RSS चीफ ने पहली बार मस्जिद पहुंचकर इमाम से मुलाकात की, एक घंटे चली बैठक | Mohan Bhagwat Imam Umer Ahmed Ilyasi Meeting | Gyanvapi Hijab Controversy

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नई दिल्ली8 मिनट पहले

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के प्रमुख इमाम डॉ. उमर अहमद इलियासी से मस्जिद में जाकर मुलाकात की। दिल्ली के कस्तूरबा गांधी मार्ग मस्जिद के बंद कमरे में दोनों के बीच करीब एक घंटे मीटिंग चली। किसी मुस्लिम धार्मिक संगठन के प्रमुख से RSS चीफ की मस्जिद में यह पहली मुलाकात है।

मुलाकात के बाद मीडिया ने डॉ. उमर अहमद से पूछा कि भागवत ने कुछ समय पहले ‘हिंदू-मुस्लिम का DNA एक’ वाला बयान दिया था, इस पर आप क्या कहेंगे? इमाम ने जवाब में कहा- जो उन्होंने कहा वो सही है, क्योंकि वे राष्ट्रपिता और राष्ट्र ऋषि हैं। जो उन्होंने कह दिया वो ठीक है।

सांप्रदायिक सौहार्द मजबूत करने की कवायद
मीटिंग में भागवत के साथ सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल और संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार, रामलाल और हरीश कुमार भी मौजूद थे। संघ प्रमुख की यह मीटिंग देश में सांप्रदायिक सौहार्द मजबूत करने और हिंदू-मुस्लिमों के बीच गहरी हो रही खाई को पाटने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

डॉ. उमर अहमद से मुलाकात पर संघ प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि RSS सरसंघचालक हर क्षेत्र के लोगों से मिलते हैं। यह संघ की नॉर्मल डायलॉग प्रोसेस का ही एक हिस्सा है।

हिजाब और ज्ञानवापी पर भी हुई चर्चा
RSS के करीबी सूत्रों के मुताबिक संघ के विचारों के प्रचार और धार्मिक समावेश के विषय को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली में इमामों के साथ यह बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में ज्ञानवापी विवाद, हिजाब विवाद और जनसंख्या नियंत्रण जैसी हालिया घटनाओं पर भी चर्चा हुई।

क्या है ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन?
ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन (AIIO) मस्जिदों के इमामों का अखिल भारतीय संगठन है। जो 1976 में बना था। इसका गठन सभी लेवल पर सामाजिक-आर्थिक मुद्दों को उठाने के लिए किया गया था। ये संगठन इमाम ट्रेनिंग प्रोग्राम, नागरिक समाज की नींव को मजबूत करना जैसे काम करता है।

जमीअत-उलेमा-ए-हिंद के नेता मौलाना अरशद मदनी ने भी 30 अगस्त 2019 को दिल्ली के झंडेवालान स्थिति संघ मुख्यालय पहुंचकर मोहन भागवत से मुलाकात की थी। तब 9 नवंबर 2019 को राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला था।

जमीअत-उलेमा-ए-हिंद के नेता मौलाना अरशद मदनी ने भी 30 अगस्त 2019 को दिल्ली के झंडेवालान स्थिति संघ मुख्यालय पहुंचकर मोहन भागवत से मुलाकात की थी। तब 9 नवंबर 2019 को राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला था।

22 अगस्त को भी मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मिले थे भागवत
इससे पहले 22 अगस्त को संघ प्रमुख से मुस्लिम बुद्धिजीवियों की एक पांच सदस्यीय टीम ने मुलाकात की थी। भागवत से मिलने वालों में पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी, पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति जमीरुद्दीन शाह और कारोबारी सईद शेरवानी शामिल थे। शाहिद सिद्दीकी ने न्यूज चैनल आज तक को बताया था कि देश में बिगड़ रहे सांप्रदायिक सौहार्द पर चिंतन करने के लिए पहले हम पांचों सदस्यों ने आपस में बात की।

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