Himachal Pradesh Cloudburst Causes Landslides In Many Places And National Highways Closed Latest News In Hindi – Himachal Pradesh Cloudburst : तीन बच्चों समेत नौ की मौत और 20 लापता, स्कूल बंद, कई सौ करोड़ का नुकसान

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हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने तबाही मचाई हुई है। मंडी और चंबा समेत कई जिलों में हाहाकार मचा है। चंबा जिले में दंपती और उनके बेटे की मौत हो गई है, जबकि मंडी के सराज, गोहर और द्रंग में बादल फटने की घटनाओं पांच  की मौत हो गई है। जबकि 15 से 20 लोग लापता बताए जा रहे हैं। तीनों एनएच मंडी पठानकोट, मंडी कुल्लू और मंडी जालंधर वाया धर्मपुर बंद हो गए हैं। उधर, कांगड़ा जिले में भारी बरसात होने के कारण रेलवे चक्की पुल रात को बह गया। दरारें आने के कारण डेढ़ हफ्ता पहले रेल सेवा बंद कर दी थी। भारी बारिश को देखते हुए कांगड़ा और कुल्लू में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।  कांगड़ा जिले के भनाला की गोरडा (शाहपुर) में एक मकान गिर गया, जिसकी जद में आने से 12 साल के बच्चे की जान चली गई। जानकारी के अनुसार निजी स्कूल में बस ड्राइवर नसीब सिंह के पुत्र आयुष (12) की घर के मलबे में दब गया है। इसके बाद गांववालों ने कड़ी मशक्कत से 12 वर्षीय आयुष को बाहर निकाला और शाहपुर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। 

मंडी जिला के बागी में बादल फटा, दो बच्चों के शव मिले
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में मूसलाधार बारिश ने तबाही मचाई है। जिला के मंडी-कटौला-पराशर मार्ग पर बागी नाला में बादल फटने से आई बाढ़ ने भारी कहर बरपाया है। यहां बाढ़ की चपेट में आने से एक पूरा परिवार लापता हो गया है। राहत और बचाव कार्य में लगे लोगों को दो बच्चों के शव मिले हैं, जबकि अन्य पांच लोग लापता हैं। 

बादल फटने के बाद रात बागी से पुराने कटौला तक दर्जनों परिवारों ने अपने घर छोड़ कर सुरक्षित जगहों पर रात बिताई है। बागी नाले पर बनाया पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह कस्बे थुनाग बाजार में भी नाले की बाढ़ ने दर्जनों दुकानों और वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। थुनाग बाजार में भी भारी तबाही हुई है।

इसके साथ ही बागी में बहुत सारी गाड़ियों सहित लगभग सभी दुकानों और पुराना कटौला गुज्जर बस्ती में घरों, गौशालाओं, घराटों, गाड़ियों व फसलों को नुकसान पहुंचा है। सबसे बड़ी दुर्घटना के तहत संदोआ, पुराना कटौला के  स्तार मोहम्मद पुत्र स्वर्गीय लाल हुसैन का पूरा परिवार बाढ़ की चपेट में आने से 5 लोग लापता हैं, जबकि एक बच्ची का शव घर से लगभग आधा किलोमीटर नीचे बरामद हुआ है। 
 
पुराना कटौला के पंकज कुमार, हिमांशु और अन्य स्थानीय लोग परिवार के लापता सदस्यों की तलाश में जुटे हुए रहे, लेकिन बागी खड्ड में भारी सैलाब होने से तलाशी अभियान रोक दिया गया है। उधर,  एसडीएम मंडी रितिका जिंदल ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मौके  पर राहत व बचाव दल के साथ एनडीआरएफ को भेजने का प्रयास जारी है, लेकिन मंडी से कटौला बागी तक कई जगहों पर सड़क बंद है। 

उधर बागी कटौला के साथ ही मंडी जिला रात भर हुई भारी बारिश से पूरे जिला भर में व्यापक नुकसान हुआ है। बल्ह घाटी जलमग्न हो चुकी है और सुकेती खड्ड पूरे उफान पर होने के कारण भारी नुकसान की आशंका है। जिला के तीनों एनएच और दर्जनों सड़कें जगह-जगह भूस्खलन से बंद हैं।

कमांद के पास पहाड़ी से भारी भूस्खलन
मंडी-बजौरा वाया कटौला मार्ग में कमांद के पास पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ है। जिला प्रशासन ने रात को ही मार्ग में यातायात आवाजाही पर रोक लगा दी है। 
DSP पधर लोकेंद्र नेगी ने कहा कि NDRF की टीम भेजी जा रही है। बंद मार्ग को खोलने बाद घटनास्थल पर रेस्क्यू हो पाना संभव है। 

