मनी लॉन्ड्रिंग में गाजियाबाद की PMLA कोर्ट से जारी समन को दी है चुनौती | The summons issued by the PMLA court of Ghaziabad have been challenged in money laundering

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गाजियाबाद34 मिनट पहले

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पत्रकार राणा अय्यूब पर अवैध ढंग से धन जुटाने का आरोप है। ईडी ने गाजियाबाद कोर्ट में ये केस दर्ज कराया था। - Dainik Bhaskar

पत्रकार राणा अय्यूब पर अवैध ढंग से धन जुटाने का आरोप है। ईडी ने गाजियाबाद कोर्ट में ये केस दर्ज कराया था।

मनी लॉन्ड्रिंग में गाजियाबाद कोर्ट से जारी समन को चुनौती देने वाली पत्रकार राणा अय्यूब की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुरक्षित रख लिया है। अय्यूब ने दलील दी थी कि ये मामला गाजियाबाद कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इस दलील का ईडी ने विरोध किया।

बता दें कि गाजियाबाद की PMLA अदालत ने राणा अय्यूब को समन जारी करके 27 जनवरी को पेश होने का आदेश दिया था। इस समन को चुनौती देते हुए राणा अय्यूब ने अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर के जरिये सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने 25 जनवरी को पहली सुनवाई की और गाजियाबाद कोर्ट से अनुरोध किया कि 27 जनवरी को समन पर सुनवाई न करें। राणा अय्यूब की याचिका पर आज यानि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अय्यूब की अधिवक्ता ने कहा कि इस पूरे मामले का क्षेत्राधिकार मुंबई का है। ऐसे में समन जारी करने का क्षेत्राधिकार गाजियाबाद कोर्ट का नहीं बनता। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।

इंदिरापुरम थाने में दर्ज हुई थी FIR
‘हिंदू IT सेल’ के फाउंडर विकास सांकृत्यायन ने राणा अयूब के खिलाफ पिछले साल गाजियाबाद के थाना इंदिरापुरम में मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा दर्ज कराया था। ईडी ने इस केस की जांच की और पिछले दिनों आरोप पत्र गाजियाबाद कोर्ट में दायर कर दिया।

आरोप- 2.69 करोड़ फंड आया, खर्च किए सिर्फ 29 लाख रुपए
ED ने चार्जशीट में कहा है कि राणा अय्यूब ने ऑनलाइन क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म केट्‌टो पर तीन कैंपेन शुरू किए थे। इनके जरिए अप्रैल-मई 2020 के बीच स्लम में रहने वाले लोगों और किसानों के लिए, जून-सितंबर 2020 के बीच असम, बिहार और महाराष्ट्र में राहत कार्य के लिए और मई-जून 2021 में कोरोना प्रभावित लोगों के लिए फंड जुटाया गया।

राणा अय्यूब को 2.69 करोड़ रुपए का डोनेशन मिला, जिसमें से 80.49 लाख रुपए फॉरेन करेंसी में आए। इसके बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशंस एक्ट (FCRA) का उल्लंघन करने के आरोप में राणा अय्यूब के खिलाफ जांच शुरू की, जिसके बाद अय्यूब ने फॉरेन डोनेशन लौटा दिया।

ED के मुताबिक, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जो फंड जुटाया गया वह पहले अय्यूब के पिता और बहन के अकाउंट में आया और यहां से अय्यूब के पर्सनल अकाउंट में ट्रांसफर किया गया। इसमें से 50 लाख रुपए लेकर अय्यूब ने अपने लिए फिक्स्ड अकाउंट खोला, जबकि 50 लाख रुपए दूसरे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। सिर्फ 29 लाख रुपए राहत कार्यों में इस्तेमाल किए गए।

ईडी के आरोप पत्र पर सुनवाई के लिए गाजियाबाद की अदालत ने राणा अयूब को समन जारी किया है। इससे राहत पाने के लिए राणा अयूब ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई है।

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