सुप्रीम कोर्ट ने कहा- यह एक गंभीर मसला, केंद्र सरकार 22 नवंबर तक जवाब दे | Supreme Court On Forced Religious Conversion | Justices MR Shah, Hima Kohli

0
7

  • Hindi News
  • National
  • Supreme Court On Forced Religious Conversion | Justices MR Shah, Hima Kohli

नई दिल्ली34 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

नई दिल्ली

दबाव, धोखे या लालच से धर्म परिवर्तन को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर मामला बताया है। सोमवार को एक याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जबरन धर्मांतरण न सिर्फ धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा हो सकता है। इसके साथ ही कोर्ट ने जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कानून की मांग पर केंद्र सरकार से 22 नवंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है। अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी।

धर्मांतरण को बहुत गंभीर मुद्दा बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र से इस मामले में दखल देने को कहा। साथ ही यह भी कहा कि इस चलन को रोकने के लिए ईमानदारी से कोशिश करें। कोर्ट ने इस बात की चेतावनी भी दी कि अगर जबरन धर्मांतरण को नहीं रोका गया तो बहुत मुश्किल परिस्थितियां खड़ी हो जाएंगी।

केंद्र ने एफिडेविट फाइल किया

जस्टिस एमआर शाह और हिमा कोहली की बेंच पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन की सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने केंद्र और राज्य से कहा है कि डरा-धमकाकर या लालच देकर जबरदस्ती कराए गए धर्म परिवर्तन के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए।

इस मामले में याचिका दाखिल करने वाले एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि धर्म परिवर्तनों के ऐसे मामलों को रोकने के लिए अलग से कानून बनाया जाना चाहिए या फिर इस अपराध को भारतीय दंड संहिता में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा किसी एक जगह से जुड़ा नहीं है, बल्कि पूरे देश की समस्या है जिसपर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।

खबरें और भी हैं…

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here