मंडी-पठानकोट NH जगह जगह पर भूस्खलन से बंद हो गया है। सैकड़ों यात्री भूखे प्यासे जाम में फंसे हैं। कोटरोपी के पास पहाड़ी दरकने से NH की सड़क का नामोनिशां मिट गया है। कोटरोपी में इस बार जोगेंद्रनगर की तरफ को नाले के ऊपर की पहाड़ी ने कहर मचाया है। यहां स्थानीय ग्रामीणों की उपजाऊ जमीन और दर्जनों पेड़ मलबे में समा गए हैं। 
 
जानमाल का कोई नुकसान नही है। पहाड़ी का सारा मलबा नीचे आने से सास्ती गांव में अफरातफरी मच गई है। उपमंडल के सभी राजमार्ग बंद हैं। आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो कर रह गया है। देर रात से बिजली गुल है। जबकि शनिवार प्रातः 6 बजे से मोबाइल नेटवर्क भी ठप्प हो गया है। मोबाइल सेवा बंद होने से ग्रामीणों का अपने रिश्तेदारों से संपर्क नही हो पा रहा है। जिससे चिंता और बढ़ गई है।

पंचायत समिति द्रंग के उपाध्यक्ष कृष्ण भोज ने प्रातः तड़के ही घटना की सूचना उपमंडल प्रशासन को दी है। लेकिन जगह जगह पर भूस्खलन से NH बंद होने से प्रशासनिक अमला घटनास्थल पर नही पहुंच पाया है। 

NH में नारला के पास भी भूस्खलन होने से सारा मलबा सड़क पर आ गया है। SDM पधर संजीत सिंह ने कहा कि लगातार बारिश से आम जनजीवन अस्त व्यस्त है।कोटरोपी घटना के खौफ से ऊपर के गांव सराजबागला और जगेहड़ के ग्रामीणों ने गांव एक सुरक्षित स्थान पर जाकर पूरी रात गुजारी। यहां गांव तक पहाड़ी में दरार आई है। जिससे ग्रामीण खौफजदा हैं। उधर, अप्पर कोटरोपी गांव के ग्रामीण भी अब विपरीत दिशा में पहाड़ी से हुए भूस्खलन से सहमे हुए हैं।

मंडी के गोहर में  हादसा, पंचायत प्रधान समेत परिवार के आठ लोग दबे
मंडी जिला के गोहर विकास खंड के अन्तर्गत काशण में भयंकर भूस्खलन से पंचायत प्रधान खेम सिंह का घर जमींदोज़ हो गया है। बताया जाता है कि मकान के अंदर खेम सिंह सहित परिवार के आठ लोग दबे हैं। इस समय स्थानीय लोग स्वयं जमींदोज हुए मकान के लिंटर को तोड़कर अंदर फंसे लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन भयंकर मलबे के आगे उनकी एक नहीं चल रही। 

 
हालांकि प्रशासन की ओर से तहसीलदार दल-बल सहित घटनास्थल की ओर रवाना हो चुके हैं, लेकिन सड़क अवरुद्ध होने से चलते वह मौका पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्थानीय पंचायत के उपप्रधान ने बताया कि वह ग्रामीणों के सहयोग से लिंटर तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मकान के पहली मंजिल में लिंटर और दूसरी मंजिल में चादरें डाली गई थी।

लोगाें ने गांव छोड़ा
कोटरोपी घटना के खौफ से ऊपर के गांव सराजबागला और जगेहड़ के ग्रामीणों ने गांव एक सुरक्षित स्थान पर जाकर पूरी रात गुजारी। यहां गांव तक पहाड़ी में दरार आई है। जिससे ग्रामीण खौफजदा हैं। उधर, अप्पर कोटरोपी गांव के ग्रामीण भी अब विपरीत दिशा में पहाड़ी से हुए भूस्खलन से सहमे हुए हैं।

डीसी मंडी अरिंदम चौधरी के अनुसार, अभी तक एक शव बरामद होने और पंद्रह  से ज्यादा लोगों के लापता होने की सूचना है। करोड़ों का नुकसान हुआ है। कुछ वाहन बह गए हैं। कई घर तबााह हो गए हैं।

