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पहले और दूसरे साल में क्लीयर नहीं कर पाया था कोर्स, इसलिए छोड़ना पड़ा उसे संस्थान | NIT Calicut Clarification On Agin After His Suicidal, not clear course in first and second year, so leave institute.

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जालंधर16 घंटे पहले

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पंजाब के जालंधर जिले में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में छात्र की आत्महत्या मामले में आरोपी NIT कालीकट के निदेशक ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने एक पत्र जारी करके जहां अगिन की मौत पर गहरा दुख जताया, वहीं पर उन्होंने अगिन के NIT कालीकट छोड़ने के कुछ कारण भी बताए हैं।

प्रोफेसर ने NIT कालीकट के निदेशक ने पुलिस थाना फगवाड़ा (कपूरथला) में उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर किए जाने का मामला दर्ज होने के बाद सफाई दी है। उन्होंने कहा कि अगिन NIT कालीकट में बीटेक का छात्र था। उसने संस्थान में साल 2018 के दौरान दाखिला लिया था। अगिन ने कोर्स में 4 साल लगाए, लेकिन प्रथम-द्वितीय वर्ष के कुछ कोर्स वह पास नहीं कर पाया था।

निदेशक का पत्र

निदेशक का पत्र

उन्होंने कहा कि बदकिस्मती से अगिन जून 2022 में अपनी डिग्री के अंतिम चौथे साल में भी प्रथम औऱ द्वितीय वर्ष के 10 कोर्स पास नहीं कर पाया। संस्थान के नियमानुसार कोर्स को पास करने के लिए जितने चांस दिए जाते हैं, वह भी अगिन पूरे कर चुका था, लेकिन फिर भी उससे कोर्स पूरा नहीं हुआ। बीटेक के तीसरे और चौथे साल के कोर्स भी अभी शेष पड़े हुए थे।

ऐसी परिस्थतियों में संस्थान के शैक्षिक नियमानुसार उसके पास NIT कालीकट में बीटेक की पढ़ाई को छोड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। इसी दौरान जब अगिन के सारे चांस खत्म हो गए तो उन्होंने अपने विभाग में एक पत्र लिखकर निवेदन किया कि उसे कोर्स कंटिन्यू करने की आज्ञा दी जाए। विभाग से उनकी रिक्वेस्ट विचार करने के लिए DCC कमेटी को भेज दी।

कमेटी ने अपने फैसले में अगिन को आज्ञा नहीं दी और भेजे गए मीटिंग के मिनिट्स में कहा है कि यदि अगिन को आज्ञा दी जाती है तो यह संस्थान के शैक्षिक नियमों के खिलाफ होगा। इसके बाद अगिन और उसके पिता उनके दफ्तर में उनसे मिले थे। दोनों को अपने दफ्तर से पूरी तरह संतुष्ट करके भेजा था। जब अगिन औऱ उनके पिता मिले, उस वक्त कमेटी के दो सदस्य भी चैंबर में मौजूद थे।

उन्होंने अगिन को समझाया था कि वह कोर्स को पास करने के लिए जितने चांस होते हैं, उन्हें पूरा कर चुका है। इस दौरान अगिन ने कहा था कि वह डिजाइन में कोई अलग तरह का कोर्स करना चाहता है। उसकी कम्प्यूटर साइंस में कोई रूचि नहीं है। निदेशक ने कहा कि उन्होंने अगिन को प्रोत्साहित किया था और कहा था कि जुनून से साथ वह जो चाहता है, उसे ही करे।

इसके बाद अगिन अपने पिता के साथ फैकल्टी एडवाइजर से भी मिला था। उन्होंने भी उन्हें बताया था कि नियमानुसार वह न तो कोर्स बदल सकता है और न ही उन्हें कोई अतिरिक्त चांस मिल सकते हैं। अगिन के पिता संतुष्ट हो गए थे और उन्हाेंने कहा था कि वह अपने बेटे की इच्छा के अनुसार कोर्स करवाने के लिए उसको किसी अन्य संस्थान में दाखिल दिलवाएंगे।

उन्होंने कहा कि अगिन के पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में आत्महत्या के बारे में उन्हें मीडिया में आ रही खबरों के बाद पता चला। मुझे यह भी मीडिया के माध्यम से ही पता चला कि अगिन लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में डिजाइन का कोर्स कर रहा था।

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