राणा अयूब को समन जारी किया है। इससे राहत पाने के लिए राणा अयूब ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया है, जिस पर अब 25 जनवरी को सुनवाई होनी है।

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