चंबा में मलबा में दबने से दंपती और बेटे की मौत
वहीं, चंबा जिले में भारी बारिश से दीवार तोड़ मकान में टनों मलबा घुस गया। जिससे तीन लोग लापता हो गए। ग्रामीण और प्रशासनिक टीमें लापता पति, पत्नी और बेटे के शव बरामद कर लिए हैं। भटियात क्षेत्र की बनेट पंचायत के जुलाडा वार्ड नंबर एक में बारिश ने तबाही मचाई है। देर रात दो बजे की घटना बताई जा रही है। 
मलबे में दबे पति-पत्नी और बेटे के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल चुवाड़ी भेज दिया गया है। डीएसपी विशाल वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। 
राजधानी शिमला में आरटीओ ऑफिस के पास भू स्खलन होने से सड़क का अधिकतर हिस्सा धंस गया है। जिससे यातायात व्यवस्था काफी प्रभावित हो रही है।  यातायात एक तरफा चलाया हुआ है। यातायात को सुचारु रूप से चलाने के लिए शिमला यातायात पुलिस ने सहयोग की अपील की है। शिमला यातायात पुलिस आप सभी से अपील भी करती है की आप उपरोक्त स्थान से गुजरते हुए  बिलकुल सावधानी पूर्वक ही इस स्थान को पार करें। वहीं, ठिगोग में पेट्रोल पंप पर चट्टान गिर गई है। फागू सड़क पर वाहन पर चट्टान गिरी है। गिरी और गुम्मा से शहर के लिए पानी की सप्लाई ठप हो गई है। 

उधर, कांगड़ा जिला में आज स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।  ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगी। लगातार बारिश को देखते हुए पूरे कुल्लू जिले में आंगनबाडी केंद्रों समेत सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने दिया है।

डलहौजी- पठानकोट नेशनल हाईवे में पंजपुला के समीप बड़ा हादसा होने से टला। सुबह करीब 8:00 बजे के करीब हाईवे पर जमीन धसने से बस डंगे में जा लटकी। बताया जा रहा है कि बस में करीब 35 लोग सवार थे।  डीएसपी विशाल वर्मा ने बताया कि सभी यात्री सुरक्षित है। 

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हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने तबाही मचाई हुई है। मंडी और चंबा समेत कई जिलों में हाहाकार मचा है। चंबा जिले में दंपती और उनके बेटे की मौत हो गई है, जबकि मंडी के सराज, गोहर और द्रंग में बादल फटने की घटनाओं पांच  की मौत हो गई है। जबकि 15 से 20 लोग लापता बताए जा रहे हैं। तीनों एनएच मंडी पठानकोट, मंडी कुल्लू और मंडी जालंधर वाया धर्मपुर बंद हो गए हैं। उधर, कांगड़ा जिले में भारी बरसात होने के कारण रेलवे चक्की पुल रात को बह गया। दरारें आने के कारण डेढ़ हफ्ता पहले रेल सेवा बंद कर दी थी। भारी बारिश को देखते हुए कांगड़ा और कुल्लू में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।  कांगड़ा जिले के भनाला की गोरडा (शाहपुर) में एक मकान गिर गया, जिसकी जद में आने से 12 साल के बच्चे की जान चली गई। जानकारी के अनुसार निजी स्कूल में बस ड्राइवर नसीब सिंह के पुत्र आयुष (12) की घर के मलबे में दब गया है। इसके बाद गांववालों ने कड़ी मशक्कत से 12 वर्षीय आयुष को बाहर निकाला और शाहपुर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। 

मंडी जिला के बागी में बादल फटा, दो बच्चों के शव मिले

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में मूसलाधार बारिश ने तबाही मचाई है। जिला के मंडी-कटौला-पराशर मार्ग पर बागी नाला में बादल फटने से आई बाढ़ ने भारी कहर बरपाया है। यहां बाढ़ की चपेट में आने से एक पूरा परिवार लापता हो गया है। राहत और बचाव कार्य में लगे लोगों को दो बच्चों के शव मिले हैं, जबकि अन्य पांच लोग लापता हैं। 

बादल फटने के बाद रात बागी से पुराने कटौला तक दर्जनों परिवारों ने अपने घर छोड़ कर सुरक्षित जगहों पर रात बिताई है। बागी नाले पर बनाया पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह कस्बे थुनाग बाजार में भी नाले की बाढ़ ने दर्जनों दुकानों और वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। थुनाग बाजार में भी भारी तबाही हुई है।

इसके साथ ही बागी में बहुत सारी गाड़ियों सहित लगभग सभी दुकानों और पुराना कटौला गुज्जर बस्ती में घरों, गौशालाओं, घराटों, गाड़ियों व फसलों को नुकसान पहुंचा है। सबसे बड़ी दुर्घटना के तहत संदोआ, पुराना कटौला के  स्तार मोहम्मद पुत्र स्वर्गीय लाल हुसैन का पूरा परिवार बाढ़ की चपेट में आने से 5 लोग लापता हैं, जबकि एक बच्ची का शव घर से लगभग आधा किलोमीटर नीचे बरामद हुआ है। 

 

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