बीके हार्ट अस्पताल की ईको मशीन सील होने से मरीजाें का इलाज बंद, लंबे समय तक करना पड़ सकता है इंतजार | Due to the sealing of the eco machine of BK Heart Hospital, the treatment of patients may have to wait for a long time.

0
6

फरीदाबाद6 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
अस्पताल प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को बदले की साजिश बताया, कहा, विजिलेंस से होनी चाहिए पूरे मामले की जांच। - Dainik Bhaskar

अस्पताल प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को बदले की साजिश बताया, कहा, विजिलेंस से होनी चाहिए पूरे मामले की जांच।

  • अस्पताल प्रबंधन का आरोप, यहां से निकाले गए कर्मचारी ने साजिश के तहत कराई कार्रवाई, कहा, ईको टेस्ट मशीन से लिंग जांच होने का सवाल ही पैदा नहीं होता

बीके सिविल अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर चल रहे हार्ट सेंटर की ईको मशीनों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा सील किए जाने के बाद मरीजों का इलाज बंद हो गया है। कानूनी दांवपेंच के चक्कर में अभी मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। उधर अस्पताल प्रबंधन ने झज्जर स्वास्थ्य विभाग पर साजिश के तहत कार्रवाई करने का आरोप लगाया और पूरे मामले की विजिलेंस से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। शनिवार को हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन गर्ग एवं डॉ. ओमजीवन ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मिलकर स्वास्थ्य विभाग की शिकायत भी की है।

ये है पूरा मामला

बता दें कि झज्जर के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को हार्ट सेंटर पर छापेमारी की थी। यहां पर काम करने वाले टेक्निशियन को लिंग जांच करने के आरोप व डॉक्टर की जगह खुद ईको टेस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

सेंटर पर गलत तरीके से की गई कार्रवाई

हार्ट सेंटर चलाने वाली मेडिटीना कंपनी में नॉर्थ इंडिया के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर प्रवीण तिवारी, ह्दयरोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन गर्ग, डॉ. ओमजीवन ने प्रेसवार्ता में कार्रवाई को पूरी तरह से गलत बताया है। उन्होंने कहा कि कंपनी को बदनाम कर सेंटर को बंद कराने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने जांच टीम में शामिल लोगों व पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सेंटर के एक पूर्व कर्मचारी से मिलकर कार्रवाई की गई।पूर्व कर्मचारी पर फर्जीवाड़ा करने के आरोप में कंपनी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। प्रवीण तिवारी का दावा है कि ईको टेस्ट करने का काम टेक्नीशियन दिनेश कार्य के योग्य है। डॉक्टर के सुपरविजन में यह काम कर रहा था। प्रवीण ने कहा कि सेंटर के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ ओमजीवन व डॉ गुंजन ने शनिवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से भी मुलाकात की है और अपनी शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि जब तक ईको मशीन चालू नहीं होती, मरीजों का इलाज संभव नहीं है। इस तरह परेशान होकर हम काम नहीं कर सकते। नई मशीन आने में भी दो से तीन महीने का समय लग जाता है। इस विषय में सीएमओ को सूचित िकया जा चुका है।

खबरें और भी हैं…

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here