सुप्रीम कोर्ट में कथित शिवलिंग के संरक्षण और हाईकोर्ट में ASI से सर्वे का केस | Gyanvapi Masjid; Varanasi Gyanvapi Shivling Case Hearing Update | Kashi Vishwanath Temple

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नई दिल्ली/वाराणसी38 मिनट पहले

वाराणसी में काशी विश्वनाथ कैंपस में बनी ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े चार मामलों की आज यानी शुक्रवार को सुनवाई होनी है। यह सुनवाई तीन अलग-अलग अदालतों में होनी है। सुप्रीम कोर्ट मस्जिद में सर्वे के दौरान मिली शिवलिंग जैसी संरचना के संरक्षण की सीमा बढ़ाने पर सुनवाई करेगा। वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट में ज्ञानवापी का ASI से सर्वे कराने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई होनी है।

इधर, वाराणसी की जिला अदालत में कथित शिवलिंग की पूजा के अधिकार और मस्जिद में सर्वे की कार्यवाही को आगे बढ़ाने के मामले पर सुनवाई होगी। अब सिलसिलेवार तरीके से जान लेते हैं कि ज्ञानवापी से जुड़े किस केस की सुनवाई कौन सी अदालत करेगी… और इनमें क्या मांग की गई है…

1. सुप्रीम कोर्ट: सर्वे में मिले कथित शिवलिंग के संरक्षण की समय सीमा बढ़ाने की मांग

ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में मिले कथित शिवलिंग को सुप्रीम कोर्ट ने 12 नवंबर तक संरक्षित करने का आदेश दिया था।

ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में मिले कथित शिवलिंग को सुप्रीम कोर्ट ने 12 नवंबर तक संरक्षित करने का आदेश दिया था।

ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में 16 मई को कोर्ट कमीशन के सर्वे के दौरान एक संरचना मिली थी। हिंदू पक्ष ने इसे शिवलिंग तो मुस्लिम पक्ष ने फव्वारा बताया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस संरचना को संरक्षित करने का आदेश जारी किया था। यह आदेश 12 नवंबर तक के लिए था। हिंदू पक्ष ने 12 नवंबर से पहले इसके संरक्षण की समय सीमा बढ़ाने के लिए याचिका दाखिल की थी।हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन की याचिका पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने बेंच बनाकर इस मामले की सुनवाई करने का आदेश दिया था। इसे शुक्रवार दोपहर 3 बजे सुनवाई के लिए लिस्ट किया गया है।

2. इलाहाबाद हाईकोर्ट: ASI से ज्ञानवापी का सर्व कराने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई

इंतजामिया मसाजिद कमेटी और UP सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने ASI से ज्ञानवापी का सर्वे कराने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

इंतजामिया मसाजिद कमेटी और UP सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने ASI से ज्ञानवापी का सर्वे कराने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में ज्ञानवापी परिसर का सर्वेक्षण आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया यानी ASI से कराने के फैसले के खिलाफ सुनवाई होगी। इंतजामिया मसाजिद कमेटी और उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने निचली अदालत के ASI से सर्वे कराने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट में 31 अक्टूबर को हुई सुनवाई में ASI ने हलफनामा दायर करके कहा था कि कोर्ट के आदेश देने की स्थिति में वह ज्ञानवापी परिसर का सर्वे कर सकती है।

3. वाराणसी कोर्ट: कथित शिवलिंग की नियमित पूजा की व्यवस्था कराने की मांग

ज्ञानवापी में मिले कथित शिवलिंग की नियमित पूजा के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने याचिका लगाई है।

ज्ञानवापी में मिले कथित शिवलिंग की नियमित पूजा के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने याचिका लगाई है।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और रामसजीवन ने वाराणसी सिविल कोर्ट में सर्वे में मिले कथित शिवलिंग की नियमित पूजा-अर्चना कराने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि कथित शिवलिंग की पूजा, आरती और राग-भोग की व्यवस्था जिला प्रशासन को करानी चाहिए थी। प्रशासन ने ऐसा नहीं किया है और न किसी सनातन धर्मी को इसके लिए नियुक्त किया है। कानूनन देवता की स्थिति एक जीवित बच्चे के समान होती है, जिसे अन्न-जल न देना संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत दैहिक स्वतंत्रता के मूल अधिकार का उल्लंघन है। इस पर वाराणसी कोर्ट में शुक्रवार को ही सुनवाई होनी है।

