Punjab Dgp Vk Bhawra Two Month Leave Nears To End – Punjab News: वीके भावरा की छुट्टी खत्म, सरकार मुश्किल में, अब नोटिस भेजने की तैयारी

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दो माह की छुट्टी पर गए पंजाब के डीजीपी वीके भावरा चार सितंबर को लौट रहे हैं। उनकी छुट्टियां समाप्त हो गई हैं और उन्होंने आगे छुट्टी बढ़ाने का कोई आवेदन भी नहीं किया है। इस अवधि में उन्हें केंद्र से डेपुटेशन को लेकर कोई रिस्पांस भी नहीं मिला है लेकिन इधर पंजाब सरकार की मुश्किल बढ़ गई है। भावरा के ड्यूटी पर लौटते ही राज्य सरकार के लिए कार्यकारी डीजीपी गौरव यादव को हटाना मजबूरी बन जाएगी।

पंजाब सरकार ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या के तुरंत बाद वीके भावरा के छुट्टी पर जाते ही आईपीएस अधिकारी गौरव यादव को प्रदेश का नया कार्यकारी डीजीपी नियुक्त कर दिया था। इस बीच, गुरुवार को सीएमओ के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने वीके भावरा को खुफिया अलर्ट मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं करने पर नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली है। अगर भावरा मुख्यालय में सीधे ड्यूटी पर लौटते हैं तो उन्हें डीजीपी की कुर्सी ही संभालनी होगी। उससे पहले अगर सरकार उन्हें नोटिस जारी करती है तो भावरा को कुछ दिन और छुट्टी पर रहना पड़ सकता है।

भावरा के कार्यकाल की नाकामियों पर नजर
पंजाब सरकार वीके भावरा के डीजीपी रहते पंजाब में कानून-व्यवस्था की बिगड़ी स्थिति का अवलोकन कर रही है, जिसके लिए भावरा से जवाब तलब किया जा सकता है। दरअसल, भावरा के डीजीपी रहते गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के अलावा कई बड़ी वारदात राज्य में हुईं, जिन्हें हल करने में पुलिस नाकाम साबित हुई। 

वहीं, गौरव यादव के कार्यकारी डीजीपी बनते ही मूसेवाला की हत्या करने वाले दो गैंगस्टरों को एनकाउंटर में मार गिराया गया। लॉरेंस बिश्नोई को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश किया गया, इससे जुड़े मुख्य आरोपी सचिन थापन और अनमोल बिश्नोई को अजरबैजान व केन्या में गिरफ्तार कराने में पंजाब पुलिस को सफलता मिली। इसके अलावा, पंजाब की भगवंत मान सरकार गौरव यादव के कामकाज से भी खुश है।

कांग्रेस सरकार ने भावरा को बनाया था डीजीपी
पंजाब में पिछली कांग्रेस सरकार ने वीके भावरा को डीजीपी लगाया था। उनकी नियुक्ति तत्कालीन सरकार द्वारा यूपीएससी को भेजे गए अधिकारियों के पैनल में से हुई थी, इसीलिए मौजूदा सरकार के लिए उन्हें तय समय से पहले डीजीपी पद से हटाना संभव नहीं है। भावरा के दो माह की छुट्टी पर जाने के बाद राज्य सरकार ने नए डीजीपी के लिए यूपीएससी को कोई पैनल भी नहीं भेजा। इसके चलते चार सितंबर के बाद सरकार के लिए नई मुश्किल खड़ी हो सकती है। अगर भावरा अपनी छुट्टी बढ़ा लेते हैं तो सरकार को कुछ राहत मिलेगी लेकिन भावरा ने अब तक छुट्टी बढ़ाने का कोई आवेदन नहीं भेजा है।

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दो माह की छुट्टी पर गए पंजाब के डीजीपी वीके भावरा चार सितंबर को लौट रहे हैं। उनकी छुट्टियां समाप्त हो गई हैं और उन्होंने आगे छुट्टी बढ़ाने का कोई आवेदन भी नहीं किया है। इस अवधि में उन्हें केंद्र से डेपुटेशन को लेकर कोई रिस्पांस भी नहीं मिला है लेकिन इधर पंजाब सरकार की मुश्किल बढ़ गई है। भावरा के ड्यूटी पर लौटते ही राज्य सरकार के लिए कार्यकारी डीजीपी गौरव यादव को हटाना मजबूरी बन जाएगी।

पंजाब सरकार ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या के तुरंत बाद वीके भावरा के छुट्टी पर जाते ही आईपीएस अधिकारी गौरव यादव को प्रदेश का नया कार्यकारी डीजीपी नियुक्त कर दिया था। इस बीच, गुरुवार को सीएमओ के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने वीके भावरा को खुफिया अलर्ट मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं करने पर नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली है। अगर भावरा मुख्यालय में सीधे ड्यूटी पर लौटते हैं तो उन्हें डीजीपी की कुर्सी ही संभालनी होगी। उससे पहले अगर सरकार उन्हें नोटिस जारी करती है तो भावरा को कुछ दिन और छुट्टी पर रहना पड़ सकता है।

भावरा के कार्यकाल की नाकामियों पर नजर

पंजाब सरकार वीके भावरा के डीजीपी रहते पंजाब में कानून-व्यवस्था की बिगड़ी स्थिति का अवलोकन कर रही है, जिसके लिए भावरा से जवाब तलब किया जा सकता है। दरअसल, भावरा के डीजीपी रहते गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के अलावा कई बड़ी वारदात राज्य में हुईं, जिन्हें हल करने में पुलिस नाकाम साबित हुई। 

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