Punjab Records Decline In Milk Production Due To Lumpy Virus – Lumpy Virus: पंजाब में दूध उत्पादन में 15 से 20 फीसदी की गिरावट, रोजाना करोड़ों का नुकसान

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पंजाब में लंपी संक्रमण का सीधा असर अब दूध उत्पादन पर दिखाई देने लगा है। संक्रमण से हो रही पशुओं की लगातार मौत के कारण सूबे में दूध के उत्पादन में 15 से 20 की गिरावट दर्ज की गई है। राज्य में हर रोज लगभग तीन करोड़ लीटर दूध का उत्पादन किया जाता है। इसमें 1.25 करोड़ लीटर बाजार में बिक्री के लिए आता है। प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन (पीडीएफए) ने दावा किया है कि दूध उत्पादन में गिरावट से पशु पालकों को हर रोज करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। 

पीडीएफए ने रविवार को कहा कि लंपी संक्रमण रोग मवेशियों, विशेषकर गायों को प्रभावित कर रहा है। इससे जानवरों की मृत्यु हो रही है। छोटे और मध्यम डेयरी किसान, जिनकी आजीविका पूरी तरह से पशुधन पर निर्भर है, सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पीडीएफए अध्यक्ष दलजीत सिंह सदरपुरा ने बताया कि यह बीमारी जानवरों में मक्खियों, मच्छरों और टिक्स के जरिये तेजी से फैलती है।

इसके कारण पूरे शरीर में छाले, बुखार, नाक बहना, आंखों से पानी आना, लार आना, दूध कम होना और खाने में कठिनाई होती है। एलएसडी से प्रभावित होने वाले मवेशियों और जानवरों में मृत्यु दर के कारण, गायों का औसत दूध उत्पादन कम से कम एक साल तक कम रहने की उम्मीद है। पंजाब में गाय और भैंस का कुल दूध उत्पादन लगभग 3 करोड़ लीटर प्रतिदिन है। इसमें से 1.25 करोड़ लीटर बाजार में बेचा जाता है।

दावा: एक लाख पशुओं की मौत
पीडीएफए का दावा है कि जुलाई से अब तक लंपी संक्रमण के कारण राज्य में एक लाख से ज्यादा मवेशियों की मौत हो चुकी है। संक्रमण ने मुख्य रूप से गायों को प्रभावित किया है। इसमें फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, बठिंडा और तरनतारन समेत कई जिले सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र हैं।

50 हजार मिले मुआवजा: सदरपुरा 
पीडीएफए अध्यक्ष दलजीत सिंह सदरपुरा ने बताया कि डेयरी किसानों ने कुछ दिन पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की थी। उन्होंने सीएम से संक्रमण के कारण मरने वाले प्रति पशु 50 हजार रुपये के मुआवजे की मांग की थी। हालांकि अभी तक सरकार ने इस बाबत कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं दिया है।

विभाग कह रहा 10 हजार मवेशियों की मौत
पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार सूबे में कुल 1.26 लाख मवेशी लंपी संक्रमण से प्रभावित हुए हैं। संक्रमण बीमारी के कारण अब तक 10 हजार से अधिक जानवरों की मौत हो चुकी है। पशुपालन विभाग ने बीमारी को फैलने से रोकने के लिए पशुओं को टीके की लगभग 5.94 लाख खुराक दी है।

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पंजाब में लंपी संक्रमण का सीधा असर अब दूध उत्पादन पर दिखाई देने लगा है। संक्रमण से हो रही पशुओं की लगातार मौत के कारण सूबे में दूध के उत्पादन में 15 से 20 की गिरावट दर्ज की गई है। राज्य में हर रोज लगभग तीन करोड़ लीटर दूध का उत्पादन किया जाता है। इसमें 1.25 करोड़ लीटर बाजार में बिक्री के लिए आता है। प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन (पीडीएफए) ने दावा किया है कि दूध उत्पादन में गिरावट से पशु पालकों को हर रोज करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। 

पीडीएफए ने रविवार को कहा कि लंपी संक्रमण रोग मवेशियों, विशेषकर गायों को प्रभावित कर रहा है। इससे जानवरों की मृत्यु हो रही है। छोटे और मध्यम डेयरी किसान, जिनकी आजीविका पूरी तरह से पशुधन पर निर्भर है, सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पीडीएफए अध्यक्ष दलजीत सिंह सदरपुरा ने बताया कि यह बीमारी जानवरों में मक्खियों, मच्छरों और टिक्स के जरिये तेजी से फैलती है।

इसके कारण पूरे शरीर में छाले, बुखार, नाक बहना, आंखों से पानी आना, लार आना, दूध कम होना और खाने में कठिनाई होती है। एलएसडी से प्रभावित होने वाले मवेशियों और जानवरों में मृत्यु दर के कारण, गायों का औसत दूध उत्पादन कम से कम एक साल तक कम रहने की उम्मीद है। पंजाब में गाय और भैंस का कुल दूध उत्पादन लगभग 3 करोड़ लीटर प्रतिदिन है। इसमें से 1.25 करोड़ लीटर बाजार में बेचा जाता है।

दावा: एक लाख पशुओं की मौत

पीडीएफए का दावा है कि जुलाई से अब तक लंपी संक्रमण के कारण राज्य में एक लाख से ज्यादा मवेशियों की मौत हो चुकी है। संक्रमण ने मुख्य रूप से गायों को प्रभावित किया है। इसमें फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, बठिंडा और तरनतारन समेत कई जिले सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र हैं।

50 हजार मिले मुआवजा: सदरपुरा 

पीडीएफए अध्यक्ष दलजीत सिंह सदरपुरा ने बताया कि डेयरी किसानों ने कुछ दिन पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की थी। उन्होंने सीएम से संक्रमण के कारण मरने वाले प्रति पशु 50 हजार रुपये के मुआवजे की मांग की थी। हालांकि अभी तक सरकार ने इस बाबत कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं दिया है।

विभाग कह रहा 10 हजार मवेशियों की मौत

पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार सूबे में कुल 1.26 लाख मवेशी लंपी संक्रमण से प्रभावित हुए हैं। संक्रमण बीमारी के कारण अब तक 10 हजार से अधिक जानवरों की मौत हो चुकी है। पशुपालन विभाग ने बीमारी को फैलने से रोकने के लिए पशुओं को टीके की लगभग 5.94 लाख खुराक दी है।

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