सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और सभी राज्य सरकारों से जवाब मांगा, नोटिस जारी | Free Sanitary Pads; Supreme Court Notice To Central & State Govt

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12 मिनट पहले

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सुप्रीम कोर्ट में फ्री सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने की मांग वाली याचिका 2 नवंबर को दायर की गई थी। - Dainik Bhaskar

सुप्रीम कोर्ट में फ्री सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने की मांग वाली याचिका 2 नवंबर को दायर की गई थी।

6वीं से 12वीं तक में पढ़ने वाली लड़कियों को फ्री सेनेटरी पैड मिलेंगे या नहीं, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार काे सभी राज्य सरकारों को नोटिस भेजा है। फ्री सैनिटरी पैड देने सरकारों को निर्देश जारी करने की मांग डॉ. जया ठाकुर ने की है। याचिका उनके वकील वरिंदर कुमार शर्मा और वरुण ठाकुर ने दायर की है।

CJI डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने योजना के संबंध में केंद्र सरकार से भी जवाब मांगा है। मामले की अगले सुनवाई जनवरी में होगी।

लड़कियों की स्वच्छता से जुड़ा है मामला
कोर्ट ने इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की भी मदद मांगी। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता सोशल एक्टिविस्ट हैं और उन्होंने देश के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्राओं की स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया है। इसलिए बताया

याचिका में स्कूलों में अलग टॉयलेट की भी मांग
याचिका में कहा गया है कि भारत में स्वास्थ्य का अधिकार राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों से निकला है। यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिला अधिकार है जो जीवन और सम्मान के अधिकार की गारंटी देता है। 11 से 18 साल की गरीब किशोरियां मासिक धर्म और स्वच्छता के बारे में जागरुक नहीं हैं। इसकी कमी के कारण कई लड़कियां स्कूल छोड़ देती हैं।

याचिका में यह भी मांग की गई है कि सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और बोर्डिंग स्कूल में अलग टॉयलेट और सफाईकर्मी रखने का निर्देश जारी किया जाए। साथ ही मेन्सुट्रअल वेस्ट को निपटाने के तरीके को भी सिखाया जाए।

भारत में अभी ये है मौजूदा स्थिति

देश में महिलाओं को फ्री में या कम दर पर पीरियड प्रोडक्ट देने की कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। लेकिन जागरुकता के अभाव और प्रशासनिक लापरवाही के चलते ज्यादातर योजनाएं बीच में ही दम तोड़ देती हैं। बिहार सरकार ने स्कूली छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी पैड दिए जाने की योजना चलाई थी। लेकिन बिहार के कई स्कूलों में लड़कों को भी फर्जी तरीके से इस योजना का लाभ दिया जाने लगा था।

इसके अलावा ‘प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना’ (PMBJP) तहत सैनिटरी नैपकिन एक रुपए प्रति पैड की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। राजस्थान सरकार ने इसके लिए 200 करोड़ रुपए का बजट जारी किया है।

फ्री सैनिटरी पैड देने वाला पहला देश स्कॉटलैंड, पहला राज्य राजस्थान
स्कॉटलैंड में महिलाओं को पीरियड्स से जुड़े सभी प्रोडक्ट मुफ्त दिए जा रहे हैं। 2020 में स्कॉटिश पार्लियामेंट ने कानून बनाया था। स्कॉटलैंड महिलाओं को यह सुविधा उपलब्ध कराने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। वहीं बात अगर भारत की करें तो राजस्थान में उड़ान योजना के तहत सभी महिलाओं को फ्री पैड देने की शुरुआत इसी साल मई से हो गई है।

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पटना में छात्रा ने पूछा- सैनिटरी पैड नहीं दे सकते क्या?

पटना में बच्चियों की अवेयरनेंस के लिए हुई एक वर्कशॉप में एक लड़की ने पूछा कि क्या सरकार 20-30 रुपए का सैनिटरी पैड फ्री नहीं दे सकती। इसके जवाब में एक सीनियर महिला IAS अधिकारी ने कहा कि इस मांग का कोई अंत है। कल को निरोध भी फ्री देना पड़ेगा। पढ़ें पूरी खबर…

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