Explainer: क्या क्रेमलिन के साथ जा रहे ‘चार स्टेट’ दिल से रूसी हैं? जानें क्या छुपा रही है यूक्रेनी सेना

0
15

हाइलाइट्स

2001 की जनगणना के मुताबिक करीब 80 फीसदी लोग दोनेत्स्क में रूसी भाषा बोलते हैं
लुहांस्क में 85 फीसदी से अधिक लोग रूसी भाषा का प्रयोग करते हैं
ज़ापोरिज्जिया में रूस से चलने वाले ‘ऑर्थोडॉक्स क्रिश्चियन’ को धर्म के रूप में मानते हैं

मॉस्को. यूक्रेन-रूस युद्ध के कई महीने बीतने के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को क्रेमलिन समारोह में यूक्रेन के चार क्षेत्रों के विलय की घोषणा करने जा रहे हैं. रूस द्वारा 2014 में क्रीमिया हथियाने के बाद से पुतिन यूक्रेन और बेलारूस पर अपनी नजर गड़ाए हुए हैं. गौरतलब है कि रूस के क्षेत्रफल में यूक्रेन के 15 प्रतिशत हिस्से को शामिल कर रूसी नेता अपनी जनता के बीच युद्ध के फायदे गिनाने का प्रयास कर रहे हैं. हालांकि इन चारो यूक्रेनी प्रांतों में रूसी भाषी लोगों का होना भी इन्हें रूस में मिलाने के लिए बड़ा फैक्टर साबित हुआ है.

दोनेत्स्क और लुहान्सक
बेशक यूक्रेन दोनेत्स्क और लुहान्सकी को अपना क्षेत्र बताता हो लेकिन 2014 से ही दोनों क्षेत्र यूक्रेनी सरकारी बलों से लड़ते चले आ रहे हैं. इसका बड़ा कारण रूस का इन क्षेत्रों में पड़ने वाला प्रभाव भी है. यूक्रेन की वर्ष 2001 की जनगणना के मुताबिक करीब 80 फीसदी लोग दोनेत्स्क में रूसी भाषा बोलते हैं. वहीं लुहान्सकी या लुहांस्क में 85 फीसदी से अधिक लोग रूसी भाषा का प्रयोग करते हैं. भाषा की पकड़ होने के कारण दोनों क्षेत्रों में रूस का बहुत अधिक प्रभाव है. फिलहाल रूस लगभग पूरे यूक्रेनी लुहान्स्क क्षेत्र को नियंत्रित करता है लेकिन डोनेट्स्क के केवल 60% हिस्से में अभी रूसियों का कब्जा है.

खेरसॉन
क्रीमिया के उत्तर में स्थित खेरसॉन में युद्ध शुरू होने से पहले केवल दस लाख लोग रहा करते थे. इस क्षेत्र में भी रूसी सेना का नियंत्रण लगभग पूरे क्षेत्र में फैला हुआ है. दोनों देशों के लिए जियोपोलिटिकल रूप से महत्वपूर्ण खेरसॉन को वापस पाने के लिए यूक्रेन कई हफ्तों से लगातार हमले कर रहा है. राज्य के कुछ हिस्सों में रूस की आपूर्ति लाइनों को तोड़ने और सुरक्षा बलों की रसद की सप्लाई काटने के लिए यूक्रेनी सेना समय-समय पर नीप्रो नदी पर मौजूद पुलों को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास कर रही है. खेरसॉन में भी माना जाता है कि रूस लोगों में अपनी छाप छोड़ने में काफी हद तक सफल रहा है.

ज़ापोरिज्जिया
यूरोप में सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र के आसपास के क्षेत्र में चली लड़ाई के बाद ज़ापोरिज्जिया दुनिया के लिए चर्चा का केंद्र बन गया है. रूस परमाणु संयंत्र और पूरे प्रांत के लगभग 70% हिस्से को नियंत्रित करता है जो यूक्रेन के लिए ऊर्जा के नजरिये से भी बेहद महत्वपूर्ण है. ज़ापोरिज्जिया के करीब 57 फीसदी लोग रूसी भाषा जानते हैं साथ ही ज्यादातर नागरिक रूस में चलने वाले ‘ऑर्थोडॉक्स क्रिश्चियन’ धर्म को मानते हैं.

‘रूसीफिकेशन’
चारों प्रांतों पर कब्ज़ा करने से पहले ही मॉस्को ने इन इलाकों को ‘रूसीफाई’ करने के लिए कई कदम उठाए थे. रूसीफाई करने की यह प्रक्रिया डोनेट्स्क और लुहान्स्क के कब्जे वाले हिस्सों में सबसे एडवांस है, जहां उसने 2019 से निवासियों को सैकड़ों हजारों रूसी पासपोर्ट सौंपे हैं और लगभग पूरी तरह से यूक्रेन की रिव्निया मुद्रा को रूसी रूबल के साथ बदल दिया है. वहीं खेरसॉन और ज़ापोरिज्जिया में, दोनों मुद्राएं प्रचलन में हैं.

इसके अतिरिक्त सभी चार क्षेत्रों में, यूक्रेनी टीवी और मोबाइल फोन नेटवर्क को रूसी नेटवर्क और चैनल से बदल दिया गया है. अब केवल रूसी चैनल और दूरसंचार कंपनियों को इन क्षेत्रों में कार्य करने की अनुमति दी गई है. इसके साथ ही बच्चों को दिल से रूसी बनाने की प्रक्रिया में पुतिन ने यूक्रेनी पाठ्यक्रम पढ़ाने वाले स्कूलों पर एक नया रूसी करिकुलम अपनाने का दबाव बनाया है. अब इन क्षेत्रों के लगभग सभी स्कूलों में रूस के पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई हो रही है.

Tags: Russia ukraine war

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here