Manglik: मंगलीक होने के अनेक लाभ भी हैं, जानिए कैसे? | Know about benefits of being Manglik, its really good

0
4

Astrology

lekhaka-Gajendra sharma

|

Google Oneindia News

Manglik dosha: अक्सर लोग मंगलीक कुंडली होने के कारण परेशान और चिंतित हो जाते हैं। मंगलीक होने के कारण उन्हें लगता है किउनके जीवन में कुछ ठीक नहीं होगा और वे हमेशा परेशानी से घिरे रहेंगे। यह सही है किमंगलीक कुंडली होने के कारण विशेषकर विवाह कार्य में विलंब होता है और मंगलीक युवक या युवती का विवाह मंगलीक युवक-युवती से ही किया जाना चाहिए। किंतु यह बात भी उतनी ही समय है किकुछ विशेष ग्रह स्थितियों में मंगलीक कुंडली भी अनेक प्रकार के लाभ प्रदान करती है।

Manglik

मंगलीक कुंडली होने के अनेक शुभ प्रभाव भी जातक को प्राप्त होते हैं

  • यदि कुंडली मिथुन लग्न की हो और उसमें आठवें या बारहवें घर में मंगल हो तो जातक को अनेक लाभदायक फल देता है।
  • कर्क राशि की कुंडली में चौथे और आठवें घर का मंगल विदेश यात्राएं करवाता है और विदेश से धन प्रदान करता है।
  • सिंह लग्न के जातकों के लिए मंगल सबसे अधिक शुभ माना गया है। लग्न और चौथे घर का मंगल अनेक भौतिक सुख प्रदान करता है। हालांकिसिंह लग्न में आठवें तथा बारहवें घर का मंगल कष्टकारी होता है।
  • कन्या लग्न के आठवें तथा बारहवें घर का मंगल शुभ परिणाम देता है। ऐसा जातक दीर्घायु होता है। लेकिन चौथे और सातवें घर का मंगल कन्या लग्न वालों के लिए अति कष्टदायी होता है।
  • तुला लग्न की कुंडली के लिए सातवें घर का मंगल उत्तम होता है और अनेक प्रकार के सुख प्रदान करता है। लेकिन मंगल यदि बारहवें घर में हो तो जातक के सभी सुखों को नष्ट कर देता है।
  • वृश्चिक लग्न की कुंडली में मंगल सातवें घर में हो तो जातक को कोई हानि नहीं होती किंतु आठवें और बारहवें घर का मंगल व्यक्ति का बर्बाद भी कर सकता है।
  • कुंभ लग्न के लिए बारहवें घर का मंगल शुभाशुभ फल प्रदान करता है।
  • मीन लग्न के चौथे तथा सातवें घर का मंगल हानिकारक नहीं होता पर आठवें और बारहवें घर का मंगल जातक के लिए अत्यंत कष्टकारी होता है।

Mythical Book: चार प्रकार की होती हैं महिलाएं, जानिए कौन से हैं वे भेद?Mythical Book: चार प्रकार की होती हैं महिलाएं, जानिए कौन से हैं वे भेद?

वैसे मंगल से ही दोष क्यों बनता है?

इसका जवाब यह है कि मंगल को उग्रता, क्रोध, आवेश, शौर्य, शक्ति, शरीर में रक्त, सौभाग्य का कारक ग्रह कहा जाता है। यदि मंगल दूषित होगा तो जातक इन सभी से जुड़ी पीड़ाओं का भोग करता है। यदि लड़के या लड़की किसी एक की कुंडली में मंगल उग्र है तो वह सीधे- सीधे दूसरे को दबाने का प्रयास करेगा। ऐसी स्थिति में विवाह के सुखी होने में संदेह रहता है। मंगल रक्त का प्रतिनिधित्व भी करता है, इसलिए यदि दोष किसी एक की कुंडली में है तो वह दूसरे जातक के लिए घातक बन सकता है। इससे सौभाग्य में कमी आ सकती है।

English summary

If You have Manglik dosha in Kundali so not to worry. There are many benefits of being Manglik, if some special planetary positions are being created.

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here