Bjp Adhyaksh Jp Nadda Statement In Hpu Shimla – Jp Nadda: एचपीयू ही एक ऐसा विश्वविद्यालय, जहां राजनीतिक सहिष्णुता

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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के विद्यार्थियों को कामयाबी के लिए ईमानदारी, निष्ठा, समर्पण और धैर्य अपनाने के चार मंत्र दिए। नड्डा ने कहा कि एचपीयू ही एक ऐसा विश्वविद्यालय है, जहां पर राजनीतिक सहिष्णुता है। उन्होंने विद्यार्थियों को धर्म और जात-पात से ऊपर उठकर कर्तव्यबोध के साथ आगे बढ़ने का पाठ पढ़ाया। नड्डा रविवार को एचपीयू में पूर्व विद्यार्थी वृहद् समागम-2022 कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में फिल्म अभिनेता अनुपम खेर, एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया, विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज के अलावा विधायक राकेश सिंघा, सुखविंदर सुक्खू, हाईकोर्ट के न्यायाधीश विवेक ठाकुर, न्यायाधीश चंद्रभूषण बारोवालिया, न्यायाधीश कुकरेजा आदि उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य एसपी बंसल ने सभी गण्यमान्य अतिथियों का स्वागत किया।  

नड्डा ने कहा कि किसी से सर्टिफिकेट मत मांगो और दोस्तों से बुराइयां पूछो। जब तक खुद संतुष्ट न हों, तब तक अपना काम करते रहो। अपने छात्र जीवन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह 1971 से इस विश्वविद्यालय से जुडे़ हुए हैं, तबसे लेकर आज तक विश्वविद्यालय ने अनेक बुलंदियां हासिल की हैं। आज विश्वविद्यालय सुंदर जगह होने के साथ-साथ शिक्षा का सही केंद्र माना गया है।

विश्वविद्यालय ने राजनीतिक, प्रशासनिक, न्यायिक और खेलों के अलावा हर क्षेत्र में देश भर में अपना लोहा मनवाया है। उन्होंने पूर्व में रहे प्रथम कुलपतियों और अपने सहपाठियों को भी याद किया। नड्डा ने विद्यार्थियों को कहा कि हर व्यक्ति के पास अपना हुनर है, उस हुनर के साथ आगे बढ़ना है और उसे ईमानदारी से सबको उपयोग करके चलना है। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के मंच से हंसी-ठिठोली के बीच राजनेताओं में खूब व्यंग्य बाण चले। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने पुराने दिन याद किए तो कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और नादौन के कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू और माकपा विधायक राकेश सिंघा ने इशारों में ही मन की कई बातें कहीं। सुक्खू ने कहा कि उन्होंने जीवन के आठ साल इस विश्वविद्यालय में बिताए।

जब नड्डा यहां पर पहले एबीवीपी के अध्यक्ष बने तो यहां पर एसएफआई का गढ़ था। सिंघा का संगठन तब यहां मजबूत था। सिंघा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को बहुत ही लोकप्रिय कहकर संबोधित किया और कहा कि सुक्खू साहब छलांगें मारकर आगे बढ़ रहे हैं। सिंघा ने कहा – नड्डा साहब! हर किस्म का विचार आगे बढ़ना चाहिए, ऐसा मेरा मानना है। सिंघा ने भाषण के अंत में नारा लगाया – इंकलाब जिंदाबाद और भारत माता की जय! 

नड्डा ने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम में वह सभी पुराने लोगों को बुलाने के पक्ष में थे। उन्होंने आनंद शर्मा को भी बुलाया था, उन्हें आना चाहिए था। उन्होंने मुकेश अग्निहोत्री को भी बुलाया था। यह गुलदस्ता है। विश्वविद्यालय अकेले फूल से नहीं सज सकता। नड्डा ने कहा कि सिंघा विश्वविद्यालय में अंग्रेजी में भाषण देते हुए कहते थे कि विश्वविद्यालय के छात्रों को गुमराह नहीं किया जा सकता।

इस पर वह नीचे से कहते थे कि सिंघा साहब आप खुद में ही गुमराह हैं। उन्होंने कहा कि एक बार सिंघा ने उन्हें कहा कि उनसे उन्हें चार-पांच स्वयंसेवक मिल जाएंगे तो वह क्रांति ला सकते हैं। इस पर वह पलटकर जवाब देते कि ऐसे स्वयंसेवकों से क्रांति तो नहीं, शांति जरूर आएगी। 

सुक्खू जी को जय श्रीराम के नारों के बीच लगे ठहाके 
जब मंच पर सुखविंद्र सिंह सुक्खू को सम्मानित किया जा रहा था तो सभागार में खूब नारे लगे। इसी बीच एबीवीपी के सदस्यों ने सुक्खू जी को जय श्रीराम के नारे लगाए तो सभागार में ठहाके लगे। 

नड्डा ने थपथपाई जयराम की पीठ  
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को मंच पर सम्मानित किया जा रहा था तो नड्डा ने उनकी पीठ थपथपाई। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार की भी पीठ पर हाथ रखा।

हिमाचल पूर्व छात्र संघ के समागम-2022 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, अभिनेता अनुपम खेर और एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया को एलमुनाई ऑफ द ईयर घोषित कर स्मृति चिन्ह और साइटेशन व टोपी शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया। इनके जीवन की उपलब्धियों और जीवन परिचय देकर उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मान दिया गया। समारोह में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति चंद्र भूषण बरोवालिया, न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा को न्यायिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। वर्तमान महाधिवक्ता अशोक शर्मा, पूर्व महाधिवक्ता श्रवण डोगरा, आरके बावा को भी नवाजा गया।

