वीरांगना पत्नी ने दी अंतिम विदाई, नम आंखों से पिता ने दी बहादुर बेटे को मुखाग्नि, उमड़ा जनसैलाब | Veerangan wife gave last farewell, father gave fire to brave son with moist eyes, crowd gathered

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फरीदाबादएक दिन पहले

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शहीद मनोज कुमार भाटी ने दो आतंकियों को ढेर कर बचाई सौ जवानों की जान। - Dainik Bhaskar

शहीद मनोज कुमार भाटी ने दो आतंकियों को ढेर कर बचाई सौ जवानों की जान।

  • 20 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर शवयात्रा पहुंची शाहजहांपुर गांव, हजारों लोगों ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

शाहजहांपुर के शहीद मनोज कुमार भाटी की अंतिम यात्रा में क्षेत्र के हजारों लोग शामिल हुए। पूरे राजकीय सम्मान के साथ गांव के सचिवालय परिसर में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। शही के पिता बाबूलाल ने नम आंखों से अपने बहादुर बेटे को मुखाग्नि दी। इस दौरान शहीद मनोज भाटी अमर रहे के नारे से वातावरण गुंजाए मान हो गया। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, डीसी यशपाल यादव समेत अन्य पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और श्रद्धासुमन अर्पित किए। सात माह की गर्भवती पत्नी जब अपने शहीद पति को सैल्यूट कर उनका माथा चूमकर अपनी अंतिम विदाई दी तो उस दृश्य को देखकर सभी के आंखों में आंसू छलक उठे।

शहीद मनोज कुमार की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

शहीद मनोज कुमार की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

20 किमी. से अधिक की दूरी तय कर पार्थिव शरीर पहुंचा घर

शहीद मनोज कुमार भाटी समेत अन्य सैनिकों का पार्थिक शरीर शुक्रवार को दोपहर करीब तीन बजे जम्मू कश्मीर से भारतीय वायुसेना के विमान से दिल्ली लाया गया। यहां सेना मुख्यालय में शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। शाम का वक्त हो जाने के कारण शहीद का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे सेना एंबुलेंस से बल्लभगढ़ अंबेडकर चौक लाया गया। यहां से फूल मालाओं और तिरंगे से सजे सेना की गाड़ी से उनका पार्थिव शरीर गांव की ओर रवाना हुआ। परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा और एसडीएम त्रिलोक चंद ने पार्थिव शरीर की आगवानी की। हजारों की संख्या में बाइकर्स काफिले में शामिल हुए। सुबह 8.30 बजे शहीद का काफिला चंदावली पहुंचा वहां से मच्छगर, दयालपुर, अटाली, मौजपुर टोल प्लाजा से होते हुए छांयसा, घरौड़ मोड, मोठूका होते हुए करीब 20किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर पार्थिव शरीर दोपहर 12.30 घर पहुंचा।

अपने बहादुर पति को नम आंखों से अंतिम विदाई देती पत्नी कोमल व बहन आशा को संभालते सैन्यकर्मी

अपने बहादुर पति को नम आंखों से अंतिम विदाई देती पत्नी कोमल व बहन आशा को संभालते सैन्यकर्मी

पत्नी की अंतिम विदाई देखकर लोगों के आंसू छलक पड़े

पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। पत्नी कोमल, मां सुनीता, बहन आशा, शहीद के शरीर से लिपटकर बेसुध हो गई। नम आंखों से भाई सुनील व योगेश ने भी अपने लाड़ले को अंतिम विदाई दी। गांव की महिलाओं ने करुण क्रंदन करते हुए खुद को संभालते हुए उन महिलाओं को संभालने में जुट गई। करीब आधे घंटे बाद ही पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार स्थल सचिवालय परिसर में लाया गया। सैन्य अधिकारियों ने शरीर पर लिपटे तिरंगे को उतारकर पिता बाबूलाल को सौंपा। पिता ने तिरंगे को माथे से लगाकर कांपते और नम आंखों से अपने जांबाजा बेटे को मुखाग्नि दी। सैन्यकर्मियों ने गार्ड आफ आनर दिया। मौके पर पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, परिवजन मंत्री मूलचंद शर्मा, विधायक राजेश नागर, नयनपाल रावत आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

अपने बहादुर बेटे को अंतिम विदाई देने पहुंची शहीद की मां सुनीता

अपने बहादुर बेटे को अंतिम विदाई देने पहुंची शहीद की मां सुनीता

केंद्रीय मंत्री बोले, सरकार हर संभव देगी मदद

शहीद के पिता बाबूलाल आैर उनके भाईयों से मुलाकात कर केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर एवं परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार वं राज्य सरकार शहीद को मिलने वाली सभी सुविधाएं परिवार को उपलब्ध कराएगी। केंद्र व राज्य की सरकार शहीद परिवार के साथ हमेशा खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि हमें अपने बेटे की शहादत पर कष्ट तो है लेकिन उसने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। मनोज ने अपना बलिदान देकर हम सभी का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। इस अंतिम यात्रा में सेना की आेर से मेजर एस पी सिंह, सूबेदार गुरदीप सिंह, सूबेदार अर्जुन सिंह, सूबेदार चंद्रपाल, सीएचएम दशरथ सिंह, हवलदार सुरेंद्र सिंह, नायक शिवराज सिंह, विपिन सिंह, सलीम, धीरेंद्र समेत अन्य सैन्यकर्मी शामिल हुए।

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