एनआईटी क्षेत्र में एयरफोर्स मोड़ के पास बने सात फिट नाले में गिरने से 11 साल के बच्चे की मौत | 11-year-old child died after falling into a seven-fit drain near Airforce Mod in NIT area

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फरीदाबाद8 घंटे पहले

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शनिवार की रात करीब साढ़े नौ बजे कुछ सामान लेने निकला था, दो बहनों में था अकेला भाई।( कुणाल की फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

शनिवार की रात करीब साढ़े नौ बजे कुछ सामान लेने निकला था, दो बहनों में था अकेला भाई।( कुणाल की फाइल फोटो)

  • घटनास्थल पर रोड लाइट तक की नहीं है व्यवस्था, कूड़ा बिनने वालों ने शोर मचाया, जमा हो गई लोगों की भीड़

नगर निगम की लापरवाही से एक और जान चली गई। एनआईटी के एयरफोर्स मोड़ के पास खुले सात फिट गहरे व 15 फिट लंबे नाले में गिरकर 11 वर्षीय बच्चा कुणाल की जान चली गई। वह दो बहनों में अकेला भाई थी। शनिवार की रात करीब साढ़े नौ बजे मां से पूछकर कोई सामान लेने चौक पर गया था। अचानक पैर फिसलने से वह नाले में समा गया।

घटनास्थल पर जमा लोगों की भीड़, खुला पड़ा नाला

घटनास्थल पर जमा लोगों की भीड़, खुला पड़ा नाला

अंधेरा होने के कारण किसी को बच्चे के गिरने की जानकारी तक नहीं हुई। अचानक एक कूड़ा बिनने वाला वहां से गुजर रहा था तो उसने बच्चे का हाथ ऊपर देखा। उसने खींचने का प्रयास किया लेकिन निकाल नहीं पाया। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को निकाला जा सका। तब तक उसकी जान जा चुकी थी। इस घटना से नाराज लोगों ने रविवार को जाम लगा दिया और स्थानीय विधायक, पार्षद और जिम्मेदार निगम अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। हैरानी की बात ये है कि इतना बड़ा नाला होने के बाद भी न तो वहां कोई बैरिगेट लगा है और न ही कोई जाल। घटनाओं पर नजर डालें तो निगम की लापरवाही से अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है। उधर निगम के चीफ इंजीनियर बीके कर्दम का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जिसकी जिम्मेदारी है उसकी जवाबदेही तय की जाएगी और कार्रवाई भी होगी। उन्हांेने माना कि घटनास्थल पर सेफ्टी वॉल बनाना चाहिए था।

एयरफोर्स चौक के पास घटना से नाराज लोगों ने लगाया जाम

एयरफोर्स चौक के पास घटना से नाराज लोगों ने लगाया जाम

बच्चे के डूबने की ऐसे हुई घटना

मूलरूप से राजस्थान के भरतपुर जिला निवासी अर्जुन सिंह ट्रक ड्राइवर हैं। वह परिवार के साथ एनआईटी के जवाहर कॉलोनी में किराए पर रहते हैं। उनकी दो बेटियां और एक बेटा कुणाल था। वह ट्रक लेकर यूपी के रामपुर गए थे। घर में पत्नी और बच्चे थे। शनिवार की रात करीब साढ़े नौ बजे 11 वर्षीय बेटा कुणाल कुछ सामान लेने मां से पूछकर गया लेकिन वापस नहीं लौटा। एयरफोर्स मोड़ के बगल मंे खुला सात फुट के गहरे नाले में पैर फिसल गया और उसकी मौत हो गयी। परिजनों के मुताबिक घटनास्थल पर कोई लाइट तक नहीं है। वहां शाम होते ही अंधेरा छा जा जाता है।

बीके अस्पताल मोर्चरी के सामने बेटे का शव लेने के इंतजार में बैठी बेशुध मां

बीके अस्पताल मोर्चरी के सामने बेटे का शव लेने के इंतजार में बैठी बेशुध मां

एक घंटे की मशक्कत के बाद निकाला गया शव

मृतक बच्चे के मामा बंटी ने बताया कि उनका भांजा गहरे नाले में गिर गया था लेकिन किसी को पता ही नहीं चला। क्योंकि वहां अंधेरा था और किसी ने देखा भी नहीं। इसी दौरान वहां एक कूड़ा बिनने वाला आया। उसने नाले में एक बच्चे का हाथ दिखाई दिया। शोर मचाकर उसने बच्चे का हाथ पकड़कर निकालने का प्रयास किया लेकिन हाथ फिसल गया। शोर सुनकर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई। मौके पर पुलिसकर्मी पहुंच भी गए लेकिन कोई नाले में गिरे बच्चे को निकालने का साहस नहीं कर पाया।

नाले में गिरे कुणाल के शव को बाहर निकालने वाले रामेश्वर व अभिषेक गोस्वामी

नाले में गिरे कुणाल के शव को बाहर निकालने वाले रामेश्वर व अभिषेक गोस्वामी

दो लोगों ने जान पर खेलकर नाले से निकाला शव

शोर सुनकर मौके पर पहुंचे अभिषेक गोस्वामी और रामेश्वर ने जान पर खेलकर कमर में रस्सी बांधकर नाले में कूद गए। काफी देर की मशक्कत के बाद बच्चे का शव नाले से निकाल पाए। रामेश्वर चौराहे से कुछ दूरी पर ही रेहड़ी लगाता है। जबकि अभिषेक गौरक्षा से जुड़े हुए हैं। दोनों ने बताया कि मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ थी। लोगों का आरोप है कि पुलिस और फायर बिग्रेड के जवान मूकदर्शक बने रहे। नाले से निकालकर बच्चे को रात में बीके अस्पताल लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

विधायक, पार्षद व निगम अफसरों पर दर्ज हो केस

बच्चे के पिता अर्जुन सिंह का कहना है कि इस घटना के लिए स्थानीय विधायक, निगम पार्षद और निगम अधिकारी जिम्मेदार हैं। इन सभी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज होना चाहिए ताकि किसी और के बच्चे की इन लोगों की लापरवाही से जान न जाए। रविवार सुबह अस्पताल पहुंचे पूर्व विधायक नगेंद्र भड़ाना और पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर मुकेश शर्मा की लेागों ने खूब खरी खोटी सुनाई। पूछा रात में कहां थे जब मदद की जरूरत थी। अब यहां फोटो खिंचवाने आ गए।

निगम की लापरवाही से गई इन लोगों की जान

9 अप्रैल- सेक्टर 56 के पास खुले सीवर के मेन होल में गिरने से हरीश उर्फ हन्नी की मौत।

29 सितंबर- पल्ला के शिव कॉलोनी निवासी बबलू की निगम ठेकेदार द्वारा कराई गई खुदाई के पानी भरे गड्‌ढे में गिरने से मौत।

9 अक्टूबर- सेक्टर 21सी में सड़क पर भरे पानी में गिरने से मेवला महराजपुर निवासी उपेंद्र तिवारी की मौत।

2 अक्टूबर- नंगला एंक्लेव पार्ट दो निवासी योगेश की बाइक गली नंबर सात में मेनहोल में घुसी, जबड़ा टूटा।

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