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Now Mushrooms Will Grow In The Crate, The Cost Of Changing Polythene Bags Is Over Again And Again – Mushrooms: क्रेट में उगेगी अब मशरूम, बार-बार पॉलीथिन बैग बदलने का खर्चा खत्म

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मशरूम अब पॉलीथिन बैग के बजाय क्रेट में भी तैयार होगी। इससे जहां बार-बार पॉलीथिन बैग बदलने का झंझट खत्म होगा, वहीं बैग पर होने वाला खर्च भी नहीं होगा। क्रेट में मशरूम उगाने का सफल अनुसंधान खुंब निदेशालय के विशेषज्ञों ने किया है। यह खुलासा शनिवार को खुंब निदेशालय में आयोजित राष्ट्रीय खुंब मेले में कृषि वैज्ञानिकों ने किया। निदेशालय ने क्रेट में मशरूम की बटन और पैडी स्ट्रॉ किस्में तैयार की हैं। राष्ट्रीय खुंब मेले में लगाई गई प्रदर्शनी से देशभर से आए मशरूम उत्पादकों को इसकी जानकारी दी गई। वर्तमान में अधिकतर मशरूम की किस्में पॉलीथिन बैग में तैयार की जा रही हैं।

एक बैग एक फसल के बाद खराब हो जाता है। दूसरी ओर फसल उगाने के लिए क्रेट का इस्तेमाल बार-बार किया जा सकेगा। क्रेट को रैक पर रखने में भी आसानी होगी। इसके अलावा देश में चल रहे पॉलीथिन मुक्त अभियान के तहत भी इसे जोड़ा जा रहा है। पॉलीथिन बैग और क्रेट में तैयार की गई मशरूम की फसल एक जैसी होगी। क्रेट में तैयार मशरूम को आसानी से इधर-उधर शिफ्ट भी किया जा सकेगा। अब विशेषज्ञ अन्य कई मशरूम की किस्मों को क्रेट में तैयार करने का प्रयोग करेंगे। इस तकनीक के बारे में उत्पादकों को भी जानकारी दी जाएगी। खुंब निदेशालय के निदेशक डॉ. वीपी शर्मा ने बताया कि क्रेट में अभी बटन और पैडी स्ट्रॉ मशरूम तैयार की गई है। आगे और अन्य किस्मों पर भी प्रयोग किया जाएगा।

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मशरूम अब पॉलीथिन बैग के बजाय क्रेट में भी तैयार होगी। इससे जहां बार-बार पॉलीथिन बैग बदलने का झंझट खत्म होगा, वहीं बैग पर होने वाला खर्च भी नहीं होगा। क्रेट में मशरूम उगाने का सफल अनुसंधान खुंब निदेशालय के विशेषज्ञों ने किया है। यह खुलासा शनिवार को खुंब निदेशालय में आयोजित राष्ट्रीय खुंब मेले में कृषि वैज्ञानिकों ने किया। निदेशालय ने क्रेट में मशरूम की बटन और पैडी स्ट्रॉ किस्में तैयार की हैं। राष्ट्रीय खुंब मेले में लगाई गई प्रदर्शनी से देशभर से आए मशरूम उत्पादकों को इसकी जानकारी दी गई। वर्तमान में अधिकतर मशरूम की किस्में पॉलीथिन बैग में तैयार की जा रही हैं।

एक बैग एक फसल के बाद खराब हो जाता है। दूसरी ओर फसल उगाने के लिए क्रेट का इस्तेमाल बार-बार किया जा सकेगा। क्रेट को रैक पर रखने में भी आसानी होगी। इसके अलावा देश में चल रहे पॉलीथिन मुक्त अभियान के तहत भी इसे जोड़ा जा रहा है। पॉलीथिन बैग और क्रेट में तैयार की गई मशरूम की फसल एक जैसी होगी। क्रेट में तैयार मशरूम को आसानी से इधर-उधर शिफ्ट भी किया जा सकेगा। अब विशेषज्ञ अन्य कई मशरूम की किस्मों को क्रेट में तैयार करने का प्रयोग करेंगे। इस तकनीक के बारे में उत्पादकों को भी जानकारी दी जाएगी। खुंब निदेशालय के निदेशक डॉ. वीपी शर्मा ने बताया कि क्रेट में अभी बटन और पैडी स्ट्रॉ मशरूम तैयार की गई है। आगे और अन्य किस्मों पर भी प्रयोग किया जाएगा।

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