Large Part Of Rail Bridge On Pathankot-jogindernagar Narrow Gauge Railway Section Submerged In River – हिमाचल में बरसात: चक्की दरिया में समाया रेल पुल का एक हिस्सा, हिमाचल को देश से जोड़ने वाला इकलौता रेल मार्ग ठप

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हिमाचल में हो रही भारी बरसात के बाद कहर बरपा रहा चक्की दरिया सब कुछ निगल लेने पर आमादा है। शनिवार सुबह पठानकोट-जोगिंदरनगर नैरोगेज रेलवे सेक्शन पर पड़ते चक्की पड़ाव रेलवे पुल का बड़ा हिस्सा चक्की दरिया में समा गया। जिसके चलते देश के विभिन्न हिस्सों को हिमाचल से जोड़ने वाला इकलौता रेल मार्ग ठप हो चुका है। 

इस रेल मार्ग पर फिरोजपुर रेल डिवीजन की ओर से एक अगस्त से ट्रेनों का संचालन बंद किया जा चुका है। रेलवे की ओर से इस रेल सेक्शन पर कई जगह हुए भूस्खलन को वजह बताया गया था। लेकिन उसके बाद हिमाचल में हुई भारी बरसात के बाद चक्की दरिया के पानी ने इस रेलवे पुल को क्षति पहुंचाई थी। इसके बाद फिरोजपुर, जम्मू और पठानकोट के अधिकारियों ने इस रेलवे पुल का जायजा लिया था और बताया था कि रेलवे पुल के पिलर नंबर 3, 4 और 5 बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिसके बाद रेलवे ने ट्रेनों का संचालन अगले आदेशों तक बंद किया था। अब पुल दरिया में समा जाने के कारण अगले कई महीनों तक इस रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन बहाल होना मुमकिन दिखाई नहीं दे रहा। 

इससे पहले 2011 में एक पिलर को नुकसान पहुंचा था। जिसके बाद आठ महीने तक ट्रेनों का संचालन ठप रहा था। तब रेलवे अधिकारियों की ओर से इस पुल के नव निर्माण की योजना बनाई थी। लेकिन, बाद में इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया और चिल्लर की मरम्मत कर ट्रेनों का संचालन बहाल कर दिया गया था। मौजूदा हालात में पुल के हाल के चलते ट्रेन से पठानकोट से हिमाचल जाने वाले यात्रियों को अगले कई महीनों तक इंतजार करना पड़ सकता है। ट्रेन के मुकाबले बस से सफर करने वाले यात्रियों को 3 से 4 गुना ज्यादा किराया खर्च करना पड़ता है। जिसके चलते अधिकतर लोग हिमाचल जाने के लिए ट्रेन का इस्तेमाल करते हैं।
 

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हिमाचल में हो रही भारी बरसात के बाद कहर बरपा रहा चक्की दरिया सब कुछ निगल लेने पर आमादा है। शनिवार सुबह पठानकोट-जोगिंदरनगर नैरोगेज रेलवे सेक्शन पर पड़ते चक्की पड़ाव रेलवे पुल का बड़ा हिस्सा चक्की दरिया में समा गया। जिसके चलते देश के विभिन्न हिस्सों को हिमाचल से जोड़ने वाला इकलौता रेल मार्ग ठप हो चुका है। 

इस रेल मार्ग पर फिरोजपुर रेल डिवीजन की ओर से एक अगस्त से ट्रेनों का संचालन बंद किया जा चुका है। रेलवे की ओर से इस रेल सेक्शन पर कई जगह हुए भूस्खलन को वजह बताया गया था। लेकिन उसके बाद हिमाचल में हुई भारी बरसात के बाद चक्की दरिया के पानी ने इस रेलवे पुल को क्षति पहुंचाई थी। इसके बाद फिरोजपुर, जम्मू और पठानकोट के अधिकारियों ने इस रेलवे पुल का जायजा लिया था और बताया था कि रेलवे पुल के पिलर नंबर 3, 4 और 5 बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिसके बाद रेलवे ने ट्रेनों का संचालन अगले आदेशों तक बंद किया था। अब पुल दरिया में समा जाने के कारण अगले कई महीनों तक इस रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन बहाल होना मुमकिन दिखाई नहीं दे रहा। 

इससे पहले 2011 में एक पिलर को नुकसान पहुंचा था। जिसके बाद आठ महीने तक ट्रेनों का संचालन ठप रहा था। तब रेलवे अधिकारियों की ओर से इस पुल के नव निर्माण की योजना बनाई थी। लेकिन, बाद में इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया और चिल्लर की मरम्मत कर ट्रेनों का संचालन बहाल कर दिया गया था। मौजूदा हालात में पुल के हाल के चलते ट्रेन से पठानकोट से हिमाचल जाने वाले यात्रियों को अगले कई महीनों तक इंतजार करना पड़ सकता है। ट्रेन के मुकाबले बस से सफर करने वाले यात्रियों को 3 से 4 गुना ज्यादा किराया खर्च करना पड़ता है। जिसके चलते अधिकतर लोग हिमाचल जाने के लिए ट्रेन का इस्तेमाल करते हैं।

 

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