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Ludhiana Police Solved Murder Mystery Of Eight Year Old Boy – कलेजा भी नहीं कांपा: पहले मन्नत मांगी तो जन्मा सहजप्रीत, अब उसी ताया ने कर दी हत्या, वजह हैरान कर देगी

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दो दिन से लापता बच्चे का शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। हर किसी का मन दुखी है।बच्चे की जान लेने वाले को लोग कोसते नजर आए। मगर जब उन्हें पता चला कि बच्चे को उसके ताया ने ही मौत के घाट उतारा है तो सभी लोग हैरत में पड़ गए। लोगों ने कड़ी सजा की मांग की। मामला पंजाब के लुधियाना का है। यहां अब्दुल्लापुर बस्ती निवासी आठ वर्षीय सहजप्रीत सिंह का शव आखिरकार दो दिन बाद मिला। बच्चे के मौत के घाट ताया स्वर्ण सिंह ने उतारा है। लोगों ने बताया कि स्वर्ण सिंह ने कई जगहों पर जाकर सहजप्रीत के लिए मन्नत मांगी थी मगर ऐसा क्या हुआ कि बेरहमी से हत्या कर दी। हैरानी की बात यह है कि अपने लाडले भतीजे को मौत के घाट उतारकर भी आरोपी स्वर्ण सिंह ऐसे था जैसे कुछ हुआ ही नहीं। आरोपी स्वर्ण के भाई जगजीत सिंह के दो बेटियां हैं लेकिन उसे बेटे की भी चाह थी।

 

स्वर्ण ने भाई के घर बेटा होने की कई धार्मिक स्थानों पर मन्नत मांगी थी। जब सहज का जन्म हुआ तो सबसे पहले स्वर्ण ने ही सहज को गोद में उठाया और उसका नाम भी सहजप्रीत रखा था। घर के हालात जैसे भी रहे हो अपने बच्चों को स्वर्ण सिंह ने पैसा दिया या नहीं दिया मगर सहज ने जब भी मांगा तो उसे जरूर दिया। उसी ताया स्वर्ण सिंह ने अपने लाडले सहज को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद हर व्यक्ति हैरान है।

इलाके का हर व्यक्ति यही बात कर रहा है कि स्वर्ण सिंह तो सहज को अपने बच्चों से भी ज्यादा प्यार करता था। आरोपी स्वर्ण सिंह सहज को आसानी से मौत के घाट नहीं उतार सका। वह सारी रात सहज को अपने साथ लेकर घूमता रहा। सुबह घर पहुंचने से पहले ही उसने सहज को मार डाला और वहां से निकल लिया। घर पहुंचकर उसने परिवार को कुछ नहीं बताया और जाते ही सहज को ढूंढने का ड्रामा शुरू कर दिया।

स्वर्ण सिंह भतीजे सहज को बेटों से भी ज्यादा प्यार करता था। वह उसे हर धार्मिक स्थान पर ले जाता था। वहां से धार्मिक स्थानों पर माथा टिकाने के बाद वह घर ले आता था। स्वर्ण सिंह भतीजे सहज को धार्मिक विचारों वाला बनाने के साथ-साथ अच्छा तबलावादक भी बनाना चाहता था। सहजप्रीत रोजाना गुरुद्वारे जाता था। छोटी सी उम्र में ही उसने तबला बजाना सीख लिया था। वह अच्छा तबला बजाता था। सहजप्रीत को अपने ताया से काफी लगाव था लेकिन उसे यह नहीं पता था कि ताया ही उसकी जान ले लेगा। 

इसलिए की मासूम की हत्या

पुलिस के मुताबिक स्वर्ण सिंह की साली की शादी छोटे भाई के साथ हुई है। स्वर्ण सिंह अपनी मां की काफी सेवा करता था। उसकी पत्नी और साली उसे रोकती थी और ताने मारती थीं। इससे स्वर्ण सिंह काफी परेशान था। उसने मन में ठान लिया था कि जैसे ये लोग उसे उसकी मां से अलग करना चाहते हैं, वह भी आठ साल के सहजप्रीत को मौत के घाट उतारकर सभी को झटका देगा। 

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