Five Killed In Road Accident In Ludhiana Of Punjab – मौत खुद चुनती है हथियार: एक फैसले ने उजाड़ी पांच जिदंगियां, चंद मिनट में छाया मातम, हर कोई हैरान

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पंजाब के लुधियाना में एक दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की मौत से कोहराम मच गया। हादसे में तीन बच्चों समेत पांच लोगों ने जान गंवाई है। मृतकों में कार चालक राजेश कुमार, उसकी पांच साल की बेटी जैसमीन, राजेश की साली संजना निवासी प्रताप नगर और उसकी दो बेटियां खुशी (3) और माही (5) शामिल हैं। सभी लोग चंडीगढ़ में एक पार्टी में शामिल होकर लुधियाना आ रहे थे।

इस दर्दनाक हादसे में राजन की पत्नी और बच्चियों की जान चली गई। पहले बाइक से लुधियाना आना चाहता था। मगर सुरक्षा के लिहाज से कार को चुना। ताकि परिवार के लोग आराम से घर पहुंच सके हैं। मगर वही कार ही परिवार की काल बन गई। पहले राजन भी इसी कार से घर जाने वाला था ताकि वह भी सुरक्षित पहुंच सके। उसने सोचा कि बाइक रिश्तेदारों के घर छोड़ देता हूं और सुबह उठा लूंगा। मगर ऐन वक्त में उसकी योजना टल गई।

परिवार लुधियाना के लिए रवाना हुआ। रास्ते में चंद मिनट में दो परिवारों की खुशियां उजड़ गईं। दर्दनाक हादसे में राजन की पत्नी और बच्चियों की मौत हो गई। चालक राजेश और उसकी बेटी को भी जान गंवानी पड़ी, जबकि पत्नी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। कुछ समय पहले खुशी वाले परिवार में रात को ही मातम छा गया। पत्नी और बच्चियों को खो चुके राजन की हिम्मत जवाब दे चुकी है। राजन ने कहा कि काफी समय बाद सभी रिश्तेदार एक-दूसरे से मिले थे। वह भी रिश्तेदारों से मुलाकात करने समारोह में पहुंचा था ताकि खुशी में शामिल सके लेकिन भगवान की मर्जी कुछ और ही थी।

राजन ने कहा कि भगवान ने उन्हें बड़ी मार मारी है। अब वह किसके सहारे जिंदगी काटेगा। राजन ने बताया कि वह और राजेश का परिवार बिहार के सीतामढ़ी का है। दोनों अपने परिवार और बच्चों का भविष्य संवारने कुछ वर्ष पहले ही लुधियाना आए थे ताकि यहां कामकाज कर अपने परिवार का पालन पोषण अच्छा कर सके। लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस लुधियाना में वह परिवार का भविष्य तलाशने आए हैं, वहां उनका पूरा परिवार ही उजड़ जाएगा। राजन ने कहा कि राजेश की पत्नी भी मौत से लड़ रही है। उसकी भी हालत गंभीर है। 

रिश्तेदारों और इलाके के लोगों में छाया मातम

हादसे की सूचना मिलने पर सभी रिश्तेदारों के यहां मातम पसर गया। सभी की आंखों के सामने समारोह में हुई आखिरी मुलाकात घूमने लगी। किसी को इस पर यकीन नहीं हो रहा था। सभी देर रात को ही घटनास्थल पर पहुंच गए। इलाका निवासियों को सुबह पता चला तो वह भी पहुंचे। सुभाष नगर और न्यू माधोपुरी इलाके के लोगों को जैसे ही पता चला तो सभी हैरान हो गए और पूरे इलाके में मातम छा गया। इलाके के लोगों का कहना है कि दोनों परिवार अच्छे और मिलनसार थे। मगर भगवान के आगे किसी की नहीं चलती। जब देर शाम को अंतिम संस्कार किया गया तो हर आंख में आंसू थे। 

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