Jalandhar: Fire Brigade Workers Went On Strike Before Diwali – जालंधर: दिवाली पर हड़ताल पर गए फायर ब्रिगेड कर्मचारी, दो माह का नहीं मिला है वेतन

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सांकेतिक फोटो

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– फोटो : अमर उजाला

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दिवाली के पटाखों की गूंज से दहल रहे महानगर में अगर आग की घटनाएं हुई तो दमकल विभाग की गाड़ियां शायद ही पहुंचें, क्योंकि वेतन न मिलने से दमकल कर्मी हड़ताल पर है। जालंधर फायर ब्रिगेड विभाग के इंचार्ज राजेंद्र सहोता ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हड़ताल पर गए मुलाजिमों ने सरकार व निगम प्रशासन के प्रति रोष जाहिर करते हुए बताया कि उन्हें अभी तक तनख्वाह नहीं मिली है।

जिसके चलते वह, उनका परिवार फेस्टिवल सीजन नहीं मना पा रहा है। सहोता ने कहा कि वह लोगों के जानमाल की रक्षा करने के लिए वह हमेशा तत्पर रहते हैं। लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से जो सुविधाएं उन्हें मिलनी चाहिए वह नहीं मिल रही।

बीते दिनों मंत्री की ओर से 4 नई गाड़ियां तो उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए गाड़ियों में डीजल तक नहीं है। भगवान न करे कोई बड़ी आपदा पड़ जाए तो वह जनता के जानमाल की रक्षा कैसे करेंगे। सहोता ने कहा कि अगर शाम तक हमारी गाड़ियों में तेल नहीं डलवाया गया तो सारी गाड़िया नगर निगम में खड़ी कर चाबियां निगम कमिश्नर को सौंप दी जाएंगी।

इससे साफ है कि दिवाली की आतिशबाजी में आग की घटनाएं हुईं तो लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। दूसरी तरफ सरकार और निगम प्रशासन को इसकी कोई जानकारी ही नहीं है। जालंधर के मेयर जगदीश राज राजा से जब दमकल विभाग के कर्मियों की वेतन न मिलने से हड़ताल के बारे में पूछा तो उन्होंने साफ कह दिया कि उन्हें इस मामले में कुछ भी पता नहीं है।

अगर वेतन नहीं मिली थी तो कर्मचारियों को आ कर बताना चाहिए था मेरा घर फायर ब्रिगेड ऑफिस के पास में ही है फिर भी कोई उन्हें बताने नहीं आया ना ही कोई पत्र दिया। अब तो सरकारी दफ्तर बंद है, लेकिन दमकल विभाग के कर्मियों को मनाकर ड्यूटी करने को कहेंगे और जल्दी ही उनकी वेतन जारी कर दी जाएगी।

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दिवाली के पटाखों की गूंज से दहल रहे महानगर में अगर आग की घटनाएं हुई तो दमकल विभाग की गाड़ियां शायद ही पहुंचें, क्योंकि वेतन न मिलने से दमकल कर्मी हड़ताल पर है। जालंधर फायर ब्रिगेड विभाग के इंचार्ज राजेंद्र सहोता ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हड़ताल पर गए मुलाजिमों ने सरकार व निगम प्रशासन के प्रति रोष जाहिर करते हुए बताया कि उन्हें अभी तक तनख्वाह नहीं मिली है।

जिसके चलते वह, उनका परिवार फेस्टिवल सीजन नहीं मना पा रहा है। सहोता ने कहा कि वह लोगों के जानमाल की रक्षा करने के लिए वह हमेशा तत्पर रहते हैं। लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से जो सुविधाएं उन्हें मिलनी चाहिए वह नहीं मिल रही।

बीते दिनों मंत्री की ओर से 4 नई गाड़ियां तो उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए गाड़ियों में डीजल तक नहीं है। भगवान न करे कोई बड़ी आपदा पड़ जाए तो वह जनता के जानमाल की रक्षा कैसे करेंगे। सहोता ने कहा कि अगर शाम तक हमारी गाड़ियों में तेल नहीं डलवाया गया तो सारी गाड़िया नगर निगम में खड़ी कर चाबियां निगम कमिश्नर को सौंप दी जाएंगी।

इससे साफ है कि दिवाली की आतिशबाजी में आग की घटनाएं हुईं तो लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। दूसरी तरफ सरकार और निगम प्रशासन को इसकी कोई जानकारी ही नहीं है। जालंधर के मेयर जगदीश राज राजा से जब दमकल विभाग के कर्मियों की वेतन न मिलने से हड़ताल के बारे में पूछा तो उन्होंने साफ कह दिया कि उन्हें इस मामले में कुछ भी पता नहीं है।

अगर वेतन नहीं मिली थी तो कर्मचारियों को आ कर बताना चाहिए था मेरा घर फायर ब्रिगेड ऑफिस के पास में ही है फिर भी कोई उन्हें बताने नहीं आया ना ही कोई पत्र दिया। अब तो सरकारी दफ्तर बंद है, लेकिन दमकल विभाग के कर्मियों को मनाकर ड्यूटी करने को कहेंगे और जल्दी ही उनकी वेतन जारी कर दी जाएगी।

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