रोस्टर से फैक्ट्रियों का संचालन, पुराने वाहन चलाने और कंस्ट्रक्शन पर रोक; फिर भी स्मॉग से राहत नहीं | Operation of factories from the roster, ban on running old vehicles and construction works; Still NCR top polled

0
8

गाजियाबादएक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक
गाजियाबाद में सुबह 9 बजे की तस्वीर। हाईराइज बिल्डिंग भी साफ तौर पर दिखाई नहीं दे रही है। - Dainik Bhaskar

गाजियाबाद में सुबह 9 बजे की तस्वीर। हाईराइज बिल्डिंग भी साफ तौर पर दिखाई नहीं दे रही है।

दिल्ली-एनसीआर की हवा लगातार दमघोटू होती जा रही है। गुरुवार सुबह 11 बजे तक भी आसमान में घने स्मॉग की चादर दिखाई दी। गाजियाबाद सुबह ही देश के प्रदूषित शहरों की सूची में पांचवें नंबर पर पहुंच गया है। सरकारी स्तर से तमाम उपाय करने के बावजूद प्रदूषण से कोई राहत नहीं दिख रही। केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड रोजाना जिन प्रदूषित शहरों की सूची जारी करता है, उसमें टॉप पर दिल्ली से सटे शहर होते हैं।

गाजियाबाद में सिद्धार्थ विहार इलाके में निर्माण साइट पर एंटी स्मॉग गन लगा दी गई है।

गाजियाबाद में सिद्धार्थ विहार इलाके में निर्माण साइट पर एंटी स्मॉग गन लगा दी गई है।

NCR में प्रदूषण कम करने के लिए क्या उपाय हो रहे हैं, सबसे पहले उन्हें जानते हैं…

1- नोएडा में पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद
नोएडा आरटीओ ने डीजल के 10 साल और पेट्रोल के 15 साल पुराने वाले 6422 वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद करने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। इससे पहले सात हजार ऐसे ही वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद किया जा चुका है। नोएडा में ऐसे वाहनों की संख्या करीब 1.20 लाख है, जो अपनी मियाद पूरी कर चुके हैं और चोरी-छिपे सड़कों पर दौड़कर प्रदूषण फैला रहे हैं। गाजियाबाद में एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा ने ट्रांसपोर्टरों की बैठक लेकर कहा है कि वे मानक से पुराने वाहन न चलाएं, वरना एक्शन होगा।

2- गाजियाबाद में पांच दिन चलेंगी फैक्ट्रियां
गाजियाबाद में आदेश दे दिया गया है कि फैक्ट्रियों में हफ्ते में सिर्फ पांच दिन काम हो। इसके लिए रोस्टर बनाया गया है। पेपर और पल्प कार्यों वाली फैक्ट्रियों में शनिवार-रविवार को काम होगा। पेड्डी और राइज प्रोसेसिंग यूनिट में सोमवार-मंगलवार को काम होगा। टैक्सटाइल-गारमेंट्स फैक्ट्रियों में डाइंग का काम बुधवार-गुरुवार को होगा। इसके अलावा डीजल जेनरेटर और तंदूर जलाने पर भी रोक लगाई गई है।

नई दिल्ली में आनंद विहार स्टेशन के नजदीक बन रहे रैपिड रेल स्टेशन की साइट पर पानी का छिड़काव जारी है।

नई दिल्ली में आनंद विहार स्टेशन के नजदीक बन रहे रैपिड रेल स्टेशन की साइट पर पानी का छिड़काव जारी है।

3- रैपिड रेल प्रोजेक्ट पर स्प्रिंकलर-एंटी स्मॉग गन
दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के 82 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट पर 10 कास्टिंग यार्ड बनाए गए हैं। टनल के सेगमेंट रात्रि में ट्रेलरों पर लादकर लाए जाते हैं और फिर इन्हें लगाया जाता है। पूरी निर्माण साइट पर ट्रक वॉशिंग प्लांट, स्प्रिंकलर, एंटी स्मॉग गन इंस्टॉल किए गए हैं। 20 स्प्रिंकलर और 6 एंटी स्मॉग गन आनंद विहार निर्माण साइट पर लगाए गए हैं।

4- दिल्ली में निर्माण बंद, ऑनलाइन पढ़ाई की तैयारी
दिल्ली में प्रदूषण के मद्देनजर निर्माण गतिविधियों को रोक दिया गया है। श्रम मंत्री मनीष सिसौदिया ने कामगारों को इस अवधि में पांच हजार रुपए हर महीना वित्तीय सहायता देने का ऐलान किया है। इधर, तमाम संगठन स्कूलों को बंद करके ऑनलाइन पढ़ाई की डिमांड कर रहे हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बच्चों की सुरक्षा के उपायों को लेकर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है।

किस शहर का कितना एयर क्वालिटी इंडेक्स
दिल्ली 426
गाजियाबाद 391
ग्रेटर नोएडा 390
नोएडा 388
बागपत 337
मेरठ 324
बुलंदशहर 254

नोट : ये रिपोर्ट गुरुवार सुबह 11 बजे की है।

अब शहरों के प्रदूषण की स्थिति जानिए…
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक, गुरुवार सुबह 11 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 426 है, जो देश में सबसे ज्यादा है। इसके बाद हरियाणा का जींद, बहादुरगढ़, भिवाणी और फिर उत्तर प्रदेश के जिला गाजियाबाद का नंबर आता है। यूपी में गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बागपत के पॉल्यूशन की स्थिति खराब है। गाजियाबाद में लोनी का पॉल्यूशन एक्यूआई 398, नोएडा में नॉलेज पार्क थर्ड का 410 और सेक्टर-62 का एक्यूआई 427 तक पहुंच गया है। एक्यूआई 400 से ऊपर पहुंचने पर हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में आ जाती है।

प्रदूषण का सांस मरीजों पर सर्वाधिक असर
गाजियाबाद के MMG हॉस्पिटल की OPD में रोजाना करीब 100 मरीज ऐसे आते थे, जिन्हें सांस की दिक्कत होती थी। ऐसे मरीजों की संख्या रोजाना अब 200 पार पहुंच रही है। गले में चुभन, सांस लेने में दिक्कत, जुकाम आदि बीमारियों के मरीज बढ़ गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि साफ हवा नहीं मिलने से ऐसी दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में लोगों को फिर से मास्क पहनकर बाहर चलने की जरूरत है।

खबरें और भी हैं…

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here