सेवानिवृत्त न्यायाधीश डीके शर्मा को भी सम्मानित किया गया। राजनेताओं में कार्यक्रम के अध्यक्ष रहे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, राजेंद्र गर्ग, विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, रणधीर शर्मा, राकेश सिंघा, हर्षवर्धन चौहान, नरेंद्र ठाकुर, राकेश जमवाल, सुभाष ठाकुर, संजय अवस्थी, विजय अग्निहोत्री,  सुरेंद्र शौरी, रीना कश्यप, सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार त्रिलोक जम्वाल और पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप को सम्मानित किया गया।

पूर्व कुलपति एडीएन वाजपेयी, प्रो. सुनील कुमार गुप्ता, मंडी विवि के कुलपति प्रो. डीडी शर्मा, प्रो. एलआर वर्मा के स्थान पर उनकी पत्नी को, मंडी विवि के संस्थापक कुलपति प्रो. सीएल चंदन, पूर्व प्रति कुलपति एचपीयू प्रो. एनके शारदा, बहरिन यूनिवर्सिटी के प्रति कुलपति प्रो. मनीश शर्मा, तकनीकी विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. शशि धीमान, पूर्व कुलपति प्रो. आरसी सोबती को सम्मानित किया गया।

इस आयोजन में अवार्ड विजेता विवि के छात्रों में एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया के अलावा पीजीआई के निदेशक डॉ. जगत राम, विवि के विजुअल आर्ट विभागाध्यक्ष (वर्ल्ड की सबसे लंबी कोरिडोर में भिती चित्र बनाने की उपलब्धि के लिए) प्रो. अजय श्रीवास्तव, पद्मश्री डॉ. ओमेश भारती, कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व चेयरमैन प्रो. मोहन झारटा, एसजेवीएन की जीएम गीता कपूर, योगा के सेवानिवृत्त शिक्षक प्रो. जीडी शर्मा, हरियाणा सरकार के मीडिया सलाहकार अमित आर्य को भी नवाजा गया।

पत्रकारिता क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए पत्रकार और लोक सेवा आयोग की सदस्य डॉ. रचना गुप्ता, राकेश लोहमी, अश्वनी शर्मा, मुकेश राजपूत, नंदिनी मित्तल, धारा सरस्वती, हुकम शर्मा, गौरव बिष्ट, पवन शर्मा, प्रकाश भारद्वाज, अर्चना फुल, प्रतिभा चौहान को मुख्यातिथि और मुख्यमंत्री ने मंच पर सम्मानित किया और उनकी सेवाओं की सराहना की। 
पहली बार विवि परिसर में लगे भाजपा के विशालकाय होर्डिंग 
विश्वविद्यालय में रविवार को आयोजित किए गए पूर्व विद्यार्थी वृहद् समागम-2022 में पहली बार भाजपा के विशालकाय होर्डिंग लगे। सभागार में जय श्री राम के नारे गूंजे। हालांकि, आयोजकों ने इस समारोह में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को बुलाकर विचारधारा का संतुलन बनाने का प्रयास जरूर किया था।

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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के विद्यार्थियों को कामयाबी के लिए ईमानदारी, निष्ठा, समर्पण और धैर्य अपनाने के चार मंत्र दिए। नड्डा ने कहा कि एचपीयू ही एक ऐसा विश्वविद्यालय है, जहां पर राजनीतिक सहिष्णुता है। उन्होंने विद्यार्थियों को धर्म और जात-पात से ऊपर उठकर कर्तव्यबोध के साथ आगे बढ़ने का पाठ पढ़ाया। नड्डा रविवार को एचपीयू में पूर्व विद्यार्थी वृहद् समागम-2022 कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में फिल्म अभिनेता अनुपम खेर, एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया, विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज के अलावा विधायक राकेश सिंघा, सुखविंदर सुक्खू, हाईकोर्ट के न्यायाधीश विवेक ठाकुर, न्यायाधीश चंद्रभूषण बारोवालिया, न्यायाधीश कुकरेजा आदि उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य एसपी बंसल ने सभी गण्यमान्य अतिथियों का स्वागत किया।  

नड्डा ने कहा कि किसी से सर्टिफिकेट मत मांगो और दोस्तों से बुराइयां पूछो। जब तक खुद संतुष्ट न हों, तब तक अपना काम करते रहो। अपने छात्र जीवन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह 1971 से इस विश्वविद्यालय से जुडे़ हुए हैं, तबसे लेकर आज तक विश्वविद्यालय ने अनेक बुलंदियां हासिल की हैं। आज विश्वविद्यालय सुंदर जगह होने के साथ-साथ शिक्षा का सही केंद्र माना गया है।

विश्वविद्यालय ने राजनीतिक, प्रशासनिक, न्यायिक और खेलों के अलावा हर क्षेत्र में देश भर में अपना लोहा मनवाया है। उन्होंने पूर्व में रहे प्रथम कुलपतियों और अपने सहपाठियों को भी याद किया। नड्डा ने विद्यार्थियों को कहा कि हर व्यक्ति के पास अपना हुनर है, उस हुनर के साथ आगे बढ़ना है और उसे ईमानदारी से सबको उपयोग करके चलना है। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।

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