जंतर मंतर पर धरना देंगे; बिजली एक्ट 2012 संशोधन बिल के खिलाफ विरोध जताएंगे | Farmers From Punjab Left for Delhi, Will oppose the Electricity Act-2012 amendment bill, Stage Dharna at Jantar Mantar

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जालंधर3 घंटे पहले

पंजाब के किसान कल UP से लौटे थे और आज दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। वे जंतर मंतर पर इकट्ठा होंगे और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। मोर्चा बिजली एक्ट संशोधन बिल के खिलाफ खोला जाएगा। किसान जंतर मंतर पर ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर नहीं जाएंगे, बल्कि ट्रेन, बसों और अपने निजी वाहनों से संयुक्त किसान मोर्चा की कॉल पर जा रहे हैं।

रेलवे स्टेशन पर जमा किसान

रेलवे स्टेशन पर जमा किसान

किसान नेताओं ने कहा कि जब दिल्ली से आंदोलन खत्म किया था तो केंद्र सरकार के साथ कुछ शर्तों पर समझौता हुआ था। सरकार ने उस वक्त धरना खत्म करवाने को सभी शर्तें मान ली थीं, लेकिन अब उनसे पीछे हट रही है। किसानों के साथ केंद्र सरकार का समझौता हुआ था कि बिजली एक्ट 2012 में संशोधन करके जो बिल ला रही है, वह नहीं लाया जाएगा।

केंद्र सरकार ने भी कहा था कि वह इस संशोधन एक्ट बिल को नहीं सदन में नहीं लेकर आएंगे, लेकिन केंद्र सरकार बिजली एक्ट 2012 का संशोधित बिल सदन में लेकर आ रही है। उन्होनें कहा कि केंद्र सरकार की कथनी और करनी में भारी अंतर है। खुद ही कहकर अब अपनी बात से पीछे हट रही है। इसका विरोध आज जंतर मंतर पर धरना लगा कर किया जाएगा।

भारतीय किसान यूनियन सिद्धपुर के प्रधान कुलविंदर सिंह मशियाणा ने कहा कि किसानों की कमाई दोगुणी कर देने का राग अलापने वाली केंद्र सरकार किसानों और किसानी को डुबोने पर तुली हुई है। कोरपोरेट घरानों के साथ मिलकर साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जो NPK 0.52.34 पिछले साल 150 रुपए था, वह अब 200 रुपए पहुंच गया है।

NPK 13.0.45 130 रुपए से बढ़कर 145 रूपए, NPK 19.19.19 110 से बढ़कर 160 रुपए हो गया है। पोटाश का एक गट्टा 950 रुपए का था, अब कीमत 1700 रुपए हो गई है। पिछले साल जो धान 1960 रुपए क्विंटल खरीदा गया था, इस बार 2040 रुपए रेट है, यानी किसान की फसल का एक किलो का भाव सिर्फ एक रुपया ही बढ़ा है, जबकि कोरपोरेट में उसका भाव सीधा 100 रुपए बढ़ रहा है।

कुलविंदर सिंह ने कहा कि सरकार साजिश के तहत किसानों को डुबोने की कोशिश कर रही है। इसलिए अब बिजली बिल में संशोधन करके पहले से कर्ज के बोझ तले दबे किसानों पर और बोझ डालने जा रही है। बिजली विभाग को BSNL की तर्ज पर निजी हाथों में सौंपने जा रही है। सोची समझी चाल के तहत जैसे कोरपोरेट घरानों को आगे बढ़ाया, वैसे ही बिजली विभाग में होने जा रहा।

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