चंडीगढ़ कोर्ट ने एक केस में 17 दिसंबर को पेश करने को कहा | Terrorist Jagtar Singh Hawara Chandigarh district court latest news

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चंडीगढ़एक घंटा पहले

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पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह का हत्यारा जगतार सिंह हवारा। (फाइल) - Dainik Bhaskar

पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह का हत्यारा जगतार सिंह हवारा। (फाइल)

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या मामले में दोषी बब्बर खालसा इंटरनेशनल(BKI) के आतंकी जगतार सिंह हवारा को चंडीगढ़ बुड़ैल जेल लाया जा सकता है। हवारा काफी लंबे समय से सुरक्षा कारणों से दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया है। जनवरी, 2004 में वह अपने साथियों जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भ्यौरा और एक हत्या मामले में दोषी दोषी देवी सिंह के साथ बुड़ैल जेल में 104 फीट गहरी सुरंग बना फरार हो गया था। देवी सिंह को छोड़ तीनों को पकड़ लिया गया था।

वहीं अब चंडीगढ़ जिला अदालत में एडिशनल सेशंस जज की कोर्ट ने जेल अथॉरिटी को कहा है कि यदि हवारा के खिलाफ दिल्ली की अदालतों में कोई अन्य केस लंबित नहीं है तो उसे चंडीगढ़(बुड़ैल जेल) शिफ्ट किया जाए। इससे चंडीगढ़ में उसके खिलाफ लंबित केसों की सुचारु रूप से सुनवाई हो सकेगी। बता दें कि हवारा को बेअंत सिंह हत्याकांड में आजीवन जेल की सजा दी गई थी। वहीं पंजाब में भी उसके खिलाफ केस दर्ज हुए थे।

दरअसल चंडीगढ़ कोर्ट में एक केस की सुनवाई के दौरान हवारा को न तो वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जा सका था और न ही निजी रुप से उसकी पेशी हो पाई थी। जेल अथॉरिटी सुनवाई के दौरान उसे पेश करने में असमर्थ रहीं थी। ऐसे में सरकारी वकील और हवारा के वकील ने कहा था कि उसे निजी रूप से भी पेशी पर लाया जा सकता है। वर्ष 2005 के एक मामले में हवारा के 4 अक्तूबर को प्रोडक्शन वारंट जारी किए थे।

17 दिसंबर को पेश करने के आदेश
कोर्ट ने केस की ताजा सुनवाई के दौरान कहा है कि मामले में आरोप तय को लेकर बहस सुनी जानी है। ऐसे में आरोपी का पेश होना ज़रुरी है। ऐसे में 17 दिसंबर के लिए संबंधित जेल अथॉरिटी को हवारा को पेश किए जाने के आदेश दिए गए हैं। वहीं जेल अथॉरिटी को कहा गया है कि यदि दिल्ली में उसके खिलाफ कोई अन्य केस लंबित नहीं है तो उसे चंडीगढ़ जेल में शिफ्ट किया जा सकता है।

बता दें कि हवारा के खिलाफ सेक्टर 17 पुलिस स्टेशन और सेक्टर 34 पुलिस स्टेशन में 2 FIR दर्ज की गई थी। यह देशद्रोह, आपराधिक साजिश रचने, एक्सप्लोसिव एक्ट, आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।

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