Police Arrested Fake Pa Of Minister In Punjab – Punjab: मंत्री का Pa बताने वाला काबू, 10 लाख रुपये में शिक्षक बनाने का दे रहा था झांसा

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पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर का फर्जी पीए बनकर सरकारी शिक्षक के तौर पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये की मांग करने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने धर दबोचा है। आरोपी के खिलाफ थाना कबरवाला में धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
   
एसएसपी डॉ. सचिन गुप्ता ने बुधवार को प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि उन्हें जहां कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर के कार्यालय से इसकी शिकायत मिली थी, वहीं गांव फकरसर निवासी गुरवीर सिंह ने भी शिकायत कर बताया था। उन्होंने बताया कि वह बीती पांच सितंबर को गांव कोलियांवाली गया था, जहां पर एक टायर पंक्चर की दुकान पर उसकी इसी गांव निवासी गुरमीत सिंह से मुलाकात हुई थी। 

गुरमीत ने उसे बताया था कि वह कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर का पीए है। अगर वह सरकारी शिक्षक बनना चाहता है तो उसे 10 लाख रुपये दे दे, वह उसे नौकरी लगवा सकता है। मगर वहां से लौटकर गुरवीर सिंह ने कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर के कार्यालय में उनके निजी सहायक से बात की। इस दौरान उसे पता चला कि गुरमीत सिंह नाम का कोई व्यक्ति कैबिनेट मंत्री का पीए नहीं है। 

गुरवीर सिंह की शिकायत पर गुरमीत सिंह निवासी गांव कोलियांवाली के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पड़ताल के दौरान पता चला है कि आरोपी इससे पहले भी कई दफ्तरों में गौरव बाजवा के नाम से खुद को कैबिनेट मंत्री का पीए बताकर फोन करता रहा है। उसने किसी को तबादले के लिए तो किसी को कोई अन्य काम करने के लिए अनेक फोन किए थे। आरोपी गुरमीत सिंह खुद भी मंत्री का पीए बताकर बाजाखाना में वेरका दफ्तर में नौकरी कर चुका है। 

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पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर का फर्जी पीए बनकर सरकारी शिक्षक के तौर पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये की मांग करने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने धर दबोचा है। आरोपी के खिलाफ थाना कबरवाला में धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

   

एसएसपी डॉ. सचिन गुप्ता ने बुधवार को प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि उन्हें जहां कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर के कार्यालय से इसकी शिकायत मिली थी, वहीं गांव फकरसर निवासी गुरवीर सिंह ने भी शिकायत कर बताया था। उन्होंने बताया कि वह बीती पांच सितंबर को गांव कोलियांवाली गया था, जहां पर एक टायर पंक्चर की दुकान पर उसकी इसी गांव निवासी गुरमीत सिंह से मुलाकात हुई थी। 

गुरमीत ने उसे बताया था कि वह कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर का पीए है। अगर वह सरकारी शिक्षक बनना चाहता है तो उसे 10 लाख रुपये दे दे, वह उसे नौकरी लगवा सकता है। मगर वहां से लौटकर गुरवीर सिंह ने कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर के कार्यालय में उनके निजी सहायक से बात की। इस दौरान उसे पता चला कि गुरमीत सिंह नाम का कोई व्यक्ति कैबिनेट मंत्री का पीए नहीं है। 

गुरवीर सिंह की शिकायत पर गुरमीत सिंह निवासी गांव कोलियांवाली के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पड़ताल के दौरान पता चला है कि आरोपी इससे पहले भी कई दफ्तरों में गौरव बाजवा के नाम से खुद को कैबिनेट मंत्री का पीए बताकर फोन करता रहा है। उसने किसी को तबादले के लिए तो किसी को कोई अन्य काम करने के लिए अनेक फोन किए थे। आरोपी गुरमीत सिंह खुद भी मंत्री का पीए बताकर बाजाखाना में वेरका दफ्तर में नौकरी कर चुका है। 

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