Court Decision Reserved On Bail Plea Of Former Minister Ashu – ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाला: आशु की जमानत याचिका पर अदालत का फैसला सुरक्षित, नौ सितंबर को होगी सुनवाई

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ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाले में पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की जमानत याचिका पर बुधवार को लुधियाना की कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा लिया है। अदालत अब नौ सितंबर को अपना फैसला सुनाएगी। गौरतलब है कि ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाले में पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु 14 दिन की न्यायिक हिरासत में पटियाला जेल में बंद है। 

बीते सोमवार को आशु ने लुधियाना कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी। बुधवार को इस मामले में अदालत में आशु पक्ष के वकील और सरकारी वकील में बहस हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और नौ सितंबर को फैसला सुनाएगी। आशु के वकील परोपकार सिंह घुम्मन ने बताया कि कोर्ट में दोनों पक्षों में बहस हुई। 

कोर्ट में हमारी तरफ से पक्ष रखा गया कि ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाले में भारत भूषण आशु के खिलाफ कोई सबूत नही नहीं है। अभी तक घोटाले के मामले में उन पर हवा हवाई और सुनी-सुनाई बातों के आरोप लगे हैं। ठोस कुछ भी नहीं है। मनप्रीत सिंह से मिली प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री मामले में बहस हुई। जिसमें आशु पक्ष के वकीलों ने कहा मनप्रीत से मिली रजिस्ट्री में आशु के नाम पर एक भी रजिस्ट्री नहीं है। 2010 से पहले की छोड़कर अब उनके नाम पर कोई रजिस्ट्री हो तो दिखाए। इसलिए उनकी जमानत याचिका मंजूर की जाए जबकि सरकारी वकील उनकी याचिका रद्द करने पर अड़े रहे। 

विस्तार

ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाले में पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की जमानत याचिका पर बुधवार को लुधियाना की कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा लिया है। अदालत अब नौ सितंबर को अपना फैसला सुनाएगी। गौरतलब है कि ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाले में पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु 14 दिन की न्यायिक हिरासत में पटियाला जेल में बंद है। 

बीते सोमवार को आशु ने लुधियाना कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी। बुधवार को इस मामले में अदालत में आशु पक्ष के वकील और सरकारी वकील में बहस हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और नौ सितंबर को फैसला सुनाएगी। आशु के वकील परोपकार सिंह घुम्मन ने बताया कि कोर्ट में दोनों पक्षों में बहस हुई। 

कोर्ट में हमारी तरफ से पक्ष रखा गया कि ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाले में भारत भूषण आशु के खिलाफ कोई सबूत नही नहीं है। अभी तक घोटाले के मामले में उन पर हवा हवाई और सुनी-सुनाई बातों के आरोप लगे हैं। ठोस कुछ भी नहीं है। मनप्रीत सिंह से मिली प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री मामले में बहस हुई। जिसमें आशु पक्ष के वकीलों ने कहा मनप्रीत से मिली रजिस्ट्री में आशु के नाम पर एक भी रजिस्ट्री नहीं है। 2010 से पहले की छोड़कर अब उनके नाम पर कोई रजिस्ट्री हो तो दिखाए। इसलिए उनकी जमानत याचिका मंजूर की जाए जबकि सरकारी वकील उनकी याचिका रद्द करने पर अड़े रहे। 

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