कहा- अशोक गहलोत से नहीं संभल रही घर की लड़ाई | Government is not able to handle Gehlot, will fight elections in Rajasthan on Modi’s face

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जयपुर2 घंटे पहले

धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री

राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट कांग्रेसी नेता है। कभी-कभी उनसे राम-राम हो जाती है। लेकिन अशोक गहलोत से घर की लड़ाई संभल नहीं रही। इसलिए वह बेवजह दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं। जो पूरी तरह गलत है।

राजस्थान विधानसभा चुनाव में बीजेपी के चेहरे को लेकर भी अपनी पार्टी का पक्ष रखा। प्रधान ने कहा कि नरेंद्र मोदी दुनिया का सबसे बड़ा चेहरा है। 2023 में उन्हीं के नेतृत्व में राजस्थान में विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से प्रोफेसर यशवंतराव केलकर पुरस्कार से नंदकुमार पालवे को सम्मानित किया गया।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से प्रोफेसर यशवंतराव केलकर पुरस्कार से नंदकुमार पालवे को सम्मानित किया गया।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से प्रोफेसर यशवंतराव केलकर पुरस्कार से नंदकुमार पालवे को सम्मानित किया गया।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से प्रोफेसर यशवंतराव केलकर पुरस्कार से नंदकुमार पालवे को सम्मानित किया गया।

पायलट से हो जाती है राम-राम
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री द्वारा बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। जनता ने उन्हें मैंडेट दिया है। सचिन पायलट भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता नहीं है। लेकिन फिर भी कभी-कभी अगर सचिन पायलट मिल जाते हैं। तो उनसे राम-राम हो जाती है। मैं अशोक गहलोत जी का भी सम्मान करता हूं। उनके घर के झगड़े को छुपाने के लिए वह बेवजह मुझ पर आरोप लगा रहे हैं। जिससे नाच ना जाने आंगन टेढ़ा वाली कहावत सही साबित होती है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 68 में राष्ट्रीय अधिवेशन में भारत समेत 7 देशों के 2000 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 68 में राष्ट्रीय अधिवेशन में भारत समेत 7 देशों के 2000 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए।

ड्राइवर बोला जाने वाली है कांग्रेस सरकार
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार के उल्टे दिन शुरू हो चुके हैं। प्रदेश में आम जनता ने मन बना लिया है कि कांग्रेस सरकार को आने वाले चुनाव में सबक सिखाना है। कल रात जब मैं जयपुर पहुंचा, तब टैक्सी ड्राइवर से मैंने राजस्थान सरकार को लेकर सवाल किया। तब उसने कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार जाना तय है। यह लोग बहुत बेकार है।
प्रधान ने कहा कि राजस्थान में कोई सरकार नहीं है। बल्कि, यहां आपसी लड़ाई करने वाले सत्ता लोभी लोगों का एक समूह बैठा है। इनमें आपसी रंजिश चल रही है। लगातार भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। प्रदेश की जनता ने उन्हें मेंडेड देकर सत्ता में पहुंचाया। लेकिन कांग्रेस के नेता जनता के मेंडेट का अनादर कर रहे हैं।

शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की शोभायात्रा अग्रवाल कॉलेज से शुरू होकर शहर के प्रमुख बाजारों में होती हुई अल्बर्ट हॉल पहुंची।

शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की शोभायात्रा अग्रवाल कॉलेज से शुरू होकर शहर के प्रमुख बाजारों में होती हुई अल्बर्ट हॉल पहुंची।

राजस्थान में मोदी और कमल के चेहरे पर लड़ेंगे चुनाव
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हमारी पार्टी में दुनिया का सबसे लोकप्रिय चेहरा नरेंद्र मोदी है। इसलिए राजस्थान का चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कमल के फूल के निशान पर लड़ा जाएगा। जब वसुंधरा राजे पहली बार मुख्यमंत्री बनी थी। उस वक्त वेंकैया नायडू जी ने जो हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उन्होंने राजस्थान में तब भी कमल के फूल के निशान पर चुनाव लड़ने की बात कही थी

अल्बर्ट हॉल पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का खुला अधिवेशन रखा गया। जहां राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने देश भर से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

अल्बर्ट हॉल पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का खुला अधिवेशन रखा गया। जहां राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने देश भर से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से जयपुर में 68वें राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया गया था। जिसके तीसरे दिन यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया। जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे थे। इससे पहले 25 नवंबर को उद्घाटन सत्र आयोजित किया गया था। जिसमें स्वामी रामदेव शामिल हुए थे। वहीं 26 नवंबर को जयपुर के चारदीवारी में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शोभायात्रा निकाली थी। इसके बाद अल्बर्ट हॉल पर खुला अधिवेशन आयोजित किया गया था। जिसमें एबीवीपी के मुख्य वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था।

गहलोत ने बगावत के वक्त पायलट कैंप के लोगों पर प्रधान से मिलने के आरोप लगाए थे

दरअसल, पिछले दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि उस बगावत के दौरान सचिन पायलट ने दो वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की थी। जिनमें अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान शामिल थे। उन लोगों के बीच दिल्ली में बैठक हुई थी। गहलोत ने कहा कि सचिन के साथ मौजूद विधायकों में से किसी को 5 करोड़ मिले, किसी को 10 करोड़। यह रकम दिल्ली के BJP दफ्तर से उठाई गई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सचिन पायलट कैम्प के लोगों से मिलने के लिए धर्मेंद्र प्रधान पहुंचे थे। जबकि कांग्रेस की तरफ से बातचीत के लिए भेजे गए नेताओं को मुलाकात नहीं करने दी गई।

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट खेमों के बीच जारी खींचतान राजस्थान से बाहर भी कांग्रेस में चर्चा का विषय बनी हुई है। गहलोत के पायलट को गद्दार कहने से शुरू हुआ विवाद बढ़ता ही जा रहा है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में भी गद्दार शब्द की गूंज सुनाई दे रही है।​​​​​​​ (पूरी खबर पढ़ें)

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