Himachal Election 2022 Snowfall And Cold Wave In Lahaul And Election Campaigning – Himachal Election: ताजा बर्फबारी से बढ़ीं उम्मीदवारों की दिक्कतें, पारा शून्य से नीचे

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लाहौल-स्पीति की मयाड़ घाटी में हुई ताजा बर्फबारी।

लाहौल-स्पीति की मयाड़ घाटी में हुई ताजा बर्फबारी।
– फोटो : संवाद

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जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में ताजा बर्फबारी से तापमान शून्य के पास पहुंच गया है। रात का पारा शून्य से नीचे है। लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते लाहौल-स्पीति में राजनीतिक पारा गरमा गया है। बर्फबारी के बीच भी चुनावी तपिश से पारा गरम है। चुनावी मैदान में उतरे भाजपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के नेताओं को बर्फ के बीच चुनाव प्रचार करना पड़ रहा है। रविवार को एक दल के उम्मीदवार मयाड़ घाटी में बर्फ के फाहों और जमीन पर गिरी बर्फ के बीच गांव-गांव पहुंचे।

प्रचार के दौरान उनकी गाड़ी भी बीच सड़क में जाम हो गई और उन्हें पैदल ही जाना पड़ा। लाहौल घाटी के तिंदी और उदयपुर के मयाड़ घाटी में रविवार सुबह से बर्फबारी हुई। मौसम विज्ञान केंद्र ने आठ नवंबर तक लाहौल सहित ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है। ऐसे में क्षेत्रफल के लिहाज से सूबे के सबसे बड़े जिले लाहौल-स्पीति के हर गांव तक प्रचार करना उम्मीदवारों के लिए आसान नहीं है।

वैसे भी लाहौल-स्पीति में अन्य जिलों के मुकाबले गांव एक पहाड़ी से दूसरी पहाड़ी में जाकर बसे हैं। बेशक सभी गांव सड़क से भी जुड़ गए हैं, मगर बर्फबारी व लाहौल की भोगौलिक परिस्थितियों में यहां पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। वहीं, चुनावी अखाड़े में उतरे उम्मीदवारों की चिंता भी बढ़ना शुरू हो गई है। रविवार को लाहौल के ऊंचे इलाकों के साथ कुछेक रिहायशी क्षेत्रों में देर शाम तक रुक-रूक बर्फबारी का दौर जारी रहा। 

विस्तार

जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में ताजा बर्फबारी से तापमान शून्य के पास पहुंच गया है। रात का पारा शून्य से नीचे है। लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते लाहौल-स्पीति में राजनीतिक पारा गरमा गया है। बर्फबारी के बीच भी चुनावी तपिश से पारा गरम है। चुनावी मैदान में उतरे भाजपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के नेताओं को बर्फ के बीच चुनाव प्रचार करना पड़ रहा है। रविवार को एक दल के उम्मीदवार मयाड़ घाटी में बर्फ के फाहों और जमीन पर गिरी बर्फ के बीच गांव-गांव पहुंचे।

प्रचार के दौरान उनकी गाड़ी भी बीच सड़क में जाम हो गई और उन्हें पैदल ही जाना पड़ा। लाहौल घाटी के तिंदी और उदयपुर के मयाड़ घाटी में रविवार सुबह से बर्फबारी हुई। मौसम विज्ञान केंद्र ने आठ नवंबर तक लाहौल सहित ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है। ऐसे में क्षेत्रफल के लिहाज से सूबे के सबसे बड़े जिले लाहौल-स्पीति के हर गांव तक प्रचार करना उम्मीदवारों के लिए आसान नहीं है।

वैसे भी लाहौल-स्पीति में अन्य जिलों के मुकाबले गांव एक पहाड़ी से दूसरी पहाड़ी में जाकर बसे हैं। बेशक सभी गांव सड़क से भी जुड़ गए हैं, मगर बर्फबारी व लाहौल की भोगौलिक परिस्थितियों में यहां पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। वहीं, चुनावी अखाड़े में उतरे उम्मीदवारों की चिंता भी बढ़ना शुरू हो गई है। रविवार को लाहौल के ऊंचे इलाकों के साथ कुछेक रिहायशी क्षेत्रों में देर शाम तक रुक-रूक बर्फबारी का दौर जारी रहा। 

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