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सबसे बड़े ट्रेलर में वाहन समेत अधिकतम 55 टन का नियम, यहां ट्रक में लेकर आ रहे 60 टन बालू | The rule of maximum 55 tons including the vehicle in the biggest trailer, 60 tons of sand being brought here in the truck

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अलीगढ़40 मिनट पहले

अलीगढ़ के क्वार्सी चौराहे पर सुबह के समय खड़ा बालू से भरा ओवरलोड ट्रक।

अलीगढ़ में खनन माफिया के ओवरलोड ट्रक शासन के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। सरकार के सख्त आदेश हैं कि किसी भी वाहन में ओवरलोडिंग नहीं की जाएगी। लेकिन खनन माफिया हर दिन खुले आम ओवरलोडिंग कर रहे हैं और क्षमता से ज्यादा बालू ढ़ोकर ला रहे हैं। जिसके बाद इसकी बिक्री की जाती है।

ओवरलोडिंग पर सख्ती की असलियत जांचने के लिए भास्कर ने ग्राउंड पर उतरकर इसकी असलियत जांची तो पता चला कि सिर्फ ट्रकों में ही 60 टन तक बालू भरकर लाई जाती है। जबकि ट्रक से भी ज्यादा क्षमता रखने वाले ट्रेलर का वजन अधिकतम 55 टन होना चाहिए। जिसमें ट्रेलर का वजन और इसमें लदी बालू दोनों शामिल होती है।

यूपी से उत्तराखंड तक फैले हैं तार

भास्कर रिपोर्टर ने जब ग्राहक बनकर ट्रक चालकों से बातचीत की तो उसने बताया कि यूपी के राजघाट, बुलंदशहर समेत उत्तराखंड के हल्वानी तक से ओवरलोड ट्रक लेकर आते हैं। इसके बाद वह अलीगढ़ के रामघाट रोड और अनूपशहर रोड पर इसकी बिक्री करते हैं।

सुबह 5 बजे ट्रक में बालू लेकर अलीगढ़ आए चालक ने भास्कर रिपोर्टर को बताया कि वह हल्दवानी से ट्रक लेकर आया है। इस बालू का सौदा पहले ही हो चुका है और उसका ग्राहक आने वाला है। जब उससे और ट्रक के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि पीछे और ट्रक आ रहे हैं, जिसका सौदा अभी नहीं हुआ है।

14 टायर ट्रक में बालू लेकर आए चालक ने बातचीत के दौरान बताया कि उसके ट्रक में 60 टन माल भरा है। उसने बताया कि 1000 से 1100 रुपए टन के हिसाब से वह बिक्री करते हैं। ऐसे में एक ट्रक बालू की कुल कीमत 50-60 हजार रुपए के बीच चुकानी पड़ेगी।

अनूपशहर रोड और रामघाट रोड पर हर दिन अवैध खनन के ओवरलोड ट्रक आते जाते देखे जा सकते हैं।

अनूपशहर रोड और रामघाट रोड पर हर दिन अवैध खनन के ओवरलोड ट्रक आते जाते देखे जा सकते हैं।

अनूपशहर रोड व रामघाट पर आते हैं ट्रक

खनन माफिया के ओवरलोड ट्रक सुबह चहल पहल शुरू होने से पहले से लेकर दिन ढ़लने के बाद तक शहर में आते हैं और बालू का अवैध कारोबार करते हैं। रामघाट रोड और अनूपशहर रोड पर खनन माफिया के ओवरलोड ट्रक बेधड़क घूमते नजर आते हैं।

ट्रक चालक या तो पहले से बुकिंग करते आते हैं या फिर खड़े होकर खरीददार का इंतजार करते हैं। जैसे ही इनका सौदा तय हो जाता है, यह यहां से चल देते हैं। इस दौरान न तो खनन विभाग नजर आता है और न ही आरटीओ। पुलिस भी इनके सामने बेबस ही नजर आती है। अनूपशहर रोड स्थित सीमा धर्मकांटे के पास ऐसे ट्रकों को आसानी से देखा जा सकता है।

रामघाट रोड पर बालू से भरा ओवरलोड ट्रक

रामघाट रोड पर बालू से भरा ओवरलोड ट्रक

तालानगरी से क्वार्सी के बीच सुबह लगती है बोली

ओवरलोड बालू को लेकर अलीगढ़ आने वाले ट्रक सुबह 4 से 6 बजे क्वार्सी चौराहे से तालानगरी के बीच आकर खड़े होते हैं। अपने घर में निर्माण कार्य कराने वाले लोग सुबह ही यहां आ जाते हैं और ट्रक चालकों से सीधा उनका सौदा तय हो जाता है। सौदा तय होने के बाद बालू लदे ट्रक खरीददार के साथ रवाना कर दिए जाते हैं।

55 टन से ज्यादा नहीं हो सकता का वजन

ट्रक और ट्रेलरों से वजन ढ़ोने के लिए सरकार ने अलग अलग मानक तय कर रखे हैं। 12 टायर ट्रक से लेकर सबसे बड़े 22 टायर वाले ट्रेलरों तक के लिए वजन लादने की क्षमता निर्धारित है। सरकार ने ट्रक और माल के अनुसार वजन की सीमा तय की है।

सबसे बड़े 22 टायर वाले लोड ट्रेलर का वजन अधिकतम 55 टन होना चाहिए। इस 55 टन में बालू और ट्रेलर का वजन दोनों शामिल होता है। वहीं 12 टायर में 36 टन, 14 टायर ट्रक में 43.5 टन, 16 टायर ट्रक में 44 टन, 18 टायर वाले ट्रक में 47.5 टन वजन होना चाहिए।

जबकि खनन माफिया 16 टायर वाले ट्रक में ही 60 कुंतल तक बालू भरकर इसकी सप्लाई कर रहे हैं।

ओवरलोडिंग पर आरटीओ लगाता है जुर्माना

सरकार के तय मानकों से ज्यादा ओवरलोडिंग करने पर आरटीओ और खनन विभाग की ओर से कार्रवाई की जाती है। अगर आरटीओ कोई ओवरलोड ट्रक पकड़ता है तो इसमें जुर्माना लगाया जाता है।

20 हजार रुपए फिक्स जुर्माना होता है, जो हर ओवरलोड वाहन पर लगता ही है। इसके बाद 2 हजार रुपए प्रतिटन वजन के हिसाब से और वसूला जाता है। यानी 25 टन की ओवरलोडिंग मिलने पर 20 हजार रुपए के साथ दो हजार प्रति टन के हिसाब से 50 हजार रुपए और वसूले जाएंगे। यानी आरोपी को 70 हजार का जुर्माना देना होगा।

आरटीओ बोले, लगातार जारी कार्रवाई

अलीगढ़ के आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन ने इस बारे में बात करने पर उन्होंने बताया कि ओवरलोडिंग के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में सबसे ज्यादा 3.3 करोड़ का जुर्माना ओवरलोडिंग से वसूला गया था।

जबकि बीते 15 दिनों में 4 लाख रुपए वसूले जा चुके हैं। कुल 24 वाहनों के चालान किए गए हैं, जिसमें से 19 वाहन अभी भी सीज खड़े हैं। उन्होंने बताया कि विभाग में प्रवर्तन अधिकारियों के 4 पदों पर सिर्फ 1 अधिकारी तैनात है। इस कारण भी काम थोड़ा प्रभावित होता है।

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