Russia-Ukraine war: यूक्रेन की हालत पतली, US की चेतावनी- रूस से बातचीत की पेशकश ठुकराने के होंगे गंभीर नतीजे

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हाइलाइट्स

अमेरिका का मानना है कि जंग के आर्थिक असर से यूक्रेन की हालत अब पतली होती जा रही है.
अमेरिका ने यूक्रेन से कहा कि रूस के साथ बातचीत के लिए खुलेपन का संकेत देने की जरूरत.
कीव ने वार्ता के दरवाजे बंद रखे तो सहयोगियों की भी आर्थिक हालत खराब हो सकती है.

कीव. जंग में यूक्रेन की लगातार खराब हो रही हालत को देखते हुए अमेरिका ने निजी तौर पर राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से कहा है कि रूस से बातचीत की पेशकश को नामंजूर करना केवल उनके लिए ही नहीं बल्कि सहयोगी देशों को भी संकट में डालने वाला कदम होगा. अमेरिका के अधिकारियों का मानना है कि इस लंबी जंग के आर्थिक प्रभाव को लेकर आशंका बढ़ने के कारण सहयोगियों के साथ ही यूक्रेन की हालत भी अब पतली होती जा रही है. इसलिए अमेरिकी अधिकारियों ने कथित तौर पर यूक्रेन की सरकार को निजी तौर पर चेतावनी दी है कि उसे रूस के साथ बातचीत के लिए खुलेपन का संकेत देने की जरूरत है.

वाशिंगटन पोस्ट की एक खबर के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर कीव ने वार्ता के लिए अपने दरवाजे बंद रखना जारी रखा तो यूक्रेन के साथ ही उसके सहयोगियों की आर्थिक हालत खराब हो सकती है. जबकि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस के साथ यूक्रेन केवल तभी बातचीत में हिस्सा लेने के लिए तैयार होगा, जब उसके सैनिक यूक्रेन के सभी हिस्सों को खाली कर देंगे. जिसमें क्रीमिया और डोनबास के पूर्वी इलाके भी शामिल हैं. जो वास्तव में 2014 से रूस के कब्जे में हैं. इसके साथ ही जिन रूसियों ने यूक्रेन में अपराध किए हैं, उनको युद्ध अपराध के मुकदमे का सामना करना होगा. जेलेंस्की ने यह भी साफ किया कि वह मौजूदा रूसी राष्ट्रपति के साथ बातचीत नहीं करेंगे. पिछले महीने उन्होंने एक डिक्री पर हस्ताक्षर किए. जिसमें कहा गया था कि यूक्रेन केवल व्लादिमीर पुतिन के उत्तराधिकारी और एक नए रूसी राष्ट्रपति के साथ ही बातचीत करेगा.

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गौरतलब है कि अमेरिका ने अब तक यूक्रेन को 18.9 अरब डॉलर की की मदद दी है और वह और अधिक मदद देने के लिए तैयार है. अमेरिका का कहना है कि वह यूक्रेन को तब तक मदद देगा, जब तक वह लेता है. हालांकि यूरोप, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कुछ हिस्सों में अमेरिका के सहयोगी इस जंग के लंबा खिंचने की आशंका से चिंतित हैं. उनका मानना है कि इस युद्ध से पूरी दुनिया में ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की कीमतों के साथ-साथ सप्लाई चेन पर भी खराब असर पड़ रहा है.

Tags: America, Russia, Russia ukraine war, Ukraine

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