High Court Stay On Mining Near International Border In Gurdaspur And Pathankot – अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास खनन पर रोक: इससे रावी नदी की बदल रही थी धारा, Bsf और सेना ने जताई थी चिंता

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सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अवैध खनन के चलते रावी नदी का रुख धीरे-धीरे बदलने और इससे सीमा पर की गई तारबंदी से होने वाले नुकसान के बारे में सोमवार को हाईकोर्ट को जानकारी दी। इस जानकारी के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरदासपुर व पठानकोट में सीमा से लगते क्षेत्र में खनन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। 

साथ ही पंजाब सरकार को अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। पंजाब सरकार ने सोमवार को अवैध खनन मामले में अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी। पंजाब सरकार ने बताया कि उनकी और बीएसएफ के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। बैठक में बीएसएफ ने जो चिंता जताई थी, उस विषयों पर कार्रवाई की जा रही है। 

बीएसएफ कि मांग थी कि स्टोन क्रशर का काम सुबह छह से शाम सात के बीच हो और रात में इस पर पाबंदी रहे। यहां काम कर रहे मजदूरों की शिनाख्त की जाए। खनन सामग्री के वाहन केवल दिन में ही चलें और इनके बारे में बीएसएफ को जानकारी हो। इन मुद्दों को हल करने की दिशा में काम किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के जवाब पर असंतुष्टि जता दी है।

बीएसएफ और सेना ने हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपी और कहा कि अवैध खनन अंतरराष्ट्रीय सरहद के लिए चिंता का बड़ा विषय है। अवैध तरीके से खनन होने के चलते सीमा के आसपास गढ्ढे बन गए हैं। इन गढ्ढों के चलते रावी नदी अपनी दिशा बदल रही है। ऐसा होने से सीमा पर की गई तारबंदी के लिए बड़ा खतरा पैदा होता है। 

इसके साथ ही यह गढ्ढे आतंकवादियों व असामाजिक तत्वों के लिए पनाहगार साबित हो रहे हैं। खनन दिन-रात होने के चलते हर तरफ शोर रहता है और इस शोर का फायदा उठाकर ड्रोन सीमा पार करवा कर भारत भेजे जाते हैं। ड्रोन के माध्यम से नशा और हथियार भारत भेजे जाते हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अब अगली सुनवाई तक खनन पर रोक लगा दी है और पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

विस्तार

सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अवैध खनन के चलते रावी नदी का रुख धीरे-धीरे बदलने और इससे सीमा पर की गई तारबंदी से होने वाले नुकसान के बारे में सोमवार को हाईकोर्ट को जानकारी दी। इस जानकारी के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरदासपुर व पठानकोट में सीमा से लगते क्षेत्र में खनन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। 

साथ ही पंजाब सरकार को अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। पंजाब सरकार ने सोमवार को अवैध खनन मामले में अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी। पंजाब सरकार ने बताया कि उनकी और बीएसएफ के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। बैठक में बीएसएफ ने जो चिंता जताई थी, उस विषयों पर कार्रवाई की जा रही है। 

बीएसएफ कि मांग थी कि स्टोन क्रशर का काम सुबह छह से शाम सात के बीच हो और रात में इस पर पाबंदी रहे। यहां काम कर रहे मजदूरों की शिनाख्त की जाए। खनन सामग्री के वाहन केवल दिन में ही चलें और इनके बारे में बीएसएफ को जानकारी हो। इन मुद्दों को हल करने की दिशा में काम किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के जवाब पर असंतुष्टि जता दी है।

बीएसएफ और सेना ने हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपी और कहा कि अवैध खनन अंतरराष्ट्रीय सरहद के लिए चिंता का बड़ा विषय है। अवैध तरीके से खनन होने के चलते सीमा के आसपास गढ्ढे बन गए हैं। इन गढ्ढों के चलते रावी नदी अपनी दिशा बदल रही है। ऐसा होने से सीमा पर की गई तारबंदी के लिए बड़ा खतरा पैदा होता है। 

इसके साथ ही यह गढ्ढे आतंकवादियों व असामाजिक तत्वों के लिए पनाहगार साबित हो रहे हैं। खनन दिन-रात होने के चलते हर तरफ शोर रहता है और इस शोर का फायदा उठाकर ड्रोन सीमा पार करवा कर भारत भेजे जाते हैं। ड्रोन के माध्यम से नशा और हथियार भारत भेजे जाते हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अब अगली सुनवाई तक खनन पर रोक लगा दी है और पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

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