दक्षिण कोरिया में हिनामनोर चक्रवात से भारी तबाही, 20 हजार घरों की बत्ती गुल

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हाइलाइट्स

हिनामनोर चक्रवात की वजह से आये भूस्खलन और भयंकर बारिश के कारण सैकड़ों पेड़ उखड़ गए हैं
देश में आने वाला सबसे शकितशाली तूफान माना जा रहा है
बीते हफ्तों राजधानी सियोल और आस-पास के क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण 14 लोगों की मौत हो गई थी

सियोल. दक्षिण कोरिया के दक्षिणी क्षेत्रों में हिनामनोर चक्रवात से आई भारी तबाही के कारण हजारों लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया. हिनामनोर की वजह से आये भूस्खलन और भयंकर बारिश के कारण पेड़ों और सड़कों को खासा नुकसान पहुंचा है. न्यूज़ एजेंसी AP की एक खबर के अनुसार तबाही के कारण 20 हजार से अधिक घरों को अब बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है.

आंतरिक और सुरक्षा मंत्रालय के अनुसार, दक्षिणी शहर उल्सान में बारिश से आई बाढ़ के पानी में गिरने के बाद से एक 25 वर्षीय व्यक्ति लापता हो गया है. फिलहाल मंत्रालय ने इस चक्रवात के कारण कितना जान माल का नुकसान हुआ है उसका आधिकारिक आंकड़ा नहीं दिया है. साथ ही दक्षिणी शहर पोहांग में पोस्को द्वारा संचालित एक प्रमुख इस्पात संयंत्र में आग लगने की सूचना मिली थी, लेकिन यह तुरंत स्पष्ट नहीं था कि वे तूफान के कारण हुआ था की नहीं.

बाढ़ में हुई थी 14 लोगों की मौत
सरकारी अधिकारियों ने हिनामनोर द्वारा आई बाढ़, भूस्खलन और ज्वार की लहरों से संभावित नुकसान के बारे में राष्ट्र को सतर्क कर दिया है, उन्होंने कहा कि यह देश में आने वाले वर्षों में सबसे शक्तिशाली तूफान है. आपको बता दें कि राजधानी सियोल और आस-पास के क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बाढ़ आने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं प्रधानमंत्री हान डुक-सू ने बाढ़ की चपेट में आने वाले क्षेत्रों में निवासियों को निकालने के लिए सक्रिय प्रयासों का आह्वान करते हुए कहा कि हिनामनोर एक ऐतिहासिक रूप से मजबूत तूफान हो सकता है जिसे हमने पहले कभी अनुभव नहीं किया था.

दक्षिण कोरिया की मौसम एजेंसी ने कहा कि हिनामनोर भारी बारिश और 144kmh तक की हवाओं के साथ मंगलवार को पहले जेजू के दक्षिणी रिसॉर्ट द्वीप और बुसान के मुख्य भूमि बंदरगाह के पास से गुजरने के बाद खुले समुद्र की ओर बढ़ रहा था. रविवार से जेजू के मध्य भाग में तूफान ने 94 सेंटीमीटर से अधिक बारिश की, जहां हवाएं एक बार 155 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति तक पहुंच गईं थी.

Tags: Climate Change, South korea, Typhoon

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