4. वाराणसी कोर्ट: ज्ञानवापी में सर्वे की कार्यवाही को आगे बढ़ाने की मांग

हिंदू पक्ष की पांच महिलाओं ने ज्ञानवापी मस्जिद कैंपस में मौजूद श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा की मांग की थी।

हिंदू पक्ष की पांच महिलाओं ने ज्ञानवापी मस्जिद कैंपस में मौजूद श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा की मांग की थी।

वाराणसी के जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ज्ञानवापी परिसर में एडवोकेट कमिश्नर की कमीशन की कार्रवाई आगे बढ़ाने की याचिका पर सुनवाई करेगी। यह याचिका हिंदू पक्ष ने दाखिल की है। इस पर मुस्लिम पक्ष की ओर से आपत्ति लगाई गई है। इसके खिलाफ हिंदू पक्ष को भी अपनी आपत्ति दाखिल करने के लिए 11 नवंबर तक का समय मिला था। पिछले साल वाराणसी सिविल कोर्ट में राखी सिंह, सीता साहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास और लक्ष्मी देवी की ओर से यह केस दाखिल किया गया था।

ज्ञानवापी से संबंधित कई केस लंबित हैं, इनमें से चार प्रमुख केस इस तरह हैं-

ज्ञानवापी से जुड़ते रहे विवादों की पूरी टाइमलाइन को सिलसिलेवार तरीके से यहां समझिए…

वाराणसी के ज्ञानवापी केस से जु़ड़ी भास्कर की ये खास रिपोर्ट्स जरूर पढ़िए…

फिर सुप्रीम कोर्ट जाएगा ज्ञानवापी विवाद:शिवलिंग की वैज्ञानिक जांच से वाराणसी कोर्ट का इनकार

वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में मिले ‘कथित शिवलिंग’ की उम्र का पता लगाने के लिए कार्बन डेटिंग नहीं होगी। वाराणसी कोर्ट ने इससे छेड़छाड़ करने से मना कर दिया है। हिंदू पक्ष अब इसके लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगा। दरअसल, चार हिंदू महिलाओं ने ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में मिली शिवलिंग जैसी संरचना की वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की थी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से यह जांच कराने की मांग थी। वाराणसी जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश ने यह याचिका खारिज कर दी। पढ़ें पूरी खबर…

काशी विश्वनाथ को चार बार तोड़ा गया, अवशेषों पर खड़ी हुई मस्जिद; जानिए पूरा विवाद

वाराणसी कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अंदर मां श्रृंगार गौरी की पूजा की याचिका की सुनवाई को मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने इस याचिका को चुनौती देने वाली अंजुमन इस्लामिया मस्जिद कमेटी की चुनौती को खारिज कर दिया। काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद का ये विवाद सदियों पुराना है। 213 साल पहले इस विवाद को लेकर पहली बार दंगे हुए थे। पढ़ें पूरी खबर….

विश्वनाथ मंदिर से सटी मस्जिद को लेकर 213 साल पहले हुए दंगे, 1991 में दाखिल हुई पहली याचिका

कई लोगों का दावा है कि ज्ञानवापी मस्जिद को औरंगजेब ने काशी विश्वनाथ मंदिर तुड़वाकर बनवाया था। मंदिर-मस्जिद का ये विवाद वर्षों पुराना है और इसे लेकर 213 साल पहले दंगे भी हुए थे। आजादी के बाद इस मुद्दे को लेकर कोई दंगा नहीं हुआ। ज्ञानवापी को हटाकर उसकी जमीन काशी विश्वनाथ मंदिर को सौंपने को लेकर दायर पहली याचिका अयोध्या में राम मंदिर मुद्दा गर्माने के बाद 1991 में दाखिल हुई थी। आखिर क्या है ज्ञानवापी मस्जिद का इतिहास, मान्यताएं और काशी विश्वनाथ मंदिर को लेकर इससे जुड़ा विवाद?… पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…

ज्ञानवापी, ताजमहल और मथुरा की ईदगाह मस्जिद ही नहीं, 5 राज्यों की 10 मस्जिदों को लेकर भी विवाद

वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद का विवाद अभी थमा भी नहीं था कि अब मथुरा में श्री कृष्ण जन्म भूमि के परिसर में स्थित मस्जिद के भी सर्वे कराए जाने की याचिका अदालत पहुंच गई है। उधर ताजमहल के भी शिव मंदिर तेजो महालया होने के दावे को लेकर याचिका दायर की गई है। इस बीच हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में कुतुब मीनार के पास हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए इसका नाम बदलकर विष्णु स्तंभ किए जाने की मांग की। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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