एनपीएस में जमा रकम राज्य को नहीं देगा पेंशन कोष नियामक | Pension fund regulator will not give the amount deposited in NPS to the state

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नई दिल्ली4 घंटे पहले

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राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और पंजाब में फिर से लागू की गई पुरानी पेंशन स्कीम की राह में पेच फंस गया है। पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने कहा है कि नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के तहत जमा कर्मचारियों की रकम राज्यों को ट्रांसफर करना संभव नहीं है।

राजस्थान व पंजाब ने केंद्र से एनपीएस के तहत कर्मियोें की ओर से अब तक जमा की जा चुकी राशि लौटाने की मांग की थी। नियामक ने राज्य सरकारों को कहा है कि एनपीएस के तहत कर्मचारियों की जमा बचत पर उनका दावा कानूनी रूप से मान्य नहीं है।

कई राज्यों में कर्मचारी एनपीएस का विरोध कर रहे हैं। इसका कारण यह है कि पुरानी पेंशन योजना में कर्मी की आखिरी बेसिक सैलरी की 50% पेंशन दी जाती थी। इसमें एक निश्चित पेंशन मिलती थी। इसके अलावा डीए जुड़ता था। वही, 1 अप्रैल 2004 से लागू एनपीएस में सैलरी से 10% हिस्सा पेंशन के लिए कटता है।

इसके अलावा राज्य सरकार 14% योगदान देती है। पेंशन का ये पूरा पैसा पेंशन नियामक के पास जमा होता है, जो इसे बाजार में निवेश करता है। रिटायरमेंट के समय कर्मचारी चाहे तो 60% तक जमा राशि निकाल सकता है। 40% जमा रहती है। निवेश किए इस पैसे से होने वाले मुनाफे को पेंशन के रूप में दिया जाता है।

हिमाचल के बाद गुजरात में बना मुद्दा: कांग्रेस व आप हिमाचल के बाद अब गुजरात में पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने का मुद्दा जोरशोर से उठा रही हंै। पेंशन नियामक के इस जवाब से दोनों दलों को झटका लगा है। वहीं, इसे हटाने वाली भाजपा को राहत मिलेगी।

टैक्स में छूट के कारण पैसा ट्रांसफर करना संभव नहीं

विशेषज्ञों के अनुसार कानूनी फ्रेमवर्क कर्मियों के फंड को नियोक्ताओं को ट्रांसफर करने की अनुमति नहीं देता है। इसका कारण यह है कि एनपीएस में टैक्स छूट मिलती है। इसके अलावा जमा राशि में कर्मचारियों और सरकार दोनों का योगदान शामिल है।

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