Sanyukt Kisan Manch: Third Phase Of The Movement Announced, Companies Demand To Increase The Price Of Apple Pu – संयुक्त किसान मंच: आंदोलन के तीसरे चरण का किया एलान, कंपनियों से सेब खरीद के दाम 30 फीसदी बढ़ाने की मांग

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 संयुक्त किसान मंच ने सेब खरीद करने वाली निजी कंपनियों को लागत के आधार पर 30 फीसदी तक सेब के दाम बढ़ाने की अंतिम चेतावनी दी है। गुरुवार को मंच की कार्यकारी समिति की बैठक में आंदोलन के तीसरे चरण का एलान किया गया। मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान ने बताया कि तीसरे चरण में 25 अगस्त को अदाणी के तीन सीए स्टोरों पर बागवान धरना-प्रदर्शन करेंगे। मंच ने प्रदेश सरकार से कंपनियों की ओर से जारी रेट को तुरंत निरस्त कर बागवानी विश्वविद्यालय के वीसी की अध्यक्षता में गठित कमेटी की तुरंत बैठक बुलाने की भी मांग उठाई है।

बीते एक साल में सेब की लागत 30 से 80 फीसदी तक बढ़ गई है। खाद, कीटनाशक, कार्टन और ट्रे सहित अन्य लागत वस्तुओं के दाम बेतहाशा बढ़े हैं। लागत के अनुपात में निजी कंपनियों को खरीद मूल्य तय करने होंगे। अदाणी सहित अन्य कंपनियों ने बीते साल सीजन के अंत में जो दाम घोषित किए थे उसके मुकाबले इस साल बहुत कम दाम जारी किए हैं। पिछले साल कंपनियों ने सेब के दाम 85 रुपये, 73 रुपये, 63 रुपये और 53 रुपये प्रति किलो तय किये थे, लेकिन इस साल सीजन की शुरूआत में अदानी ने 76 रुपये, 68 रुपये, 60 रुपये और 52 रुपये प्रति किलो घोषित किए हैं।

इससे साफ है कि सरकार अदानी व अन्य कंपनियों के दबाव में काम कर रही है। सरकार संयुक्त किसान मंच के 20 सूत्रीय मांगपत्र पर अभी भी गंभीर नहीं है, मात्र झूठी घोषणाएं कर भ्रम फैला रही है। सरकार की किसान बागवान विरोधी नीति के कारण सेब सीजन पर संकट खड़ा हो गया है। सरकार के नकारात्मक रवैये के कारण प्रदेश में कृषि व बागवानी से आजीविका कमाने वाले लाखों परिवारों की रोजी रोटी खतरे में पड़ गई है। संयुक्त किसान मंच ने सरकार की किसान बागवान विरोधी नीतियों के खिलाफ लंबा आंदोलन चलाने का फैसला लिया है।

विधायक सिंघा सहित पांच पर एफआईआर
गुरुवार को मालरोड और रिज मैदान पर धारा 144 तोड़ कर जनसभा करने और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में शिमला पुलिस ने विधायक राकेश सिंघा, संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान, सह संयोजक संजय चौहान, किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह तंवर और एडवोकेट सुरेंद्र वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अधीक्षक शिमला डॉ. मोनिका भटुंगुरू ने इसकी पुष्टि की है।

डरा धमकाकर बागवानों के आंदोलन को कुचलने का प्रयास : नौटी
वहीं, आम आदमी पार्टी के किसान विंग के अध्यक्ष अनिंदर सिंह नौटी ने कहा कि किसान विरोधी भाजपा सरकार का चेहरा बेनकाब हुआ है। प्रदेश में डबल इंजन से विकास के नाम पर सत्ता में आई भाजपा सरकार अब किसानों को कुचलने का प्रयास कर रही है। हिमाचल में 32 साल बाद किसान, बागवान अपने मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। अब सरकार गिरफ्तार और केस दर्ज करने के दम पर बागवानों को डरा धमका रही है। किसान, बागवान अन्याय के खिलाफ  और अपना हक मांगने के लिए आंदोलन कर रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर गायब हैं।  एक तरफ  सरकार कमेटियों का गठन कर किसानों की समस्याओं को हल करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर अदानी ने अपने स्तर पर सेब के दाम घोषित कर दिए हैं। जिससे बागवानों में रोष है। बागवानों को अब न तो सरकार और न ही सरकार की कमेटियों पर भरोसा रहा है। 

