Martyr Jawan Amit Kumar Cremation In Mandi Himachal Pradesh – हिमाचल: पार्थिव देह घर पहुंचते ही शहीद की गर्भवती पत्नी हुई बेसुध, दुल्हन का जोड़ा पहनकर दी अंतिम विदाई

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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर के दुल गांव निवासी भारतीय सेना के जवान नायक अमित कुमार की बीमारी के चलते मौत हो गई। अमित जम्मू कश्मीर के लेह लदाख में पंजाब-21 रेजिमेंट में नायक के पद पर सेवारत थे। बीते तीन दिन पहले अमित की अचानक तबीयत खराब हो गई। उपचार के लिए उन्हें कमांड अस्पताल चंडीगढ़ में भर्ती किया गया था। अमित को अल्सर हो गया था जिसका ऑपरेशन होना था। लेकिन ऑपरेशन से पहले ही उसकी मौत हो गई।

रविवार सुबह आठ बजे जवान की पार्थिव देह तिरंगे में लिपट कर पैतृक गांव दुल पहुंची। घर के आंगन में अर्थी पहुंचते ही गांव में चीख पुकार मच गई। अमित की पत्नी मनीषा और परिजन होश खो बैठे। गांव में चीख पुकार के साथ-साथ भारत माता की जय के नारे भी गूंजे। पति की पार्थिव देह घर पहुंचते ही मनीषा बेसुध हो गई। मनीषा गर्भवती है। उसकी डेढ़ साल की मासूम बेटी सीजल को नहीं पता की पापा अब इस दुनिया मे नही रहे हैं। मनीषा ने दुल्हन का जोड़ा पहनकर पति को अंतिम विदाई दी। अमित की माता गौरी और पिता जोगिंदर का रो-रो कर बुरा हाल है।

अपने लाडले को खो देने का गहरा सदमा लगा है। दुल गांव स्थित हनुमानघाट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सैकड़ों की तादाद में लोग शव यात्रा में शामिल हुए। पालमपुर से आए सैन्य दल के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद जवान को अंतिम विदाई दी। अमित के छोटे भाई मनीष कुमार ने चिता को मुखाग्नि दी। पूर्व मंत्री गुलाब सिंह ठाकुर, विधायक प्रकाश राणा, भाजपा मंडल अध्यक्ष पंकज जम्वाल और अजय बाबा भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर के दुल गांव निवासी भारतीय सेना के जवान नायक अमित कुमार की बीमारी के चलते मौत हो गई। अमित जम्मू कश्मीर के लेह लदाख में पंजाब-21 रेजिमेंट में नायक के पद पर सेवारत थे। बीते तीन दिन पहले अमित की अचानक तबीयत खराब हो गई। उपचार के लिए उन्हें कमांड अस्पताल चंडीगढ़ में भर्ती किया गया था। अमित को अल्सर हो गया था जिसका ऑपरेशन होना था। लेकिन ऑपरेशन से पहले ही उसकी मौत हो गई।

रविवार सुबह आठ बजे जवान की पार्थिव देह तिरंगे में लिपट कर पैतृक गांव दुल पहुंची। घर के आंगन में अर्थी पहुंचते ही गांव में चीख पुकार मच गई। अमित की पत्नी मनीषा और परिजन होश खो बैठे। गांव में चीख पुकार के साथ-साथ भारत माता की जय के नारे भी गूंजे। पति की पार्थिव देह घर पहुंचते ही मनीषा बेसुध हो गई। मनीषा गर्भवती है। उसकी डेढ़ साल की मासूम बेटी सीजल को नहीं पता की पापा अब इस दुनिया मे नही रहे हैं। मनीषा ने दुल्हन का जोड़ा पहनकर पति को अंतिम विदाई दी। अमित की माता गौरी और पिता जोगिंदर का रो-रो कर बुरा हाल है।

अपने लाडले को खो देने का गहरा सदमा लगा है। दुल गांव स्थित हनुमानघाट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सैकड़ों की तादाद में लोग शव यात्रा में शामिल हुए। पालमपुर से आए सैन्य दल के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद जवान को अंतिम विदाई दी। अमित के छोटे भाई मनीष कुमार ने चिता को मुखाग्नि दी। पूर्व मंत्री गुलाब सिंह ठाकुर, विधायक प्रकाश राणा, भाजपा मंडल अध्यक्ष पंकज जम्वाल और अजय बाबा भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

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