Himachal Election 2022, 38 Candidates Are Involved In The Electoral Riots In Student Politics – हिमाचल चुनाव: छात्र राजनीति में तपे हैं चुनावी दंगल में कूदे 38 प्रत्याशी

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जेपी नड्डा और आनंद शर्मा।

जेपी नड्डा और आनंद शर्मा।
– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के दंगल में कूदे 38 प्रत्याशी छात्र राजनीति में तप कर आगे बढ़े हैं। अब ये उम्मीदवार 2022 की चुनावी जंग से आम जनता का नुमाइंदा बनने के लिए किस्मत आजमा रहे हैं। छात्र राजनीति में अलग-अलग विचारधारा और राजनीतिक दलों के छात्र संगठनों में रहकर इन्होंने खुद को आम जनता की सियासत करने के लिए तैयार किया है। इन युवा तुर्कों में कुछ सियासत में स्थापित हो चुके पुराने चेहरे हैं तो कई इस मुकाम को पाने के लिए कदम बढ़ा रह हैं। चुनाव में जीत मिले या हार यह मायने नहीं रखता, मगर इतनी अधिक संख्या में चुनावी दम भरकर इन पूर्व छात्र नेताओं ने राजनीति के बदलते मिजाज का संकेत देने का काम जरूर किया है। साथ ही मतदाताओं को उच्च शिक्षित प्रतिनिधि को चुनने का विकल्प भी दिया है। चुनावी मैदान में उतरे इन उम्मीदवारों में अधिकांश को राजनीति विरासत से नहीं मिली है। अब पूर्व छात्र नेता रहे ये युवा जनता के समर्थन से राजनीतिक में परंपरा से अलग हटकर नई सोच व जोश के साथ कुछ अच्छा कर गुजरने को कमर कस चुके हैं।  

नड्डा और आनंद भी छात्र राजनीति की देन
शिमला। विधानसभा चुनावों में भाजपा के मुख्य रणनीतिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा भी छात्र राजनीति की ही देन है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा भी छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं। 

कांग्रेस के ये पूर्व छात्र नेता मैदान में
कांग्रेस पार्टी के टिकट पर एनएसयूआई के पूर्व नेताओं में नादौन से सुखविंद्र सिंह सुक्खू, झंडूता से विवेक कुमार, शाहपुर से केवल सिंह पठानिया, धर्मशाला से सुधीर शर्मा, ठियोग से कुलदीप सिंह राठौर, ज्वालाजी से संजय रत्न, बिलासपुर सदर से बंबर ठाकुर, कसौली से विनोद सुलतानपुरी, नाहन से अजय सोलंकी, कुल्लू से सुंदर ठाकुर, नालागढ़ से बाबा हरदीप, चंबा सदर से नीरज नैयर, नूरपुर से अजय महाजन और धर्मपुर से चंद्र शेखर चुनाव लड़ रहे हैं। 

भाजपा से ये पूर्व छात्र नेता लड़ रहे चुनाव
भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतारे गए एबीवीपी के पूर्व छात्र नेताओं में किन्नौर से सूरत नेगी, रामपुर से कौल नेगी, ऊना से सतपाल सत्ती, हरोली से राम कुमार, नैना देवी से रणधीर शर्मा, बिलासपुर से त्रिलोक जमवाल, सुलह से विपिन परमार, लाहौल स्पीति से राम लाल मारकंडा, आनी से लोकेंद्र, सिराज से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, नाचन से विनोद कुमार, भरमौर से जनक राज शामिल हैं।  

