Icdeol Will Not Be Able To Start Science Course Due To Hpu Not Getting A+ Grade From Naac – Naac Grade: एचपीयू शिमला को नैक से ए प्लस ग्रेड नहीं मिलने से इक्डोल शुरू नहीं कर पाएगा साइंस कोर्स

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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय

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– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को नैक की ग्रेडिंग में उम्मीद के अनुसार ए प्लस ग्रेड न मिलने से इक्डोल (अंतरराष्ट्रीय दूरवर्ती शिक्षा एवं मुक्त अध्ययन केंद्र) की साइंस कोर्स शुरू करने की योजना लटक गई है। ए प्लस ग्रेड मिलने पर इक्डोल प्रशासन की साइंस के बंद हुए कोर्स को शुरू करने की योजना थी। इसके लिए विवि को नैक से 3.26 इंस्टीट्यूशनल सीजीपीए और ए प्लस ग्रेड आवश्यक था। यूजीसी डिस्टेंस एजूकेशन ब्यूरो (डेब) के 2017 और 2020 के नए रगुलेशन इक्डोल पर भारी पड़ गए। इसके तहत यूनिवर्सिटी को ए प्लस ग्रेड मिलता तो ही ये इक्डोल से पीजीडीसीए, एमएससी मैथ, बीसीए जैसे कोर्स शुरू किए जा सकते थे। इन्हें 2016 में हुई ग्रेडिंग के बाद बने डेब के नए नियामों के लागू होने के बाद से बंद करना पड़ा था। 

विश्वविद्यालय प्रशासन को नैक की टीम के दौरे के लिए की गई तैयारियों और छात्रों को जुटाई गई नई सुविधाओं के आधार पर ए प्लस ग्रेड मिलने की पूरी उम्मीद थी। इस कारण विश्वविद्यालय को अब ए प्लस ग्रेड पर ही रिटेन करना पड़ा। इसमें नैक टीम ने 3.07 इंस्टीट्यूशनल ग्रेड प्वाइंट दिए हैं। विवि के 2016 की ग्रेडिंग में 3.21 स्कोर था। स्कोर गिरने से इक्डोल को भी इसका नुकसान हुआ है। इक्डोल को साइंस के कोर्स शुरू करने को अगली ग्रेडिंग तक इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि, प्रदेश के छात्रों के लिए राहत भरी खबर है कि इक्डोल में पहले से चल रहे सोशल साइंस के पीजी और यूजी के बीए, बीकॉम, एमबीए कोर्स सहित चार डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश और शिक्षण कार्य पहले की तरह से चलता रहेगा। इससे प्रदेश के हजारों ऐसे छात्र, जो रेगुलर मोड से पढ़ाई नहीं कर पाते हैं, वे अपनी पढ़ाई दूरवर्ती शिक्षा मोड (इक्डोल) से जारी रख सकेंगे। 

पहले से चल रहे कोर्स बराबर किए जाते रहेंगे संचालित : निदेशक 
इक्डोल की निदेशक प्रो. संजू करोल ने माना कि विवि को ए प्लस ग्रेड न मिलने से साइंस के कोर्स पुन: शुरू नहीं किए जा सकते हैं, मगर पहले से चल रहे सोशल साइंस के पीजी, यूजी कोर्स, मैनेजमेंट के एमबीए सहित चार डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि नए लागू रेगुलेशन के लिए ए प्लस ग्रेड मिलने पर ही साइंस के कोर्स पुन: शुरू किए जा सकते थे।

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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को नैक की ग्रेडिंग में उम्मीद के अनुसार ए प्लस ग्रेड न मिलने से इक्डोल (अंतरराष्ट्रीय दूरवर्ती शिक्षा एवं मुक्त अध्ययन केंद्र) की साइंस कोर्स शुरू करने की योजना लटक गई है। ए प्लस ग्रेड मिलने पर इक्डोल प्रशासन की साइंस के बंद हुए कोर्स को शुरू करने की योजना थी। इसके लिए विवि को नैक से 3.26 इंस्टीट्यूशनल सीजीपीए और ए प्लस ग्रेड आवश्यक था। यूजीसी डिस्टेंस एजूकेशन ब्यूरो (डेब) के 2017 और 2020 के नए रगुलेशन इक्डोल पर भारी पड़ गए। इसके तहत यूनिवर्सिटी को ए प्लस ग्रेड मिलता तो ही ये इक्डोल से पीजीडीसीए, एमएससी मैथ, बीसीए जैसे कोर्स शुरू किए जा सकते थे। इन्हें 2016 में हुई ग्रेडिंग के बाद बने डेब के नए नियामों के लागू होने के बाद से बंद करना पड़ा था। 

विश्वविद्यालय प्रशासन को नैक की टीम के दौरे के लिए की गई तैयारियों और छात्रों को जुटाई गई नई सुविधाओं के आधार पर ए प्लस ग्रेड मिलने की पूरी उम्मीद थी। इस कारण विश्वविद्यालय को अब ए प्लस ग्रेड पर ही रिटेन करना पड़ा। इसमें नैक टीम ने 3.07 इंस्टीट्यूशनल ग्रेड प्वाइंट दिए हैं। विवि के 2016 की ग्रेडिंग में 3.21 स्कोर था। स्कोर गिरने से इक्डोल को भी इसका नुकसान हुआ है। इक्डोल को साइंस के कोर्स शुरू करने को अगली ग्रेडिंग तक इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि, प्रदेश के छात्रों के लिए राहत भरी खबर है कि इक्डोल में पहले से चल रहे सोशल साइंस के पीजी और यूजी के बीए, बीकॉम, एमबीए कोर्स सहित चार डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश और शिक्षण कार्य पहले की तरह से चलता रहेगा। इससे प्रदेश के हजारों ऐसे छात्र, जो रेगुलर मोड से पढ़ाई नहीं कर पाते हैं, वे अपनी पढ़ाई दूरवर्ती शिक्षा मोड (इक्डोल) से जारी रख सकेंगे। 

पहले से चल रहे कोर्स बराबर किए जाते रहेंगे संचालित : निदेशक 

इक्डोल की निदेशक प्रो. संजू करोल ने माना कि विवि को ए प्लस ग्रेड न मिलने से साइंस के कोर्स पुन: शुरू नहीं किए जा सकते हैं, मगर पहले से चल रहे सोशल साइंस के पीजी, यूजी कोर्स, मैनेजमेंट के एमबीए सहित चार डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि नए लागू रेगुलेशन के लिए ए प्लस ग्रेड मिलने पर ही साइंस के कोर्स पुन: शुरू किए जा सकते थे।

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