चंडीगढ़ कंज्यूमर कमीशन ने एविएशन कंपनी को ठोका हर्जाना | Chandigarh Consumer Commission latest order against aviation company

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चंडीगढ़19 मिनट पहले

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पूरी रकम लेने के बावजूद शादी वाले दिन हेलीकॉप्टर की सेवा न देने पर दिल्ली की जेट सर्व एविएशन प्राइवेट लिमिटेड को चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कमीशन ने हर्जाना भरने के आदेश दिए हैं। जारी आदेशों में इसे दुल्हे को हुई मानसिक पीड़ा के रूप में 25 हजार रुपए हर्जाना अदा करने को कहा गया है। वहीं जारी आदेशों में इस एविएशन कंपनी को कहा गया है कि शिकायतकर्ता के हेलीकॉप्टर बुकिंग के लिए दिए 4 लाख रुपए भी 9 प्रतिशत ब्याज सहित वापस करे। इसके अलावा 8 हजार रुपए अदालती खर्च के रूप में भरने के आदेश दिए गए हैं। चंडीगढ़ सेक्टर 30-बी के अमनदीप जोशी ने यह शिकायत दायर की थी।

कमीशन ने कहा कि प्रतिवदी पक्ष के निर्देशों पर शिकायतकर्ता ने हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग और टेक-ऑफ को लेकर संबंधित अथॉरिटी से आवश्यक मंजूरियां ली थी। हालांकि इसके बावजूद प्रतिवादी पक्ष सेवा प्रदान नहीं करवा सकी। इसे सेवा में कोताही और गलत व्यापारिक गतिविधियां बताया गया।

जालंधर से ऊना और फिर वापस जालंधर का रुट था
दायर शिकायत के मुताबिक अमनदीप ने अपनी शादी के लिए संबंधित कंपनी का हेलीकॉप्टर बुक किया था। 23 फरवरी, 2019 को शादी जालंधर में रखी गई थी। जालंधर से ऊना(हिमाचल प्रदेश) और ऊना से जालंधर के लिए यह बुकिंग थी। एविएशन कंपनी ने 4,20,375 रुपए का रेट कोटेशन भेजा था। इसमें उड़ान का रेट, ट्रिप प्लान और बाकी खर्चे शामिल थे।

सेफ लैंडिंग के प्रबंध किए मगर हेलीकॉप्टर ने लैंड नहीं किया
24 जनवरी, 2019 को शिकायतकर्ता ने 1 लाख रुपए एयरलोजिक एविएशन सॉल्यूशंस को दिए थे। शिकायतकर्ता ने कहा कि 20 फरवरी को उन्होंने 3 लाख रुपए और दिए। 21 फरवरी को प्रतिवादी पक्ष के कर्मियों ने हेलीकॉप्टर के सुरक्षित टेक-ऑफ और लैंडिंग के आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर लगा दिया था। इसके बावजूद 23 फरवरी को न तो हेलीकॉप्टर आया और न ही प्रतिवादी पक्ष ने उनके फोन का जवाब दिया। मामले में बाकी 20,375 रुपए सर्विस मुहैया करवाए जाने के बाद शिकायतकर्ता को देनी थी।

कंपनी की ओर से कोई पेश नहीं हुआ
शिकायतकर्ता को अपनी शादी में एविएशन कंपनी की सेवाओं में कोताही बरतने के चलते काफी दिक्कत झेलनी पड़ी। वहीं आरोपों के मुताबिक कंपनी ने उन्हें रिफंड भी नहीं किया जबकि इसे लेकर लीगल नोटिस भी भेजे गए थे। वहीं कमीशन द्वारा नोटिस भेजने के बावजूद प्रतिवादी पक्ष की ओर से कोई पेश नहीं हुआ तो उसे एक्स-पार्टे घोषित कर दिया गया था।

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