Himachal Election 2022 Polling Party Walked 20 Kilometer In Kullu Himachal – हिमाचल: मोबाइल की बैटरी के सहारे जंगल के रास्ते से 20 किमी पैदल चल पहुंची पोलिंग पार्टी

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शाक्टी से लौटती पोलिंग टीम।

शाक्टी से लौटती पोलिंग टीम।
– फोटो : संवाद

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जिला कुल्लू के सबसे दुर्गम पोलिंग बूथ शाक्टी, रशोल, मैल और मझाण में जमकर मतदान हुआ है। चारों पोलिंग बूथ में 73 फीसदी से 89 प्रतिशत तक वोटिंग हुई है। इन पोलिंग बूथों तक पहुंचने के लिए कर्मचारियों को आठ से 20 किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ा। सभी बूथों से ईवीएम देर रात तक पहुंचीं। सबसे अधिक परेशानी अति दुर्गम पोलिंग बूथ शाक्टी की पोलिंग टीम को उठानी पड़ी।

टीम को ईवीएम बंजार तक पहुंचाने के लिए छह घंटे का समय लगा। नाले, जंगल और खतरनाक रास्तों से होते हुए पोलिंग पार्टी को 20 किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ा। मोबाइल फोन की बैटरी के सहारे पोलिंग टीम निहारनी सड़क तक पहुंची। पोलिंग बूथ शाक्टी, मझाण और रशोल में शांतिपूर्ण मतदान हुआ। शाक्टी, मरौड़ और शुगाड़ गांव के लिए प्राइमरी स्कूल शाक्टी में बनाए गए पोलिंग स्टेशन में तीन गांवों के 96 वोटरों में से 42 पुरुष और 32 महिलाओं समेत 74 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

सैंज के ही मझाण में 222 मतदाताओं में से 163 में मतदान किया। यहां 80 पुरुषों के मुकाबले 83 महिलाओं ने वोट डाला। रशोल में 456 वोटरों में से 336 लोगों ने वोट किया। मैल पोलिंग बूथ में 113 में से 101 वोटरों ने लोकतंत्र के पर्व में अपनी भागीदारी निभाई। यहां रिकॉर्ड 89.38 प्रतिशत वोटिंग हुई। सेक्टर अधिकारी बीर सिंह ने कहा कि शाक्टी, मैल और मझाण से कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम बंजार स्थित स्ट्रांग रूम में पहुंचाई गई। दुर्गम क्षेत्र होने से पोलिंग पार्टियां रात 12:00 बजे तक बंजार पहुंची।

जिला के सबसे दुर्गम पोलिंग बूथों में मतदान प्रतिशत 
पोलिंग बूथ      मतदान प्रतिशत

शाक्टी              77.08 प्रतिशत
रशोल              73.68 प्रतिशत
मैल                 89.38 प्रतिशत 
मझाण            73.42 प्रतिशत

विस्तार

जिला कुल्लू के सबसे दुर्गम पोलिंग बूथ शाक्टी, रशोल, मैल और मझाण में जमकर मतदान हुआ है। चारों पोलिंग बूथ में 73 फीसदी से 89 प्रतिशत तक वोटिंग हुई है। इन पोलिंग बूथों तक पहुंचने के लिए कर्मचारियों को आठ से 20 किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ा। सभी बूथों से ईवीएम देर रात तक पहुंचीं। सबसे अधिक परेशानी अति दुर्गम पोलिंग बूथ शाक्टी की पोलिंग टीम को उठानी पड़ी।

टीम को ईवीएम बंजार तक पहुंचाने के लिए छह घंटे का समय लगा। नाले, जंगल और खतरनाक रास्तों से होते हुए पोलिंग पार्टी को 20 किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ा। मोबाइल फोन की बैटरी के सहारे पोलिंग टीम निहारनी सड़क तक पहुंची। पोलिंग बूथ शाक्टी, मझाण और रशोल में शांतिपूर्ण मतदान हुआ। शाक्टी, मरौड़ और शुगाड़ गांव के लिए प्राइमरी स्कूल शाक्टी में बनाए गए पोलिंग स्टेशन में तीन गांवों के 96 वोटरों में से 42 पुरुष और 32 महिलाओं समेत 74 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

सैंज के ही मझाण में 222 मतदाताओं में से 163 में मतदान किया। यहां 80 पुरुषों के मुकाबले 83 महिलाओं ने वोट डाला। रशोल में 456 वोटरों में से 336 लोगों ने वोट किया। मैल पोलिंग बूथ में 113 में से 101 वोटरों ने लोकतंत्र के पर्व में अपनी भागीदारी निभाई। यहां रिकॉर्ड 89.38 प्रतिशत वोटिंग हुई। सेक्टर अधिकारी बीर सिंह ने कहा कि शाक्टी, मैल और मझाण से कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम बंजार स्थित स्ट्रांग रूम में पहुंचाई गई। दुर्गम क्षेत्र होने से पोलिंग पार्टियां रात 12:00 बजे तक बंजार पहुंची।

जिला के सबसे दुर्गम पोलिंग बूथों में मतदान प्रतिशत 

पोलिंग बूथ      मतदान प्रतिशत


शाक्टी              77.08 प्रतिशत

रशोल              73.68 प्रतिशत

मैल                 89.38 प्रतिशत 

मझाण            73.42 प्रतिशत

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