अब भारत जोड़ो यात्रा में भी छाया राजस्थान कांग्रेस का विवाद | Ashok Gehlot, Sachin Pilot Controversy| Rahul Gandhi Bharat Jodo Yatra Rajasthan

0
16

  • Hindi News
  • National
  • Ashok Gehlot, Sachin Pilot Controversy| Rahul Gandhi Bharat Jodo Yatra Rajasthan

4 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

राजस्थान कांग्रेस का विवाद अब भारत जोड़ो यात्रा पर भी किसी न किसी रूप में छाया हुआ है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश जो यात्रा में लगातार राहुल गांधी के साथ चल रहे हैं वे भी कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को वह नहीं बोलना था जो वे बोल गए। बात रविवार की है जब यात्रा इंदौर में थी।

जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी को गहलोत और युवा नेता सचिन पायलट दोनों की ज़रूरत है, क्योंकि एक बहुत अनुभवी हैं और दूसरे युवा तुर्क हैं। फिर भी गहलोत को उन शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना था। मैं खुद वे शब्द सुनकर आश्चर्यचकित हूँ। जयराम रमेश ने राजस्थान विवाद को लेकर पहली बार कुछ बातें स्पष्ट कहीं जिनसे कुछ स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा- राजस्थान के मामले में पार्टी नेतृत्व गंभीर सोच- विचार कर रहा है। यह भी कहा कि मैं समय तो नहीं बता सकता, लेकिन इस मामले में कुछ कठोर निर्णय ज़रूर लिए जाएँगे। कठोर निर्णय का सीधा-सा मतलब तो यही है कि वह गहलोत ख़ेमे के खिलाफ होगा। ये निर्णय किस स्तर के होंगे, यह अभी साफ़ नहीं है।

दरअसल, गहलोत ख़ेमे के विधायकों के इस्तीफ़े अब तक विधानसभा अध्यक्ष के पास रखे हैं। ऐसे में राजस्थान में सरकार का नेतृत्व बदलने का निर्णय लिया गया तो ये तमाम इस्तीफ़े स्वीकार भी किए जा सकते हैं।

ऐसा हुआ तो सरकार समय से पहले गिर भी सकती है। कम से कम इस समय जब राज्य विधानसभा के चुनावों को पूरा एक साल भी नहीं बचा है, तब पार्टी अपनी सरकार गँवाना तो नहीं ही चाहेगी।

गहलोत के दबंग बयान भी यही कह रहे हैं कि उनके पास विधायकों के इस्तीफ़ों का तुरुप का इक्का है, ऐसे में उनकी सरकार का कोई कुछ भी बिगाड़ नहीं सकता। हालाँकि पार्टी नेतृत्व को गहलोत की यह दबंगई रास नहीं आ रही है, लेकिन आलाकमान ऐसी सूरत में कोई रिस्क नहीं लेना चाहता।

बहरहाल, इतना तय है कि राहुल गांधी की यात्रा के राजस्थान प्रवेश से पहले मामला सुलझाया नहीं गया तो विवाद तो बढ़ने ही वाला है। हो सकता है यह समाधान फ़िलहाल यह ही हो कि सचिन पायलट ख़ेमे को यात्रा गुजरने तक शांत रहने को कहा जाए और वे शांत रह भी जाएँ।

हालाँकि जिस तरह के खुल्लम-खुल्ला बयान दिए जा रहे हैं, उनसे शांति की कोई गुंजाइश दिखाई तो नहीं देती, लेकिन उम्मीद तो की ही जा सकती है।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के बुरहानपुर के पास भारत जोड़ो यात्रा में जैसे ही सचिन पायलट दिखाई दिए, गहलोत ने बम फोड़ दिया था। दरअसल, गहलोत ने सचिन के बारे में एक इंटरव्यू में कहा था कि वो ग़द्दार हैं, उन्हें राजस्थान का मुख्यमंत्री कैसे बनाया जा सकता है?

खबरें और भी हैं…

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here