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 संयुक्त किसान मंच ने सेब खरीद करने वाली निजी कंपनियों को लागत के आधार पर 30 फीसदी तक सेब के दाम बढ़ाने की अंतिम चेतावनी दी है। गुरुवार को मंच की कार्यकारी समिति की बैठक में आंदोलन के तीसरे चरण का एलान किया गया। मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान ने बताया कि तीसरे चरण में 25 अगस्त को अदाणी के तीन सीए स्टोरों पर बागवान धरना-प्रदर्शन करेंगे। मंच ने प्रदेश सरकार से कंपनियों की ओर से जारी रेट को तुरंत निरस्त कर बागवानी विश्वविद्यालय के वीसी की अध्यक्षता में गठित कमेटी की तुरंत बैठक बुलाने की भी मांग उठाई है।

बीते एक साल में सेब की लागत 30 से 80 फीसदी तक बढ़ गई है। खाद, कीटनाशक, कार्टन और ट्रे सहित अन्य लागत वस्तुओं के दाम बेतहाशा बढ़े हैं। लागत के अनुपात में निजी कंपनियों को खरीद मूल्य तय करने होंगे। अदाणी सहित अन्य कंपनियों ने बीते साल सीजन के अंत में जो दाम घोषित किए थे उसके मुकाबले इस साल बहुत कम दाम जारी किए हैं। पिछले साल कंपनियों ने सेब के दाम 85 रुपये, 73 रुपये, 63 रुपये और 53 रुपये प्रति किलो तय किये थे, लेकिन इस साल सीजन की शुरूआत में अदानी ने 76 रुपये, 68 रुपये, 60 रुपये और 52 रुपये प्रति किलो घोषित किए हैं।

इससे साफ है कि सरकार अदानी व अन्य कंपनियों के दबाव में काम कर रही है। सरकार संयुक्त किसान मंच के 20 सूत्रीय मांगपत्र पर अभी भी गंभीर नहीं है, मात्र झूठी घोषणाएं कर भ्रम फैला रही है। सरकार की किसान बागवान विरोधी नीति के कारण सेब सीजन पर संकट खड़ा हो गया है। सरकार के नकारात्मक रवैये के कारण प्रदेश में कृषि व बागवानी से आजीविका कमाने वाले लाखों परिवारों की रोजी रोटी खतरे में पड़ गई है। संयुक्त किसान मंच ने सरकार की किसान बागवान विरोधी नीतियों के खिलाफ लंबा आंदोलन चलाने का फैसला लिया है।

विधायक सिंघा सहित पांच पर एफआईआर

गुरुवार को मालरोड और रिज मैदान पर धारा 144 तोड़ कर जनसभा करने और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में शिमला पुलिस ने विधायक राकेश सिंघा, संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान, सह संयोजक संजय चौहान, किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह तंवर और एडवोकेट सुरेंद्र वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अधीक्षक शिमला डॉ. मोनिका भटुंगुरू ने इसकी पुष्टि की है।

डरा धमकाकर बागवानों के आंदोलन को कुचलने का प्रयास : नौटी

वहीं, आम आदमी पार्टी के किसान विंग के अध्यक्ष अनिंदर सिंह नौटी ने कहा कि किसान विरोधी भाजपा सरकार का चेहरा बेनकाब हुआ है। प्रदेश में डबल इंजन से विकास के नाम पर सत्ता में आई भाजपा सरकार अब किसानों को कुचलने का प्रयास कर रही है। हिमाचल में 32 साल बाद किसान, बागवान अपने मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। अब सरकार गिरफ्तार और केस दर्ज करने के दम पर बागवानों को डरा धमका रही है। किसान, बागवान अन्याय के खिलाफ  और अपना हक मांगने के लिए आंदोलन कर रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर गायब हैं।  एक तरफ  सरकार कमेटियों का गठन कर किसानों की समस्याओं को हल करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर अदानी ने अपने स्तर पर सेब के दाम घोषित कर दिए हैं। जिससे बागवानों में रोष है। बागवानों को अब न तो सरकार और न ही सरकार की कमेटियों पर भरोसा रहा है। 

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