दोषियों की रिहाई के खिलाफ दायर है याचिका, रिटायरमेंट से ठीक पहले फैसला सुना सकते हैं CJI | Bilkis Bano Gangrape Case | Supreme Court Hearing Challenging Release Of 11 Convicts In Bilkis Bano Gangrape

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23 मिनट पहले

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बिलकिस बानो रेप केस के 11 दोषियों की रिहाई को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इस केस का सबसे खास पहलू है 25 अगस्त को CJI रमना के कार्यकाल का आखिरी दिन होना। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि वे दोषियों की सजा को लेकर फैसला सुना सकते हैं। सीजेआई रमना 26 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं।

15 अगस्त को 18 साल की सजा काटकर रिहा हुए 11 दोषी

मामले की सुनवाई में CJI रमना के अलावा जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच करेगी। गुजरात सरकार के फैसले के खिलाफ माकपा सांसद सुभासिनी अली, पत्रकार रेवती लाल और प्रोफेसर रूप रेखा वर्मा ने याचिका लगाई थी। बिलकिस बानो के साथ गैंगरेप और परिवार के 7 सदस्यों की हत्या के लिए उम्रकैद की सजा काट रहे 11 दोषियों को रिहा कर दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट में बेंच के अन्य दो सदस्य, जस्टिस रस्तोगी और जस्टिस विक्रम नाथ उस बेंच का हिस्सा थे, जिसने मई 2022 में फैसला सुनाया था कि गुजरात सरकार के पास दोषियों को सजा में राहत देने का अधिकार है।

गोधरा कांड के बाद भड़के दंगों में बिलकिस बानो का गैंगरेप हुआ
गुजरात में गोधरा कांड के बाद 3 मार्च 2002 दंगे भड़के थे। दंगों के दौरान दाहोद जिले के लिमखेड़ा तालुका में रंधिकपुर गांव में उग्र भीड़ बिलकिस बानो के घर में घुस गई। इन दंगाइयों ने बिलकिस के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। इतना ही नहीं उसके परिवार के 7 लोगों की हत्या भी कर दी थी।

जनवरी 2008 CBI की स्पेशल कोर्ट ने दी थी सजा
हादसे के समय बिलकिस की उम्र 21 साल थी और वे गर्भवती थी। दंगों में उसके परिवार के 6 सदस्य जान बचाकर भागने में कामयाब रहे। गैंगरेप के आरोपियों को 2004 में गिरफ्तार किया गया था। जनवरी 2008 में CBI की स्पेशल कोर्ट ने 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा दी थी। बंबई हाईकोर्ट ने आरोपियों की सजा को बरकरार रखा था।

आरोपियों को पहले मुंबई की आर्थर रोड जेल और इसके बाद नासिक जेल में रखा गया था। करीब 9 साल बाद सभी को गोधरा की सबजेल में भेज दिया था। इनमें से एक दोषी राधेश्याम ने सजा माफ करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी।

रिहाई के बाद से खौफ में बिलकिस का परिवार
दोषियों की रिहाई के फैसले से बिलकिस बानो का परिवार जितना हैरत में है, उतना ही डरा हुआ भी। याकूब रसूल कहते हैं कि इस बारे में पता चलने के बाद से बिलकिस मायूस है। किसी से बात नहीं कर रही है। वह कुछ भी कहने की हालत में नही है। बानो के पति याकूब रसूल ने दैनिक भास्कर से कहा था कि उनकी वजह से हम खौफ में जीते रहे। 15 घर बदले, अब कहां जाएं। पढ़ें पूरी खबर…

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