माकपा ने इन पर खेला चुनावी दांव
माकपा के टिकट पर पूर्व छात्र नेता रहे राकेश सिंघा ठियोग, टिकेंद्र सिंह पंवर शिमला शहरी, डा. कुलदीप सिंह तनवर कसुम्पटी, विशाल शांकटा जुब्बल कोटखाई, कुशाल भारद्वाज जोगेंद्र नगर, महेंद्र राणा सिराज, डा. क श्मीर सिंह ठाकुर हमीरपुर, आशीष पंवर सिरमौर पच्छाद, किशोरी लाल करसोग, होतम सोंखला कुल्लू सीट से चुनाव मैदान में उतरे हैं। एसएफआई के पूर्व छात्र नेता मनीश शर्मा सरकाघाट से बतौर आजाद प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के दंगल में कूदे 38 प्रत्याशी छात्र राजनीति में तप कर आगे बढ़े हैं। अब ये उम्मीदवार 2022 की चुनावी जंग से आम जनता का नुमाइंदा बनने के लिए किस्मत आजमा रहे हैं। छात्र राजनीति में अलग-अलग विचारधारा और राजनीतिक दलों के छात्र संगठनों में रहकर इन्होंने खुद को आम जनता की सियासत करने के लिए तैयार किया है। इन युवा तुर्कों में कुछ सियासत में स्थापित हो चुके पुराने चेहरे हैं तो कई इस मुकाम को पाने के लिए कदम बढ़ा रह हैं। चुनाव में जीत मिले या हार यह मायने नहीं रखता, मगर इतनी अधिक संख्या में चुनावी दम भरकर इन पूर्व छात्र नेताओं ने राजनीति के बदलते मिजाज का संकेत देने का काम जरूर किया है। साथ ही मतदाताओं को उच्च शिक्षित प्रतिनिधि को चुनने का विकल्प भी दिया है। चुनावी मैदान में उतरे इन उम्मीदवारों में अधिकांश को राजनीति विरासत से नहीं मिली है। अब पूर्व छात्र नेता रहे ये युवा जनता के समर्थन से राजनीतिक में परंपरा से अलग हटकर नई सोच व जोश के साथ कुछ अच्छा कर गुजरने को कमर कस चुके हैं।  

नड्डा और आनंद भी छात्र राजनीति की देन

शिमला। विधानसभा चुनावों में भाजपा के मुख्य रणनीतिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा भी छात्र राजनीति की ही देन है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा भी छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं। 

कांग्रेस के ये पूर्व छात्र नेता मैदान में

कांग्रेस पार्टी के टिकट पर एनएसयूआई के पूर्व नेताओं में नादौन से सुखविंद्र सिंह सुक्खू, झंडूता से विवेक कुमार, शाहपुर से केवल सिंह पठानिया, धर्मशाला से सुधीर शर्मा, ठियोग से कुलदीप सिंह राठौर, ज्वालाजी से संजय रत्न, बिलासपुर सदर से बंबर ठाकुर, कसौली से विनोद सुलतानपुरी, नाहन से अजय सोलंकी, कुल्लू से सुंदर ठाकुर, नालागढ़ से बाबा हरदीप, चंबा सदर से नीरज नैयर, नूरपुर से अजय महाजन और धर्मपुर से चंद्र शेखर चुनाव लड़ रहे हैं। 

भाजपा से ये पूर्व छात्र नेता लड़ रहे चुनाव

भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतारे गए एबीवीपी के पूर्व छात्र नेताओं में किन्नौर से सूरत नेगी, रामपुर से कौल नेगी, ऊना से सतपाल सत्ती, हरोली से राम कुमार, नैना देवी से रणधीर शर्मा, बिलासपुर से त्रिलोक जमवाल, सुलह से विपिन परमार, लाहौल स्पीति से राम लाल मारकंडा, आनी से लोकेंद्र, सिराज से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, नाचन से विनोद कुमार, भरमौर से जनक राज शामिल हैं।  

माकपा ने इन पर खेला चुनावी दांव

माकपा के टिकट पर पूर्व छात्र नेता रहे राकेश सिंघा ठियोग, टिकेंद्र सिंह पंवर शिमला शहरी, डा. कुलदीप सिंह तनवर कसुम्पटी, विशाल शांकटा जुब्बल कोटखाई, कुशाल भारद्वाज जोगेंद्र नगर, महेंद्र राणा सिराज, डा. क श्मीर सिंह ठाकुर हमीरपुर, आशीष पंवर सिरमौर पच्छाद, किशोरी लाल करसोग, होतम सोंखला कुल्लू सीट से चुनाव मैदान में उतरे हैं। एसएफआई के पूर्व छात्र नेता मनीश शर्मा सरकाघाट से बतौर आजाद प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।

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