Drones Will Now Deliver Medicines To Health Centers, Will Bring Blood Samples In Return – Drones: स्वास्थ्य केंद्रों में अब ड्रोन पहुंचाएगा दवाएं, वापसी में ब्लड सैंपल लाएगा

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हिमाचल प्रदेश के दूरदराज के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए अब ड्रोन की मदद ली जाएगी। ड्रोन के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयां भेजी जाएंगी। वापसी में ड्रोन स्वास्थ्य केंद्रों से मरीजों के ब्लड सैंपल भी लाएगा। इन सैंपलों की जांच नजदीकी जिला अस्पतालों की प्रयोगशालाओं में की जाएगी। एक समय में ड्रोन पांच किलो तक दवाइयां ले जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को इसका जिम्मा सौंपा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत इस प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाया जाएगा।  किलाड़ ब्लॉक में इस प्रयोग को शुरू किया जा रहा है। अगले सप्ताह इसका ट्रायल शुरू होगा।

पहले चरण में मंडी जिला के जंजैहली ब्लॉक के जंजैहली, बालीचौकी, गाढ़ा गुशैणी स्थित  प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयां पहुंचाई जाएंगी। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मी लोगों को दवाइयां उपलब्ध करवाएंगे। लोगों को दवाइयों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य प्रधान सचिव सुभाशीष पंडा ने बताया कि दूरदराज के क्षेत्रों में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए यह फैसला लिया गया है। लोगों का अब नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भी बेहतर उपचार हो सकेगा। उन्हें साधारण बीमारियों का इलाज कराने के लिए मेडिकल कॉलेज या जिला अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 
 

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हिमाचल प्रदेश के दूरदराज के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए अब ड्रोन की मदद ली जाएगी। ड्रोन के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयां भेजी जाएंगी। वापसी में ड्रोन स्वास्थ्य केंद्रों से मरीजों के ब्लड सैंपल भी लाएगा। इन सैंपलों की जांच नजदीकी जिला अस्पतालों की प्रयोगशालाओं में की जाएगी। एक समय में ड्रोन पांच किलो तक दवाइयां ले जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को इसका जिम्मा सौंपा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत इस प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाया जाएगा।  किलाड़ ब्लॉक में इस प्रयोग को शुरू किया जा रहा है। अगले सप्ताह इसका ट्रायल शुरू होगा।

पहले चरण में मंडी जिला के जंजैहली ब्लॉक के जंजैहली, बालीचौकी, गाढ़ा गुशैणी स्थित  प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयां पहुंचाई जाएंगी। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मी लोगों को दवाइयां उपलब्ध करवाएंगे। लोगों को दवाइयों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य प्रधान सचिव सुभाशीष पंडा ने बताया कि दूरदराज के क्षेत्रों में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए यह फैसला लिया गया है। लोगों का अब नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भी बेहतर उपचार हो सकेगा। उन्हें साधारण बीमारियों का इलाज कराने के लिए मेडिकल कॉलेज या जिला अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 

 

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